#गुमला #विधिक_जागरूकता : डालसा गुमला द्वारा आयोजित शिविर में ग्रामीणों को कानूनी अधिकार, मुआवजा योजना और मुफ्त सहायता की दी गई जानकारी।
गुमला जिले के पालकोट प्रखंड अंतर्गत बाघिमा गांव में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) द्वारा विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ग्रामीणों को मोटर दुर्घटना मुआवजा, पोक्सो एक्ट, चलंत लोक अदालत एवं निशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।
- बाघिमा गांव में आयोजित हुआ विधिक जागरूकता शिविर।
- डालसा गुमला के मार्गदर्शन में कार्यक्रम का आयोजन।
- ग्रामीणों को मुफ्त कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी दी गई।
- मोटर दुर्घटना मुआवजा और पोक्सो एक्ट पर विशेष चर्चा।
- चलंत लोक अदालत की प्रक्रिया से भी कराया गया अवगत।
- पंचायत प्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे उपस्थित।
पालकोट प्रखंड अंतर्गत बाघिमा पंचायत के बाघिमा गांव में शुक्रवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) गुमला के सचिव रामकुमार लाल गुप्ता के मार्गदर्शन में विधिक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों एवं सरकारी सहायता योजनाओं के प्रति जागरूक करना था।
शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों और योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान लोगों को यह बताया गया कि जरूरत पड़ने पर वे किस प्रकार मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
मुआवजा और कानूनी सहायता योजनाओं की दी जानकारी
कार्यक्रम में एलएडीसी बुंदेश्वर गोप, पीएलवी राजू साहू एवं बिना कुमारी ने ग्रामीणों को मोटर दुर्घटना में मिलने वाले मुआवजे के संबंध में जानकारी दी।
इसके अलावा पोक्सो एक्ट के तहत पीड़ितों को मिलने वाली सहायता राशि एवं कानूनी संरक्षण के बारे में भी विस्तारपूर्वक बताया गया।
ग्रामीणों को चलंत लोक अदालत की प्रक्रिया और उसके लाभों से भी अवगत कराया गया, ताकि छोटे-छोटे विवादों का त्वरित समाधान हो सके।
मुफ्त कानूनी सहायता के लिए किया जागरूक
शिविर में डालसा गुमला द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली निशुल्क कानूनी सहायता योजनाओं की भी जानकारी दी गई। लोगों को बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिलाएं, बच्चे और जरूरतमंद व्यक्ति मुफ्त कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी कानूनी समस्या या अन्याय की स्थिति में वे कानून का सहारा लेने से न डरें।
पंचायत प्रतिनिधि और ग्रामीण रहे मौजूद
कार्यक्रम में पंचायत सचिव राजकुमार पुरी, मुखिया जैस्मीन टेटे, उपमुखिया अजय सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
शिविर के माध्यम से ग्रामीणों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होने और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी सहायता लेने के लिए प्रेरित किया गया।

न्यूज़ देखो: ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता बेहद जरूरी
ग्रामीण इलाकों में कई लोग अपने अधिकारों और कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी के अभाव में न्याय से वंचित रह जाते हैं। ऐसे जागरूकता शिविर लोगों को सशक्त बनाने और न्याय तक उनकी पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
कानून की जानकारी हर नागरिक का अधिकार
मुफ्त कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी जरूरी है।
ग्रामीणों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए।
चलंत लोक अदालत विवाद समाधान का आसान माध्यम है।
पोक्सो और मुआवजा योजनाओं की जानकारी समाज के लिए महत्वपूर्ण है।
कानूनी जागरूकता से न्याय व्यवस्था मजबूत होती है।
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