#चैनपुर #पेट्रोलपंप_विवाद : ग्राहकों से दुर्व्यवहार के आरोप पर जनप्रतिनिधि से हुई हाथापाई।
गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड स्थित गणपति बप्पा मोरया पेट्रोलियम पंप में ग्राहकों से कथित दुर्व्यवहार को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। प्रखंड उप-प्रमुख सह कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष प्रमोद खलखो ने पंप संचालक और उनके परिवार पर मारपीट एवं धमकी देने का आरोप लगाया है। घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश का माहौल है और मामले की शिकायत पुलिस को दी गई है। स्थानीय लोगों ने भी पेट्रोल पंप की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
- चैनपुर के गणपति बप्पा मोरया पेट्रोलियम पंप में हुआ विवाद।
- प्रमोद खलखो ने पंप संचालक परिवार पर मारपीट का लगाया आरोप।
- ग्राहकों और एक गर्भवती महिला से दुर्व्यवहार का भी मामला आया सामने।
- थाने में आवेदन देकर की गई सख्त कार्रवाई की मांग।
- स्थानीय लोगों ने पंप की कार्यशैली पर पहले से शिकायत होने की बात कही।
- पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गुमला जिले के चैनपुर प्रखंड मुख्यालय स्थित गणपति बप्पा मोरया पेट्रोलियम पंप एक बार फिर विवादों में घिर गया है। शनिवार को पेट्रोल पंप परिसर में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई जब ग्राहकों से कथित बदसलूकी को लेकर प्रखंड उप-प्रमुख सह कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष प्रमोद खलखो और पंप संचालक पक्ष के बीच विवाद बढ़ गया। आरोप है कि बीच-बचाव करने पहुंचे जनप्रतिनिधि के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई की गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है और स्थानीय लोगों ने भी पेट्रोल पंप की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
ग्राहकों से व्यवहार को लेकर शुरू हुआ विवाद
मिली जानकारी के अनुसार शनिवार शाम लगभग 4:15 बजे प्रमोद खलखो पेट्रोल पंप पहुंचे थे। बताया गया कि वहां पहले से मौजूद कुछ ग्राहक तेल भराने में हो रही देरी और कर्मियों के व्यवहार से नाराज थे। इसी दौरान एक गर्भवती महिला के साथ कथित अभद्र व्यवहार होने की बात भी सामने आई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जब प्रमोद खलखो ने पंप कर्मियों को समझाने का प्रयास किया और कहा कि ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए, तभी विवाद बढ़ गया। आरोप है कि पंप संचालक महिला ने उनसे बहस शुरू कर दी और बाद में उनके पति देव कुमार तथा बेटे ने भी हस्तक्षेप किया।
जनप्रतिनिधि ने लगाया मारपीट और धमकी का आरोप
प्रमोद खलखो ने थाना प्रभारी को दिए लिखित आवेदन में आरोप लगाया है कि उन्होंने सुबह लगभग 9:30 बजे 2000 रुपये का डीजल बुक कराया था। शाम को डीजल लेने पहुंचने पर वहां अव्यवस्था और ग्राहकों के साथ दुर्व्यवहार देखा गया। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो पंप संचालक और उनके परिवार ने उनके साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई की।
उन्होंने आवेदन में यह भी आरोप लगाया कि उन्हें धमकी दी गई कि उनके खिलाफ केस करने पर भी कोई असर नहीं पड़ेगा। प्रमोद खलखो ने प्रशासन से मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
प्रमोद खलखो ने कहा: “ग्राहक भगवान के समान होते हैं। उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए, लेकिन यहां लोगों के साथ गलत व्यवहार किया जा रहा है।”
स्थानीय लोगों ने भी जताई नाराजगी
घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने भी पेट्रोल पंप प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जाहिर की। कई स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां पहले भी ग्राहकों से अभद्र व्यवहार की शिकायतें सामने आती रही हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि कम मात्रा में पेट्रोल या डीजल लेने वाले ग्राहकों के साथ अक्सर अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया जाता है।
कुछ लोगों ने यह भी दावा किया कि पंप प्रबंधन द्वारा विवाद होने पर ग्राहकों को झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी जाती है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
पहले भी विवादों में रहा है पेट्रोल पंप
स्थानीय लोगों के अनुसार यह पेट्रोल पंप पहले भी कई बार विवादों में रह चुका है। रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान ईंधन संकट के समय भी यहां भारी अव्यवस्था की शिकायतें सामने आई थीं। उस समय भी ग्राहकों ने लंबी कतार, तेल वितरण में गड़बड़ी और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रशासन को पहले ही इस पंप की कार्यप्रणाली की जांच करनी चाहिए थी ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
मीडिया से भी कथित दुर्व्यवहार
घटना की सूचना मिलने के बाद जब मीडिया कर्मी मौके पर पहुंचे तो पंप प्रबंधन ने उन पर भी निराधार आरोप लगाए। स्थानीय पत्रकारों के अनुसार प्रबंधन की ओर से स्पष्ट जवाब देने के बजाय मीडिया को भी धमकाने की कोशिश की गई।
इस घटना के बाद क्षेत्र में पेट्रोल पंप की कार्यशैली को लेकर व्यापक चर्चा शुरू हो गई है और लोग प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
पुलिस कर रही मामले की जांच
घटना के बाद थाना पुलिस को लिखित आवेदन सौंपा गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल दोनों पक्षों से जानकारी ली जा रही है और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यदि जांच में मारपीट और धमकी के आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी।
न्यूज़ देखो: पेट्रोल पंपों में ग्राहक सम्मान और जवाबदेही जरूरी
चैनपुर की यह घटना केवल एक विवाद नहीं बल्कि आम लोगों के साथ व्यवहार और सार्वजनिक सेवाओं की जवाबदेही से जुड़ा गंभीर सवाल है। पेट्रोल पंप जैसी जगहों पर ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना अनिवार्य है, क्योंकि यह सीधे जनता से जुड़ी सेवा है। यदि किसी जनप्रतिनिधि के साथ भी इस प्रकार का व्यवहार हो रहा है तो आम नागरिकों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। प्रशासन को मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लग सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सजग नागरिक बनें, गलत व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाएं
समाज में व्यवस्था तभी मजबूत होती है जब आम लोग अपने अधिकारों और सम्मान के प्रति जागरूक रहें।
सार्वजनिक सेवाओं में अनुशासन और शिष्टाचार हर नागरिक का अधिकार है।
यदि कहीं भी ग्राहकों या महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार होता है तो उसके खिलाफ कानूनी और लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाना जरूरी है।
जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और आम लोगों को मिलकर जवाबदेही की संस्कृति मजबूत करनी होगी।
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