पालकोट बाजार में लगा ‘अदालत आपके द्वार’ शिविर, ग्रामीणों को मिली निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी

पालकोट बाजार में लगा ‘अदालत आपके द्वार’ शिविर, ग्रामीणों को मिली निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी

author Rohit Kumar Sahu
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#पालकोट #कानूनी_जागरूकता : ग्रामीणों को योजनाओं और न्यायिक अधिकारों की दी गई जानकारी।

गुमला जिले के पालकोट बाजार में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में चलंत लोक अदालत सह “अदालत आपके द्वार” कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं, लोक अदालत और निःशुल्क कानूनी सहायता से जुड़ी जानकारी दी गई। पीएलवी सदस्यों ने लोगों को विभिन्न कानूनी समस्याओं के समाधान और न्याय पाने की प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों तक न्याय और सरकारी सुविधाओं की पहुंच सुनिश्चित करना था।

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  • पालकोट बाजार में चलंत लोक अदालत सह “अदालत आपके द्वार” कार्यक्रम आयोजित।
  • ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं और निःशुल्क कानूनी सहायता की जानकारी दी गई।
  • जिला विधिक सेवा प्राधिकार गुमला के मार्गदर्शन में हुआ आयोजन।
  • लोक अदालत के माध्यम से त्वरित एवं सुलभ न्याय की प्रक्रिया समझाई गई।
  • पीएलवी सदस्यों ने ग्रामीणों को कानूनी अधिकारों के प्रति किया जागरूक।
  • महिलाओं, मजदूरों और जरूरतमंद लोगों को सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।

गुमला जिले के पालकोट बाजार में सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) गुमला की ओर से चलंत लोक अदालत सह “अदालत आपके द्वार” कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों तक न्यायिक सेवाओं और सरकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाना था, ताकि जरूरतमंद और गरीब लोग अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें। कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए और विभिन्न योजनाओं एवं कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़ी जानकारी प्राप्त की।

ग्रामीणों को दी गई सरकारी योजनाओं की जानकारी

कार्यक्रम में उपस्थित टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों को सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। लोगों को बताया गया कि योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए संबंधित विभागों में सही तरीके से आवेदन करना आवश्यक है।

इस दौरान शंभू सिंह, रविंद्र सिंह, डीएनए अवतार, पीएलवी राजू साहू, बीना कुमारी एवं गौतम कुमार सिंह ने ग्रामीणों को योजनाओं से जुड़ी प्रक्रियाओं के बारे में विस्तार से समझाया।

टीम ने लोगों को यह भी बताया कि यदि किसी व्यक्ति को योजना का लाभ नहीं मिल रहा है या किसी प्रकार की प्रशासनिक समस्या हो रही है, तो वे संबंधित विभाग और विधिक सेवा प्राधिकार की मदद ले सकते हैं।

निःशुल्क कानूनी सहायता के प्रति किया गया जागरूक

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को यह बताना था कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद कोई भी व्यक्ति न्याय पाने से वंचित नहीं रहेगा। पीएलवी सदस्यों ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार जरूरतमंद लोगों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराता है।

ग्रामीणों को जानकारी दी गई कि पारिवारिक विवाद, जमीन विवाद, महिला उत्पीड़न, मजदूरी संबंधी समस्या या अन्य कानूनी मामलों में वे डालसा गुमला से संपर्क कर सकते हैं।

कार्यक्रम में उपस्थित पीएलवी सदस्यों ने कहा: “न्याय सभी नागरिकों का अधिकार है और गरीब एवं असहाय लोगों को भी समान रूप से कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।”

उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी प्रकार की समस्या होने पर वे कानूनी प्रक्रिया से घबराएं नहीं, बल्कि सहायता प्राप्त करें।

लोक अदालत के महत्व पर हुई चर्चा

कार्यक्रम में लोक अदालत की भूमिका और महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की गई। ग्रामीणों को बताया गया कि लोक अदालत के माध्यम से कम समय में सरल और सुलभ तरीके से विवादों का समाधान किया जा सकता है।

टीम ने कहा कि लोक अदालतों के जरिए छोटे-छोटे विवाद आपसी सहमति से निपटाए जाते हैं, जिससे लोगों का समय और धन दोनों बचता है। ग्रामीणों ने भी कार्यक्रम में रुचि दिखाते हुए कई सवाल पूछे, जिनका टीम द्वारा समाधान किया गया।

न्याय को गांव तक पहुंचाने की पहल

“अदालत आपके द्वार” कार्यक्रम के माध्यम से न्यायिक व्यवस्था को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार का उद्देश्य है कि दूरदराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोग भी अपने अधिकारों और कानून की जानकारी प्राप्त कर सकें।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने कहा कि इस तरह के शिविरों से उन्हें कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलती हैं, जो सामान्य रूप से गांवों तक नहीं पहुंच पातीं। लोगों ने ऐसे कार्यक्रमों को नियमित रूप से आयोजित करने की मांग भी की।

न्यूज़ देखो: जागरूकता से ही मजबूत होगा न्याय का अधिकार

ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता की कमी के कारण कई लोग अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में “अदालत आपके द्वार” जैसे कार्यक्रम लोगों को न्याय और सरकारी योजनाओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। जरूरत इस बात की है कि ऐसी पहल केवल औपचारिकता न बनकर नियमित अभियान के रूप में चलती रहे, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित हो सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक नागरिक ही मजबूत समाज की पहचान

जब लोगों को अपने अधिकारों और कानून की जानकारी होती है, तभी समाज में न्याय और समानता मजबूत होती है। गांव-गांव तक कानूनी जागरूकता पहुंचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।
अपने अधिकारों को जानें, जरूरतमंद लोगों को जानकारी दें और अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने का साहस रखें।
यदि आपके आसपास कोई व्यक्ति कानूनी सहायता या सरकारी योजना से वंचित है, तो उसकी मदद के लिए आगे आएं।
इस खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक साझा करें, अपनी राय कमेंट करें और जागरूक समाज निर्माण की इस पहल का हिस्सा बनें।

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Written by

पालकोट, गुमला

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