#लातेहार #धमकी_कांड : कई घरों को बाहर से बंद कर ग्रामीणों में फैलाया गया भय।
लातेहार जिले के बारियातू थाना क्षेत्र स्थित डाढ़ा डुमरा गांव में सोमवार अहले सुबह एक रहस्यमयी घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत फैल गई। अज्ञात लोगों ने रातों-रात कई घरों के बाहर ताला और कुण्डी लगा दी, जबकि एक परिवार को धमकी भरा पत्र भी मिला। सूचना मिलने पर पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और परिवार को बाहर निकालकर जांच शुरू की। घटना के बाद गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है।
डाढ़ा डुमरा गांव में कई घरों को बाहर से बंद किया गया।
नरेश उरांव के घर के बाहर मिला धमकी भरा पत्र।
पत्र में “सोमा मुंडा जैसा हाल” करने की चेतावनी लिखी गई।
सूचना पर बारियातू थाना पुलिस और डायल 112 टीम पहुंची।
ग्रामीणों में भय और तनाव, सुरक्षा की मांग तेज।
पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी, संदिग्धों की तलाश जारी।
लातेहार जिले के बारियातू थाना क्षेत्र अंतर्गत डाढ़ा डुमरा गांव सोमवार सुबह अचानक दहशत और अफरा-तफरी के माहौल में बदल गया। गांव के कई घरों के बाहर अज्ञात लोगों द्वारा रातों-रात ताला और कुण्डी लगाए जाने की घटना ने ग्रामीणों की नींद उड़ा दी। वहीं एक परिवार को धमकी भरा पत्र मिलने के बाद पूरे इलाके में भय का माहौल गहरा गया है।
घटना की सूचना मिलते ही बारियातू थाना पुलिस और डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है।
सुबह फोन कॉल से खुला घटना का राज
जानकारी के अनुसार सोमवार सुबह करीब पांच बजे गांव निवासी नरेश उरांव को उनके भाई प्रकाश उरांव ने फोन कर बताया कि घर की छिटकनी बाहर से बंद कर दी गई है। शुरुआत में परिवार को लगा कि किसी ने शरारत की होगी, लेकिन जब बाहर निकलने की कोशिश की गई तो मुख्य गेट पर बाहर से ताला लगा मिला।
इतना ही नहीं, गली की ओर जाने वाले दूसरे रास्ते पर भी बाहर से कुण्डी जड़ी हुई थी। परिवार के लोग घर के भीतर फंसे हुए थे और बाहर निकलना संभव नहीं हो पा रहा था।
धमकी भरे पत्र ने बढ़ाया डर
घटना के दौरान मुख्य गेट के पास एक कागज मिला, जिसमें दोनों भाइयों को गंभीर धमकी दी गई थी। पत्र में लिखा था कि उनका “सोमा मुंडा जैसा हाल” किया जाएगा।
यह धमकी पढ़ते ही परिवार के होश उड़ गए और पूरे टोले में दहशत फैल गई। ग्रामीणों ने बताया कि इस तरह की घटना पहले कभी गांव में नहीं हुई थी।
ग्रामीणों का कहना है: “रात में किसने और क्यों ऐसा किया, किसी को कुछ पता नहीं चल पाया। सुबह जब लोग जागे तब घटना की जानकारी हुई।”
कई घरों में बाहर से लगाए गए ताले
ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि केवल एक ही घर नहीं, बल्कि टोले के कई अन्य घरों के बाहर भी ताला और कुण्डी लगाई गई थी। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि घटना सुनियोजित तरीके से अंजाम दी गई है।
गांव के लोग अब खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। महिलाएं और बच्चे खासतौर पर डरे हुए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई नहीं करती तो भविष्य में इस तरह की घटनाएं और गंभीर रूप ले सकती हैं।
पुलिस ने पहुंचकर परिवार को निकाला बाहर
घटना की सूचना मिलते ही बारियातू थाना पुलिस तथा डायल 112 टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मुख्य गेट का ताला तोड़कर परिवार के लोगों को बाहर निकाला।
इसके बाद पुलिस ने धमकी भरे पत्र को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है और संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।
पुराने विवाद की भी जांच
पीड़ित नरेश उरांव ने आशंका जताई है कि इस घटना के पीछे वही लोग हो सकते हैं, जिनके खिलाफ पहले प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।
उन्होंने प्रशासन से परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने और दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।
नरेश उरांव ने कहा: “जिस तरह घरों को बाहर से बंद किया गया और धमकी दी गई, उससे पूरा परिवार डरा हुआ है। प्रशासन सुरक्षा दे और दोषियों पर कार्रवाई करे।”
गांव में बना भय और तनाव का माहौल
घटना के बाद पूरे गांव में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है। लोग देर रात तक जागकर निगरानी कर रहे हैं। कई ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें अब रात में असुरक्षा महसूस हो रही है।
ग्रामीणों का मानना है कि यदि यह किसी आपराधिक गिरोह या व्यक्तिगत दुश्मनी का मामला है तो प्रशासन को तुरंत कठोर कदम उठाने चाहिए।
पुलिस ने फिलहाल लोगों से अफवाहों से बचने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को देने की अपील की है।
पुलिस हर पहलू से कर रही जांच
बारियातू थाना पुलिस का कहना है कि घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आखिर रात में गांव में कौन लोग पहुंचे और किस मकसद से घरों को बाहर से बंद किया गया।
धमकी भरे पत्र की लिखावट, भाषा और संभावित संदिग्धों को लेकर भी जांच जारी है।
न्यूज़ देखो: ग्रामीण सुरक्षा पर गंभीर सवाल
डाढ़ा डुमरा गांव की यह घटना केवल एक शरारत नहीं, बल्कि ग्रामीणों में भय का वातावरण बनाने की गंभीर कोशिश प्रतीत होती है। घरों को बाहर से बंद करना और धमकी भरा पत्र छोड़ना कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है। प्रशासन को इस मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए दोषियों की पहचान करनी होगी ताकि ग्रामीणों का विश्वास कायम रह सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक गांव ही सुरक्षित समाज की पहचान है
किसी भी गांव या समाज की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता और सतर्कता होती है। यदि आपके आसपास कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो तुरंत प्रशासन को जानकारी दें और अफवाहों से बचें।
सुरक्षित समाज के लिए जागरूक नागरिक बनें, एक-दूसरे का साथ दें और कानून व्यवस्था मजबूत करने में सहयोग करें। अपनी राय कमेंट करें, खबर को शेयर करें और ग्रामीण सुरक्षा को लेकर जागरूकता फैलाएं।
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