#गढ़वा #सरस्वतिया_अभियान : जनसहयोग से सरस्वतिया नदी को पुनर्जीवित करने की पहल तेज हुई।
गढ़वा में सरस्वतिया नदी को अतिक्रमण और गंदगी से मुक्त कराने के उद्देश्य से शुरू किए गए “आपन सरस्वतिया” अभियान के दूसरे दिन भी सफाई एवं डी-सिल्टिंग का कार्य जारी रहा। सदर एसडीएम संजय कुमार की पहल पर चल रहे इस अभियान में प्रशासन, नगर परिषद, सामाजिक संस्थाओं और स्थानीय सहयोगकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। मशीनों की मदद से नदी की सफाई की गई तथा लोगों से श्रमदान और सहयोग की अपील भी की गई। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि नदी में कचरा फेंकने या अतिक्रमण करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- गढ़वा में “आपन सरस्वतिया” अभियान के दूसरे दिन भी नदी सफाई कार्य जारी रहा।
- दो जेसीबी और एक पोकलेन मशीन की मदद से डी-सिल्टिंग का कार्य किया गया।
- एसडीएम संजय कुमार ने जनसहयोग से नदी को बचाने की अपील की।
- नगर परिषद एवं सामाजिक सहयोगकर्ताओं ने मशीन और संसाधन उपलब्ध कराए।
- नदी में कचरा फेंकने और अतिक्रमण करने वालों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
- स्थानीय युवाओं और सामाजिक संगठनों से श्रमदान करने का आह्वान किया गया।
गढ़वा शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली सरस्वतिया नदी को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से शुरू किया गया “आपन सरस्वतिया” अभियान अब जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार की पहल पर शुरू हुए इस अभियान के दूसरे दिन भी नदी के विभिन्न हिस्सों में सफाई और डी-सिल्टिंग का कार्य लगातार जारी रहा। प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ सामाजिक संस्थाओं, व्यवसायियों और आम नागरिकों की भागीदारी ने इस अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की है।
दूसरे दिन भी चला सफाई अभियान
अभियान के दूसरे दिन सरस्वतिया नदी के कई हिस्सों में भारी मशीनों की सहायता से सफाई कार्य किया गया। इस दौरान दो जेसीबी और एक पोकलेन मशीन की मदद से नदी में जमी गाद हटाने तथा अवरोधों को साफ करने का कार्य किया गया।
इस अभियान में शिवालया कंस्ट्रक्शन कंपनी, नगर परिषद गढ़वा तथा “सिग्नेचर वाटर” के प्रोपराइटर कुंदन यादव समेत कई सामाजिक सहयोगकर्ताओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। नगर परिषद द्वारा दो जेसीबी मशीनें उपलब्ध कराई गईं, जबकि डीजल की व्यवस्था व्यवसायी कुंदन यादव की ओर से की गई।
प्रशासन और समाज की साझी पहल
अभियान की खास बात यह रही कि इसमें केवल प्रशासनिक तंत्र ही नहीं बल्कि समाज के विभिन्न वर्ग भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रहे हैं। नगर परिषद के दो नगर प्रबंधक और स्वच्छता पर्यवेक्षक भी अभियान में सक्रिय रूप से जुड़े रहे।
एसडीएम संजय कुमार ने कहा कि यह केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि शहर की साझा जिम्मेदारी है।
एसडीएम संजय कुमार ने कहा: “आपन सरस्वतिया नाम देने के पीछे उद्देश्य यही है कि हर नागरिक इस नदी को अपनी धरोहर माने और इसके संरक्षण के लिए आगे आए।”
उन्होंने कहा कि नदी को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी है और प्रशासन इस दिशा में लगातार काम कर रहा है।
जनसहयोग से मिलेगा अभियान को बल
एसडीएम ने शहर के समाजसेवियों, व्यवसायियों और सामाजिक संस्थाओं से इस अभियान में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि लोग एक दिन के लिए मशीन, डीजल या अन्य संसाधन उपलब्ध कराएं तो यह अभियान और अधिक प्रभावी बन सकता है।
उन्होंने बताया कि कई लोग स्वतः प्रेरित होकर इस अभियान से जुड़ रहे हैं और यदि इसी तरह जनसहयोग मिलता रहा तो सरस्वतिया नदी की पूर्ण सफाई तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
युवाओं और सामाजिक संगठनों से श्रमदान की अपील
प्रशासन ने स्थानीय युवाओं, स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से नदी किनारे फैले प्लास्टिक और अन्य कचरे की सफाई के लिए श्रमदान करने की अपील की है। प्रशासन का मानना है कि केवल मशीनों से ही नहीं बल्कि जनजागरूकता और सामूहिक सहभागिता से ही नदी को स्थायी रूप से स्वच्छ रखा जा सकता है।
एसडीएम ने कहा कि सामाजिक संगठन इस अभियान में भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
अतिक्रमण और गंदगी फैलाने वालों पर होगी कार्रवाई
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नदी क्षेत्र में जानबूझकर कचरा डालने, मिट्टी भराव करने या निर्माण सामग्री फेंकने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम संजय कुमार ने कहा: “जो लोग नदी में कचरा डालेंगे या अतिक्रमण करेंगे, उनसे न केवल जुर्माना वसूला जाएगा बल्कि सफाई का खर्च भी उन्हीं से लिया जाएगा।”
उन्होंने बताया कि नगर परिषद को नदी किनारे चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए जा रहे हैं ताकि लोग जागरूक हो सकें।
सरस्वतिया नदी के पुनर्जीवन की दिशा में अहम कदम
स्थानीय लोगों का मानना है कि वर्षों से उपेक्षित सरस्वतिया नदी अब प्रशासनिक पहल और जनसहयोग के कारण फिर से जीवंत होती नजर आ रही है। नदी की सफाई से शहर की स्वच्छता, जल संरक्षण और पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
कई नागरिकों ने इस अभियान को सराहनीय बताते हुए कहा कि यदि इसी तरह निरंतर प्रयास जारी रहे तो आने वाले समय में सरस्वतिया नदी गढ़वा की पहचान बन सकती है।

न्यूज़ देखो: जनभागीदारी से ही सफल होगा नदी बचाओ अभियान
गढ़वा में शुरू हुआ “आपन सरस्वतिया” अभियान केवल नदी सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जिम्मेदारी का बड़ा संदेश भी दे रहा है। प्रशासन और समाज जब एक साथ मिलकर काम करते हैं, तब बदलाव की वास्तविक तस्वीर सामने आती है। सरस्वतिया नदी को बचाने के लिए केवल सरकारी प्रयास काफी नहीं होंगे, बल्कि हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि लोग इस अभियान को कितनी गंभीरता से अपनाते हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नदी बचाने की जिम्मेदारी हम सबकी है
प्रकृति हमें जीवन देती है और नदियां हमारी सभ्यता की पहचान होती हैं। यदि हम आज अपनी नदियों को बचाने के लिए आगे नहीं आए, तो आने वाली पीढ़ियों को इसका गंभीर परिणाम भुगतना पड़ेगा। अपने आसपास सफाई रखें, नदी-तालाबों में कचरा न फेंकें और पर्यावरण संरक्षण के प्रति दूसरों को भी जागरूक करें।
गढ़वा की सरस्वतिया नदी को बचाने का यह अभियान पूरे समाज के लिए प्रेरणा बन सकता है। आप भी इस पहल से जुड़ें, अपनी राय कमेंट में साझा करें और खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाकर जागरूकता फैलाएं।

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