नीट-यूजी 2026 में कथित पेपर लीक पर अभाविप ने उठाए सवाल, केंद्रीय जांच की मांग तेज

नीट-यूजी 2026 में कथित पेपर लीक पर अभाविप ने उठाए सवाल, केंद्रीय जांच की मांग तेज

author Avinash Kumar
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#गढ़वा #नीट_परीक्षा : परीक्षा पारदर्शिता और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर उठी चिंता।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों पर गंभीर चिंता जताई है। अभाविप के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रिंस कुमार सिंह ने पूरे मामले की केंद्रीय एजेंसियों से निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। संगठन का कहना है कि परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है। अभाविप ने दोषियों पर कठोर कार्रवाई और परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग दोहराई है।

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  • अभाविप ने नीट-यूजी 2026 में कथित अनियमितताओं पर जताई चिंता।
  • प्रिंस कुमार सिंह ने केंद्रीय एजेंसियों से निष्पक्ष जांच की मांग की।
  • परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता बनाए रखने पर दिया गया जोर।
  • दोषियों एवं परीक्षा माफियाओं पर कठोर कार्रवाई की उठी मांग।
  • राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी से पारदर्शिता बनाए रखने की अपील।
  • विद्यार्थियों के हित में आवाज बुलंद रखने की बात कही गई।

गढ़वा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की ओर से नीट-यूजी 2026 परीक्षा में सामने आ रही कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की गई है। संगठन ने कहा कि देश की महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षाओं की विश्वसनीयता और गोपनीयता पर उठ रहे सवाल बेहद चिंताजनक हैं। अभाविप ने पूरे मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराने की मांग की है।

विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए

अभाविप के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य प्रिंस कुमार सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि लाखों विद्यार्थी वर्षों की मेहनत और संघर्ष के बाद नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में शामिल होते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा से जुड़ी गोपनीय जानकारी कुछ लोगों तक पहले पहुंचती है, तो यह मेहनती विद्यार्थियों के साथ अन्याय है।

उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना सरकार और संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है। किसी भी प्रकार की लापरवाही या भ्रष्टाचार विद्यार्थियों के विश्वास को कमजोर करता है।

प्रिंस कुमार सिंह ने कहा: “यदि परीक्षा से पूर्व प्रश्नपत्र अथवा उससे जुड़े प्रश्न कुछ लोगों तक पहुंचे हैं, तो यह केवल परीक्षा प्रणाली पर आघात नहीं बल्कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है।”

उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाना चाहिए।

केंद्रीय एजेंसियों से जांच कराने की मांग

अभाविप ने केंद्र सरकार से मांग की है कि पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसियों से कराई जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके। संगठन ने कहा कि यदि किसी स्तर पर परीक्षा माफिया, दलाल या अन्य लोग शामिल पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।

संगठन ने यह भी मांग की कि जांच प्रक्रिया पूरी होने तक राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) विद्यार्थियों और अभिभावकों के सामने पूरे मामले में पारदर्शिता बनाए रखे और तथ्यों को स्पष्ट करे।

परीक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर

अभाविप ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में तकनीकी सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा, प्रश्नपत्र की गोपनीयता और जवाबदेही व्यवस्था को और प्रभावी बनाना आवश्यक है।

प्रिंस कुमार सिंह ने कहा कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है, क्योंकि यह सीधे तौर पर देश के युवाओं और उनके भविष्य से जुड़ा विषय है।

विद्यार्थियों के हित में संघर्ष जारी रखने की बात

अभाविप ने कहा कि वह विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए लगातार आवाज उठाती रही है और आगे भी उठाती रहेगी। संगठन ने विद्यार्थियों और अभिभावकों को आश्वस्त किया कि परीक्षा व्यवस्था में न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित कराने के लिए परिषद हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी।

संगठन ने युवाओं से अपील की कि वे अफवाहों से बचें और आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। साथ ही सरकार और संबंधित एजेंसियों से भी निष्पक्ष कार्रवाई की अपेक्षा जताई गई।

न्यूज़ देखो: पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था युवाओं के भविष्य की बुनियाद

देश की प्रतियोगी परीक्षाएं केवल एक परीक्षा नहीं बल्कि लाखों युवाओं के सपनों और भविष्य से जुड़ी होती हैं। ऐसे में किसी भी प्रकार की कथित अनियमितता या पेपर लीक की खबर युवाओं के विश्वास को गहरा आघात पहुंचाती है। जरूरत है कि जांच निष्पक्ष और पारदर्शी हो, ताकि विद्यार्थियों का भरोसा कायम रहे और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

मेहनत करने वाले विद्यार्थियों का विश्वास टूटना नहीं चाहिए

हर छात्र अपने भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत करता है। परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखना पूरे समाज की जिम्मेदारी है। युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सजग रहें, सही जानकारी साझा करें और शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में सकारात्मक सोच रखें।
इस खबर पर अपनी राय कमेंट करें, इसे अधिक से अधिक विद्यार्थियों और अभिभावकों तक पहुंचाएं तथा निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था के समर्थन में अपनी आवाज बुलंद करें।

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