#जारी #सड़क_हादसा : श्रीनगर के पास बाइक भिड़ंत में घायल बुजुर्ग ने इलाज के दौरान दम तोड़ा।
जारी थाना क्षेत्र के श्रीनगर के पास रविवार को दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों को चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां से गंभीर हालत में गुमला सदर अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान 75 वर्षीय तरसीयूस खलखो की मौत हो गई। समय पर एंबुलेंस नहीं मिलने के आरोपों से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े हुए हैं।
- श्रीनगर के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर।
- हादसे में चार लोग घायल हुए।
- तरसीयूस खलखो (75) की इलाज के दौरान मौत।
- घायलों को चैनपुर सीएचसी से गुमला रेफर किया गया।
- परिजनों ने एंबुलेंस नहीं मिलने का आरोप लगाया।
- क्षेत्र में शोक और नाराजगी का माहौल।
जारी थाना क्षेत्र में रविवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक बुजुर्ग की जान ले ली। श्रीनगर के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर में चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए गुमला सदर अस्पताल भेजा गया। इलाज के दौरान गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग तरसीयूस खलखो ने दम तोड़ दिया।
कैसे हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार रूपेश कुमार (19 वर्ष), पिता राजकुमार साहू, और रिशु पासवान (18 वर्ष), पिता नरेंद्र पासवान, एक बाइक से जारी से चैनपुर की ओर आ रहे थे।
उधर दूसरी बाइक पर तरसीयूस खलखो (75 वर्ष), पिता स्वर्गीय मरकुश खलखो, तथा अभय टोप्पो (35 वर्ष), पिता जॉन टोप्पो, सवार थे।
श्रीनगर के पास दोनों बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई, जिससे चारों सड़क पर गिरकर घायल हो गए।
चारों घायलों को पहुंचाया गया अस्पताल
घटना के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने मानवता दिखाते हुए सभी घायलों को उठाकर चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया।
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने घायलों की गंभीर स्थिति देखते हुए उन्हें गुमला सदर अस्पताल रेफर कर दिया।
बुजुर्ग ने इलाज के दौरान तोड़ा दम
गुमला सदर अस्पताल ले जाने के बाद गंभीर रूप से घायल तरसीयूस खलखो की इलाज के दौरान मौत हो गई।
उनकी मौत की खबर मिलते ही परिवार और गांव में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल बताया जा रहा है।
एंबुलेंस नहीं मिलने पर नाराजगी
परिजनों और ग्रामीणों का आरोप है कि रेफर किए जाने के बाद समय पर एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके कारण घायलों को निजी वाहन से गुमला ले जाना पड़ा।
लोगों का कहना है कि यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती, तो इलाज में तेजी आती और स्थिति अलग हो सकती थी।
ग्रामीणों ने कहा: “आपात स्थिति में एंबुलेंस समय पर मिलना सबसे जरूरी है।”
सड़क सुरक्षा पर भी उठे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग पर तेज रफ्तार, लापरवाही और सुरक्षा संकेतकों की कमी के कारण दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क सुरक्षा उपाय बढ़ाने, संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाने और यातायात जागरूकता अभियान चलाने की मांग की है।
अन्य घायलों का इलाज जारी
हादसे में घायल रूपेश कुमार के सिर और चेहरे में गंभीर चोट लगी है, जबकि रिशु पासवान के चेहरे पर चोट बताई गई है। अन्य घायलों का भी इलाज जारी है।
परिजन लगातार अस्पताल में मौजूद रहकर उपचार पर नजर बनाए हुए हैं।
न्यूज़ देखो: सड़क हादसे केवल टक्कर नहीं, व्यवस्था की परीक्षा भी हैं
यह घटना दो गंभीर सवाल छोड़ती है—सड़क सुरक्षा कितनी मजबूत है और आपात स्वास्थ्य सेवा कितनी तैयार है। हादसे रोकने के लिए यातायात अनुशासन जरूरी है, वहीं हादसे के बाद समय पर एंबुलेंस मिलना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। प्रशासन को सड़क सुरक्षा और स्वास्थ्य आपात व्यवस्था दोनों पर त्वरित समीक्षा करनी चाहिए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जीवन बचाना सबसे बड़ी प्राथमिकता
वाहन हमेशा सावधानी और नियंत्रित गति से चलाएं।
हेलमेट और यातायात नियमों का पालन करें।
आपात सेवा व्यवस्था मजबूत करना समाज की जरूरत है।
एक पल की लापरवाही पूरे परिवार को रुला सकती है।
सुरक्षित सफर ही समझदारी है।
इस खबर पर अपनी राय कमेंट करें, शेयर करें और सड़क सुरक्षा का संदेश फैलाएं।

🗣️ Join the Conversation!
What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).