#गुमला #दुर्घटना : खेत में पटवन करते समय करंट की चपेट में आने से किसान की मौत हुई।
गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में किसान की करंट लगने से मौत हो गई। बांस टोली निवासी 59 वर्षीय रामजतन उरांव अपने खेत में पटवन कर रहे थे, तभी उनका पशु बिजली तार की चपेट में आ गया। पशु को बचाने के प्रयास में वे भी करंट की चपेट में आ गए और घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई। घटना से गांव में शोक का माहौल है।
- रामजतन उरांव (59 वर्ष) की करंट लगने से मौके पर मौत।
- बांस टोली, सिसई थाना क्षेत्र की घटना, खेत में पटवन के दौरान हादसा।
- पशु को बचाने के प्रयास में बिजली तार के संपर्क में आए किसान।
- सूचना पर एएसआई दयाल सिंह मुंडा टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
- शव को सदर अस्पताल गुमला भेजा गया पोस्टमार्टम के लिए।
- घटना के बाद परिवार व गांव में शोक की लहर।
गुमला जिले के सिसई थाना क्षेत्र अंतर्गत बांस टोली गांव में सोमवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई, जहां एक किसान की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान 59 वर्षीय रामजतन उरांव के रूप में हुई है, जो अपने खेत में सब्जी की पटवन कर रहे थे।
पशु को बचाने की कोशिश बनी जानलेवा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रामजतन उरांव अपने खेत में सिंचाई कार्य कर रहे थे और साथ ही अपने पशु को नदी किनारे चराने के लिए ले गए थे। इसी दौरान पशु अचानक बिजली के खुले तार के संपर्क में आ गया और तड़पने लगा।
पशु को तड़पता देख रामजतन उसे बचाने के लिए दौड़े, लेकिन इसी प्रयास में वे खुद भी करंट की चपेट में आ गए। तेज करंट के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
यह घटना न केवल एक परिवार के लिए बल्कि पूरे गांव के लिए गहरा सदमा बनकर सामने आई है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही सिसई थाना पुलिस सक्रिय हुई। एएसआई दयाल सिंह मुंडा एवं नरेंद्र सरदार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया: “प्रथम दृष्टया मामला करंट लगने से मौत का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
गांव में पसरा मातम, परिवार का रो-रोकर बुरा हाल
इस दुखद घटना के बाद मृतक के परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में शोक का माहौल है और लोग इस घटना से स्तब्ध हैं।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि खेतों और ग्रामीण इलाकों में खुले बिजली तार अक्सर हादसों का कारण बनते हैं, लेकिन इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जाता।
बिजली व्यवस्था पर उठे सवाल
इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खुले तार और लापरवाही भरे रखरखाव के कारण आए दिन ऐसे हादसे सामने आते हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि
- खुले और जर्जर तारों की जांच की जाए
- बिजली लाइनों की नियमित निगरानी हो
- ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं
न्यूज़ देखो: लापरवाही की कीमत या व्यवस्था की कमी?
यह घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि ग्रामीण बिजली व्यवस्था की खामियों को उजागर करती है। सवाल यह है कि आखिर कब तक लोग इस तरह की लापरवाही की कीमत अपनी जान देकर चुकाते रहेंगे? क्या बिजली विभाग समय रहते सुधार करेगा? हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सतर्कता ही जीवन की सुरक्षा का सबसे बड़ा साधन
जीवन अनमोल है और छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी दुर्घटना में बदल सकती है। खेतों या खुले इलाकों में काम करते समय बिजली के तारों से विशेष सावधानी बरतना जरूरी है।
यदि आप अपने आसपास कहीं भी खुले या टूटे बिजली तार देखें, तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें।
अपनी राय कमेंट करें, खबर को शेयर करें और जागरूकता फैलाकर ऐसी घटनाओं को रोकने में अपना योगदान दें।

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