#गढ़वा #सत्संग_समारोह : नवादा मोड़ स्थित अस्पताल परिसर में हुआ भजन-कीर्तन और सामूहिक नामजप।
गढ़वा के नवादा मोड़ स्थित मां गायत्री मेडिकल हॉस्पिटल परिसर में रविवार को परम दयाल युग पुरुषोत्तम श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी का मासिक सत्संग आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्वर्गीय डॉ. सुरेश प्रसाद गुप्ता की पुण्यतिथि के अवसर पर किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में गुरु भाई-बहनों ने भाग लिया। सत्संग में सामूहिक नामजप, ध्यान, भजन-कीर्तन और धर्म ग्रंथों का पाठ किया गया। वक्ताओं ने सत्संग, सद्गुरु और आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
- मां गायत्री मेडिकल हॉस्पिटल, नवादा मोड़ गढ़वा में मासिक सत्संग आयोजित।
- स्वर्गीय डॉ. सुरेश प्रसाद गुप्ता की पुण्यतिथि पर हुआ कार्यक्रम।
- सामूहिक नामजप, ध्यान, भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन।
- वक्ताओं ने श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी के आदर्शों पर चलने का संदेश दिया।
- विभिन्न राज्यों से पहुंचे गुरु भाई-बहनों ने सत्संग की महिमा बताई।
- बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सत्संग प्रेमी कार्यक्रम में शामिल हुए।
गढ़वा जिले के नवादा मोड़ स्थित मां गायत्री मेडिकल हॉस्पिटल परिसर में रविवार को आध्यात्मिक और भक्तिमय माहौल देखने को मिला। परम दयाल युग पुरुषोत्तम श्री श्री ठाकुर अनुकूल चंद्र जी के मासिक सत्संग का आयोजन गुरु भाई डॉ. अजीत कुमार जी के निवास स्थान पर किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और गुरु भाई-बहनों ने भाग लेकर भक्ति और आध्यात्मिकता का संदेश ग्रहण किया।
कार्यक्रम की शुरुआत शंख ध्वनि और “वंदे पुरुषोत्तम” के जयघोष के साथ हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं ने सामूहिक नामजप, ध्यान और विभिन्न धर्म ग्रंथों का पाठ किया। पूरे आयोजन के दौरान वातावरण भक्तिमय बना रहा।
पुण्यतिथि पर आयोजित हुआ विशेष सत्संग
यह विशेष सत्संग स्वर्गीय डॉ. सुरेश प्रसाद गुप्ता की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया। इस दौरान श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन किया गया।
श्रद्धालुओं ने कहा कि सत्संग केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देने वाला माध्यम है। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने आध्यात्मिक चिंतन और गुरु वचनों को आत्मसात करने की बात कही।
वक्ताओं ने बताए सत्संग और सद्गुरु के महत्व
सत्संग के दौरान विभिन्न वक्ताओं ने मानव जीवन में सद्गुरु और सत्संग की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला।
एसपीआर धृति लाल सुंदर ने कहा: “मनुष्य को अपने जीवन में श्री ठाकुर जी के बताए मार्ग पर चलना चाहिए, तभी जीवन में सुख और शांति संभव है।”
एसपीआर विजय नंदन सिंह ने कहा: “सत्संग से मनुष्य को अच्छी बातें सुनने और उन्हें जीवन में उतारने की प्रेरणा मिलती है, जिससे जीवन मंगलमय बनता है।”
पलामू प्रमंडल के वरिष्ठ एसपीआर कुलदीप मिश्रा ने श्री ठाकुर जी के जीवन और उनके संदेशों पर विस्तार से चर्चा की।
