गढ़वा में नकली बेसन से लड्डू बनाने वाले कारखाने पर एसडीएम का छापा: खेसारी दाल और घटिया मैदा मिलाकर तैयार हो रही थी बूंदी

गढ़वा में नकली बेसन से लड्डू बनाने वाले कारखाने पर एसडीएम का छापा: खेसारी दाल और घटिया मैदा मिलाकर तैयार हो रही थी बूंदी

author Sonu Kumar
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#गढ़वा #मिलावटखोरी : रेहला रोड स्थित लड्डू कारखाने में एसडीएम की छापेमारी से खुली मिलावटखोरी की पोल।

गढ़वा के रेहला रोड स्थित एक खेत में संचालित बूंदी लड्डू कारखाने पर सदर एसडीएम संजय कुमार ने औचक छापेमारी की। जांच में बेसन की जगह खेसारी दाल, घटिया मैदा और चावल के आटे में रंग मिलाकर लड्डू बनाने का भंडाफोड़ हुआ। आरोपी संचालक ने मिलावट की बात स्वीकार कर ली है।

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  • सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार ने रेहला रोड स्थित एक खेत में चल रहे लड्डू कारखाने में की औचक छापेमारी।
  • बेसन के नाम पर खेसारी दाल, घटिया मैदा और अरवा चावल मिश्रित आटे में रंग मिलाकर बनाई जा रही थी बूंदी।
  • कारखाना संचालक ने मिलावट का आरोप स्वीकार किया, जिसकी निशानदेही पर बाजार समिति की दो दुकानों में भी जांच हुई।
  • मामले की विस्तृत जांच और नमूनों के परीक्षण के लिए खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी को कड़े निर्देश दिए गए।
  • यहाँ से निर्मित मिलावटी लड्डुओं की सप्लाई गढ़वा बस स्टैंड, मेन बाजार और रमकंडा तक बड़े पैमाने पर होती थी।

गढ़वा शहर और ग्रामीण इलाकों में लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ प्रशासन ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) संजय कुमार ने सोमवार को क्षेत्र भ्रमण के दौरान रेहला रोड स्थित एक खेत में लंबे समय से अवैध रूप से संचालित बूंदी लड्डू निर्माण कारखाने में औचक छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर बेहद गंभीर और चौंकाने वाली अनियमितताएं सामने आईं, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।

बेसन के नाम पर घटिया मिश्रित आटे का बड़ा खेल

प्राथमिक भौतिक जांच में यह बात खुलकर सामने आई कि जिन बूंदी के लड्डुओं को शुद्ध बेसन से निर्मित बताकर धड़ल्ले से बाजार में बेचा जा रहा था, उनके निर्माण स्थल पर वास्तविक बेसन की एक भी बोरी उपलब्ध नहीं थी। जब एसडीएम ने कड़ाई से पूछताछ की, तो कारखाना संचालक ने मिलावट की पूरी कहानी बयां कर दी। उसने बताया कि वह बाजार समिति से महज 40 रुपये प्रति किलो की दर से मिलने वाला तथाकथित गुलकंद “बेसन” खरीदता था।

जांच में यह स्पष्ट हुआ कि इस नकली बेसन में स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक खेसारी दाल, घटिया किस्म की मैदा एवं अरवा चावल का मिश्रित आटा रहता था, जिसे पीला रंग देकर असली बेसन का रूप दिया जाता था। मौके से भारी मात्रा में यह निम्न गुणवत्ता वाली सामग्री और दो बोरी मैदा जब्त की गई। कारखाना संचालक की निशानदेही पर तुरंत कार्रवाई बढ़ाते हुए बाजार समिति स्थित दो अन्य अनाज दुकानों में भी जांच की गई, जहां से इस नकली सामग्री की आपूर्ति की जा रही थी। पूरे मामले के वैज्ञानिक सत्यापन और कानूनी साक्ष्य जुटाने के लिए खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी को तत्काल नमूनों का सैंपल लेने और लैब टेस्टिंग का निर्देश दिया गया है।

