
#लावालौंग #चतरा #माताशबरीपूजा : यज्ञशाला परिसर में श्रद्धापूर्वक आयोजन संपन्न हुआ।
चतरा जिले के लावालौंग प्रखंड स्थित यज्ञशाला परिसर में माता शबरी की पूजा पूरे विधि विधान के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम में भुइयां समाज की बड़ी भागीदारी देखने को मिली। वैदिक मंत्रोच्चार, भजन कीर्तन और सामूहिक प्रार्थना के बीच श्रद्धालुओं ने सुख समृद्धि की कामना की। जनप्रतिनिधियों ने समाज में एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को मजबूत करने का संदेश दिया।
- यज्ञशाला परिसर, लावालौंग में माता शबरी पूजा का आयोजन।
- भुइयां समाज की बड़ी संख्या में सहभागिता।
- वैदिक मंत्रोच्चार और भजन कीर्तन से भक्तिमय माहौल।
- संतोष राम, नेमन भारती, राजेंद्र भारती, बिहारी भारती सहित गणमान्य लोग उपस्थित।
- अंत में प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम शांतिपूर्वक संपन्न।
लावालौंग प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत यज्ञशाला परिसर में माता शबरी की पूजा पूरे विधि विधान और श्रद्धा भाव के साथ धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर भुइयां समाज के लोगों की उल्लेखनीय भागीदारी रही, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और सामाजिक एकजुटता के भाव से ओतप्रोत नजर आया। आयोजन ने धार्मिक आस्था के साथ सामुदायिक समरसता का भी संदेश दिया।
वैदिक मंत्रोच्चार से गूंजा यज्ञशाला परिसर
पूजा कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ की गई। श्रद्धालुओं ने माता शबरी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर सुख, शांति और समाज की उन्नति की कामना की। पूजा-अर्चना के दौरान श्रद्धालु पूरे श्रद्धाभाव से शामिल हुए और सामूहिक रूप से मंगलकामना की।
यज्ञशाला परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। रंग-बिरंगी सजावट और धार्मिक प्रतीकों ने आयोजन की भव्यता को और बढ़ा दिया। पूरे परिसर में भक्ति का माहौल देखने लायक था।
भजन-कीर्तन में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी
कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन का भी आयोजन किया गया। इसमें महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। भक्ति गीतों की प्रस्तुति से वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। सामूहिक भजन के दौरान उपस्थित श्रद्धालु माता शबरी के जयकारों से परिसर को गुंजायमान करते रहे।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और लोगों को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं।
जनप्रतिनिधियों ने दिया एकता का संदेश
कार्यक्रम में हेडुम पंचायत के मुखिया संतोष राम, लावालौंग मुखिया नेमन भारती, समाजसेवी राजेंद्र भारती, बिहारी भारती समेत दर्जनों गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
मुखिया संतोष राम ने कहा:
“माता शबरी का जीवन हमें भक्ति, समर्पण और सादगी की प्रेरणा देता है। हमें उनके आदर्शों को अपनाकर समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करना चाहिए।”
लावालौंग मुखिया नेमन भारती ने भी समाज के लोगों से आपसी सहयोग और सांस्कृतिक परंपराओं को जीवित रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करते हैं।
प्रसाद वितरण के साथ समापन
पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने प्रसाद ग्रहण कर माता शबरी का आशीर्वाद लिया।
आयोजन समिति के सदस्यों ने जानकारी दी कि प्रत्येक वर्ष माता शबरी पूजा का आयोजन सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं को संरक्षित रखने के उद्देश्य से किया जाता है। इस वर्ष भी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
न्यूज़ देखो: परंपरा और सामाजिक एकजुटता का संगम
लावालौंग में आयोजित माता शबरी पूजा ने यह स्पष्ट किया कि धार्मिक आयोजन केवल आस्था तक सीमित नहीं होते, बल्कि वे सामाजिक एकता और सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करते हैं। भुइयां समाज की सक्रिय भागीदारी ने सामुदायिक शक्ति का परिचय दिया। ऐसे आयोजन ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक संवाद और आपसी सहयोग को बढ़ावा देते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
आस्था के साथ सामाजिक जिम्मेदारी भी निभाएं
माता शबरी की भक्ति हमें सादगी, समर्पण और धैर्य का संदेश देती है।
धार्मिक आयोजन तभी सार्थक होते हैं जब वे समाज को जोड़ने का कार्य करें।
आइए, हम अपनी परंपराओं को संजोते हुए आपसी भाईचारे को और मजबूत करें।
सांस्कृतिक धरोहर को बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
आपके क्षेत्र में ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन कितने प्रभावी हैं?
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