कुलदीप मिश्रा ने कहा: “सद्गुरु के मार्गदर्शन से ही मनुष्य के जीवन में सुख, शांति और विश्व कल्याण का मार्ग प्रशस्त होता है।”
उत्तर प्रदेश और छत्तीसगढ़ से पहुंचे श्रद्धालु
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के दुद्धी और छत्तीसगढ़ के बगीचा से भी गुरु भाई शामिल हुए। उन्होंने सत्संग की महिमा और आध्यात्मिक जीवन के महत्व को श्रद्धालुओं के बीच साझा किया।
उत्तर प्रदेश दुद्धी से पहुंचे मनोज गुप्ता दादा ने कहा: “हम सभी को श्री ठाकुर जी के आदेशों का पालन करना चाहिए, तभी जीवन सफल होगा।”
छत्तीसगढ़ बगीचा से आए राजकुमार गुप्ता दादा ने कहा: “सत्संग मनुष्य के जीवन को सही दिशा देता है और परिवार तथा समाज में सुख-शांति लाता है।”
सत्संग को बताया कलयुग का मार्ग
वक्ताओं ने कहा कि कलयुग में सत्संग की महिमा अत्यंत महत्वपूर्ण है। भगवान श्रीकृष्ण और भगवान श्रीराम के उदाहरण देते हुए कहा गया कि सत्संग से ही विवेक और ज्ञान की प्राप्ति होती है।
श्रद्धालुओं को प्रतिदिन सुबह-शाम नामजप, ध्यान और प्रार्थना करने की प्रेरणा दी गई। उन्होंने कहा कि इससे घर-परिवार में सुख-शांति आती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
बड़ी संख्या में श्रद्धालु रहे उपस्थित
सत्संग कार्यक्रम में राजकुमार, संतोष कुमार गुप्ता, अमित कुमार गुप्ता, अजीत कुमार, शत्रुघ्न कुमार, मंजूषा देवी, जागृति देवी, निधि गुप्ता, खुशबू देवी, शुभम, आशीष जायसवाल, शिव दोस्त जायसवाल, आराध्या कुमारी, आयुष कुमार, अनिकेत कुमार, शिवांशु कुमार, आदित्य जायसवाल, मनोज जायसवाल, मंजू जायसवाल, रघुवीर प्रसाद कश्यप, सियाराम पांडे, दिलीप कश्यप, सुखबीर पाल, कन्हाई राम, अशोक प्रसाद, बिदाराम, गोपाल प्रसाद, शंभू सोनी, संजय कुमार, आदित्य कुमार कश्यप, अनिल प्रसाद कश्यप, सूर्य देव चंद्रवंशी, बजरंगी पाल सहित बड़ी संख्या में गुरु भाई-बहन उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने विश्व कल्याण और मानव समाज में सुख-शांति की कामना की।
न्यूज़ देखो: आध्यात्मिक आयोजनों से समाज को मिलती है सकारात्मक दिशा
आज के तनावपूर्ण और भागदौड़ भरे जीवन में सत्संग जैसे आयोजन लोगों को मानसिक शांति और सकारात्मक सोच प्रदान करते हैं। गढ़वा में आयोजित यह मासिक सत्संग केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज को नैतिकता, अनुशासन और सद्भाव का संदेश देने वाला आयोजन भी रहा। ऐसे कार्यक्रम सामाजिक एकता और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आध्यात्मिक चेतना और संस्कारों से ही स्वस्थ और संतुलित समाज का निर्माण संभव है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सत्संग और संस्कारों से ही मजबूत होगा समाज
आधुनिक जीवन में आध्यात्मिकता और नैतिक मूल्यों का महत्व पहले से अधिक बढ़ गया है। सत्संग हमें सकारात्मक सोच, संयम और मानवता का संदेश देता है। अपने परिवार और बच्चों को अच्छे संस्कारों से जोड़ना हम सभी की जिम्मेदारी है।
धार्मिक और सामाजिक आयोजनों में भाग लें, समाज में प्रेम और सद्भाव का संदेश फैलाएं। खबर को शेयर करें, अपनी राय कमेंट में दें और सकारात्मक समाज निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं।

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