आदतन अपराधियों पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई

एसडीएम ने बताया कि गढ़वा में नकली और मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वालों पर लगातार कार्रवाई हो रही है, फिर भी कुछ लोग बाज नहीं आ रहे हैं। उन्होंने खुलासा किया कि हाल ही में नकली मिठाई बेचने के आरोप में कार्रवाई का सामना कर चुके प्लास्टिक कारोबारियों में से एक व्यक्ति द्वारा पुनः छिपकर इसी प्रकार का मिलावटी लड्डू बनाने का धंधा शुरू किया गया था। ऐसे व्यक्ति को अब आदतन अपराधी घोषित करते हुए उसके खिलाफ कठोरतम कानूनी धाराएं लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

एसडीएम संजय कुमार ने कहा: “आरोपी व्यक्ति सपरिवार इस अवैध कार्य को करता है। देखने में यह आर्थिक रूप से कमजोर परिवार प्रतीत होता है, किंतु इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि किसी को भी ऐसा व्यवसाय करने की छूट दी जाए जिससे आमजन के स्वास्थ्य पर व्यापक और जानलेवा दुष्प्रभाव पड़े। जो जानकारी इस कारखाने से मिली है, अनुसार गढ़वा बस स्टैंड, मैन बाजार और यहां तक कि रमकंडा तक यहां बने मिलावटी लड्डू की भारी सप्लाई होती थी। मौके पर भी बड़ी मात्रा में अस्वास्थ्यकर तरीके से बूंदी बनते हुए पाई गई है।”

इस पूरी सफल छापेमारी अभियान के दौरान मौके पर गढ़वा थाने के पुलिस उप निरीक्षक अविनाश कुमार सहित पुलिस बल के जवान पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद थे ताकि कानून व्यवस्था सुचारू रहे।

न्यूज़ देखो: जन स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले मुनाफाखोरों पर हो कड़ी कार्रवाई

गढ़वा के इस लड्डू कारखाने का भंडाफोड़ यह साफ दिखाता है कि त्योहारों और आम दिनों में हम जो मिठाइयां बड़े चाव से खाते हैं, वे असल में धीमा जहर हो सकती हैं। खेसारी दाल का इंसानी शरीर पर बेहद बुरा असर पड़ता है और इसके बावजूद चंद पैसों के मुनाफे के लिए इसे धड़ल्ले से खपाया जा रहा था। न्यूज़ देखो प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना करता है, लेकिन साथ ही यह सवाल भी उठाता है कि आखिर लंबे समय से एक खेत में यह अवैध धंधा कैसे फल-फूल रहा था? क्या खाद्य सुरक्षा विभाग की नियमित चेकिंग सिर्फ फाइलों तक सीमित है? ऐसे मिलावटखोरों पर केवल जुर्माना नहीं, बल्कि जेल की सख्त सजा होनी चाहिए।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

मिलावटखोरी के खिलाफ जगाएं चेतना शुद्धता से ही सुरक्षित रहेगा हमारा अपना परिवार

हमारा स्वास्थ्य ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी है, लेकिन कुछ स्वार्थी तत्व अपने लालच के लिए हमारे और हमारे बच्चों के जीवन को खतरे में डाल रहे हैं। बाजार से मिठाइयां या खाद्य सामग्री खरीदते समय हमेशा सतर्क रहें और अत्यधिक सस्ती या संदिग्ध दिखने वाली चीजों से परहेज करें। प्रशासन अपना काम कर रहा है, लेकिन एक समाज के रूप में हमारी भी जिम्मेदारी है कि हम अपने आस-पास चलने वाले ऐसे नकली कारखानों और मिलावटखोरों की सूचना तुरंत अधिकारियों तक पहुंचाएं। आपकी एक सतर्कता पूरे शहर को बीमार होने से बचा सकती है।

यदि आप भी गढ़वा प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई का समर्थन करते हैं और मिलावटखोरों को कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग करते हैं, तो नीचे कमेंट बॉक्स में अपनी राय जरूर लिखें। इस सचेत करने वाली महत्वपूर्ण खबर को गढ़वा के हर नागरिक, अपने मित्रों, रिश्तेदारों और वाट्सएप ग्रुप्स पर बिना रुके शेयर करें ताकि लोग जागरूक हो सकें और नकली खाद्य पदार्थों के सेवन से बच सकें।

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गढ़वा

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