सिसई के आश्रम बालिका विद्यालय में कला जागरूकता कार्यक्रम, छात्राओं को पेंटिंग के क्षेत्र में करियर बनाने की प्रेरणा

सिसई के आश्रम बालिका विद्यालय में कला जागरूकता कार्यक्रम, छात्राओं को पेंटिंग के क्षेत्र में करियर बनाने की प्रेरणा

author Udaychand Kumar
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#सिसई #कला_जागरूकता : छात्राओं को पेंटिंग और रचनात्मक कला के महत्व की दी जानकारी।

गुमला जिले के सिसई प्रखंड स्थित आश्रम बालिका आवासीय उच्च विद्यालय में छात्राओं के लिए पेंटिंग और कला जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ज्योति वंदना लकड़ा ने छात्राओं को कला के क्षेत्र में भविष्य बनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने संघर्ष और उपलब्धियों का अनुभव साझा करते हुए रचनात्मक प्रतिभा को पहचानने पर जोर दिया। कार्यक्रम में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी कुंदन कुमार सहित विद्यालय परिवार मौजूद रहा।

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  • आश्रम बालिका आवासीय उच्च विद्यालय, सिसई में कला जागरूकता कार्यक्रम आयोजित।
  • ज्योति वंदना लकड़ा ने छात्राओं को पेंटिंग और रचनात्मक कला का महत्व बताया।
  • छात्राओं का स्वागत नागपुरी गीत और तिलक लगाकर किया गया।
  • कला के माध्यम से करियर और रोजगार के अवसरों पर हुई चर्चा।
  • ज्योति वंदना ने BHU और लंदन से प्राप्त शिक्षा एवं उपलब्धियों की जानकारी दी।
  • कार्यक्रम में कुंदन कुमार, कविता तिर्की और विद्यालय परिवार मौजूद रहा।

गुमला जिले के सिसई प्रखंड क्षेत्र स्थित कुम्हार मोड़ के आश्रम बालिका आवासीय उच्च विद्यालय में छात्राओं के बीच कला और पेंटिंग को लेकर एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं को शिक्षा के साथ-साथ कला और रचनात्मक गतिविधियों के महत्व से अवगत कराना था। इस दौरान छात्राओं को बताया गया कि कला केवल शौक नहीं बल्कि बेहतर भविष्य और करियर का मजबूत माध्यम भी बन सकती है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रसिद्ध कला साधिका ज्योति वंदना लकड़ा उपस्थित रहीं, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रखंड कल्याण पदाधिकारी कुंदन कुमार शामिल हुए। विद्यालय परिवार द्वारा अतिथियों का पारंपरिक तरीके से नागपुरी गीत और तिलक लगाकर स्वागत किया गया, जिससे पूरा वातावरण सांस्कृतिक रंग में रंगा नजर आया।

छात्राओं को कला के महत्व की दी जानकारी

कार्यक्रम के दौरान ज्योति वंदना लकड़ा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय में कला और रचनात्मकता की दुनिया में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि बच्चे केवल पढ़ाई तक सीमित न रहें, बल्कि अपनी छिपी प्रतिभा को पहचानकर कला, पेंटिंग और अन्य रचनात्मक क्षेत्रों में भी आगे बढ़ें।

उन्होंने बताया कि कला व्यक्ति की सोच, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व को मजबूत बनाती है। पेंटिंग जैसी रचनात्मक गतिविधियां बच्चों के मानसिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने छात्राओं को अपने सपनों को पहचानने और मेहनत के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी।

ज्योति वंदना लकड़ा ने कहा: “कला केवल चित्र बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन को नई दिशा देने वाली शक्ति है। मेहनत और लगन से कला के क्षेत्र में भी बेहतर पहचान और सफलता हासिल की जा सकती है।”

संघर्ष से सफलता तक का सफर किया साझा

कार्यक्रम में ज्योति वंदना लकड़ा ने अपने जीवन के संघर्ष और सफलता की कहानी भी छात्राओं के साथ साझा की। उन्होंने बताया कि उन्होंने कई कठिन परिस्थितियों का सामना करते हुए ललित कला की शिक्षा हासिल की।

उन्होंने कहा कि उन्होंने बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) और लंदन से कला की पढ़ाई पूरी की है। अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान बनाई। उनका नाम वर्ल्ड गिनीज रिकॉर्ड बुक में दर्ज हो चुका है और वे लंदन में टॉप-5 कलाकारों में भी अपनी जगह बना चुकी हैं।

उन्होंने छात्राओं से कहा कि जीवन में कठिनाइयां जरूर आती हैं, लेकिन आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर हर मंजिल हासिल की जा सकती है।

छात्राओं में दिखा उत्साह

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राएं काफी उत्साहित नजर आईं। छात्राओं ने कला और पेंटिंग से जुड़े कई सवाल पूछे और अपने अनुभव साझा किए। कार्यक्रम ने छात्राओं के भीतर नई ऊर्जा और आत्मविश्वास भरने का काम किया।

विद्यालय की छात्राओं ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम उन्हें नई सोच और प्रेरणा देते हैं। कला के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए उन्हें अब अधिक जानकारी और उत्साह मिला है।

विद्यालय परिवार ने की सराहना

विद्यालय की प्रिंसिपल कविता तिर्की ने कहा कि छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह के कार्यक्रम बेहद आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ कला, संस्कृति और रचनात्मक गतिविधियां भी बच्चों के व्यक्तित्व विकास में अहम भूमिका निभाती हैं।

कार्यक्रम में पिंटू कुमार सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं और सभी छात्राएं उपस्थित रहीं। विद्यालय परिवार ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक और उपयोगी बताते हुए भविष्य में भी ऐसे आयोजन कराने की बात कही।

न्यूज़ देखो: कला और शिक्षा का संगम बच्चों के भविष्य को देता है नई दिशा

सिसई के आश्रम बालिका विद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का उदाहरण है कि बच्चों को केवल किताबों तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। कला, संगीत और रचनात्मक गतिविधियां भी बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा को निखारने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ज्योति वंदना लकड़ा जैसी प्रेरणादायक हस्तियों का अनुभव छात्राओं को बड़े सपने देखने का साहस देता है। ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह के कार्यक्रम बच्चों के भविष्य निर्माण में अहम भूमिका निभा सकते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

प्रतिभा को पहचानें, सपनों को नई उड़ान दें

हर बच्चे के भीतर कोई न कोई विशेष प्रतिभा छिपी होती है, जरूरत है उसे पहचानने और सही दिशा देने की।
कला और शिक्षा का संतुलन ही बच्चों को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाता है।
ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियां भी अवसर मिलने पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
समाज और परिवार को बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा को प्रोत्साहित करने के लिए आगे आना चाहिए।

आप भी अपने आसपास की प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करें। खबर को शेयर करें, अपनी राय कमेंट में दें और शिक्षा व कला से जुड़े सकारात्मक प्रयासों को लोगों तक पहुंचाने में भागीदार बनें।

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Written by

सिसई, गुमला

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