सिसई में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, हाउस नंबरिंग और नजरी नक्शा को लेकर प्रगणकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

सिसई में जनगणना 2027 की तैयारी तेज, हाउस नंबरिंग और नजरी नक्शा को लेकर प्रगणकों को दिया गया विशेष प्रशिक्षण

author Udaychand Kumar
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#सिसई #जनगणना_प्रशिक्षण : डिजिटल जनगणना प्रक्रिया को लेकर प्रगणकों को विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया।

सिसई प्रखंड सभागार में भारत की जनगणना 2027 को लेकर हाउस नंबरिंग एवं नजरी नक्शा तैयार करने संबंधी विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण में प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को डिजिटल माध्यम से होने वाली जनगणना प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने सभी कर्मियों से पारदर्शिता और ईमानदारी के साथ कार्य करने की अपील की। जनगणना के प्रथम चरण में मकान सूचीकरण और स्व-पंजीकरण प्रक्रिया पर विशेष जोर दिया गया।

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  • सिसई प्रखंड सभागार में जनगणना 2027 को लेकर विशेष प्रशिक्षण आयोजित।
  • 233 प्रगणक और 34 पर्यवेक्षकों को हाउस नंबरिंग एवं नजरी नक्शा का प्रशिक्षण।
  • 1 मई से 15 मई तक स्व-पोर्टल आधारित जनगणना प्रक्रिया पर चर्चा।
  • 16 मई से 14 जून तक चलने वाले मकान सूचीकरण के 34 बिंदुओं की जानकारी दी गई।
  • बीडीओ रमेश कुमार यादव ने जनगणना कार्य ईमानदारी से करने की अपील की।

सिसई प्रखंड मुख्यालय स्थित प्रखंड सभागार में शुक्रवार को भारत की जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण, हाउस नंबरिंग एवं नजरी नक्शा तैयार करने को लेकर विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रगणक एवं पर्यवेक्षक शामिल हुए। अधिकारियों ने डिजिटल माध्यम से होने वाली इस जनगणना प्रक्रिया को गंभीरता और पारदर्शिता के साथ पूरा करने का निर्देश दिया।

अंतिम बैच के प्रशिक्षण में बड़ी संख्या में कर्मी हुए शामिल

प्रशिक्षण कार्यक्रम चार्ज पदाधिकारी अशोक कुमार बड़ाइक के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इस दौरान प्रशिक्षक के रूप में विपिन बिहारी झा, अभिजीत अधिकारी, अजय कुमार अकेला एवं संत कुमार साहू उपस्थित रहे। प्रशिक्षण में कुल 233 प्रगणक, 34 पर्यवेक्षक, इसके अलावा 24 सुरक्षित प्रगणक एवं 6 सुरक्षित पर्यवेक्षक शामिल हुए।

अधिकारियों ने प्रशिक्षण के दौरान जनगणना की तकनीकी प्रक्रिया, घरों के चिह्नीकरण, मकान सूचीकरण, हाउस नंबरिंग तथा नजरी नक्शा तैयार करने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया। प्रशिक्षण में बताया गया कि इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल प्रणाली के माध्यम से की जाएगी, जिससे आंकड़ों की पारदर्शिता और सटीकता सुनिश्चित की जा सके।

स्व-पंजीकरण और मकान सूचीकरण पर विशेष जोर

प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों ने बताया कि 1 मई से 15 मई तक लोग स्वयं पोर्टल पर जाकर जनगणना संबंधी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद 16 मई से 14 जून तक मकान सूचीकरण का कार्य चलाया जाएगा। इस प्रक्रिया में कुल 34 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की जाएगी।

प्रशिक्षकों ने सभी प्रगणकों को बताया कि प्रत्येक घर का सही विवरण दर्ज करना बेहद आवश्यक है, क्योंकि जनगणना के आंकड़े भविष्य की सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों का आधार बनते हैं। प्रशिक्षण के दौरान नक्शा तैयार करने, मकानों की पहचान और क्षेत्रवार सूची तैयार करने की विधि का भी व्यावहारिक प्रदर्शन किया गया।

प्रशिक्षण सत्र में पूछे गए कई सवाल

कार्यक्रम के दौरान प्रगणकों और पर्यवेक्षकों ने जनगणना प्रक्रिया से जुड़े संभावित प्रश्न भी पूछे। पूरे प्रशिक्षण सत्र में प्रश्नोत्तर कार्यक्रम काफी सक्रिय और उपयोगी रहा। अधिकारियों ने डिजिटल एंट्री, डेटा अपलोड, मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग और तकनीकी समस्याओं के समाधान से संबंधित जानकारी भी साझा की।

प्रशिक्षकों ने बताया कि डिजिटल जनगणना प्रक्रिया के कारण कार्य में तेजी आएगी और आंकड़ों को सुरक्षित तरीके से संकलित किया जा सकेगा। साथ ही नक्शा आधारित डेटा संग्रहण से भविष्य में प्रशासनिक कार्यों में भी सुविधा मिलेगी।

बीडीओ ने ईमानदारी से कार्य करने की अपील की

प्रखंड विकास पदाधिकारी रमेश कुमार यादव भी प्रशिक्षण कार्यक्रम में पहुंचे और सभी जनगणना कर्मियों को संबोधित किया।

प्रखंड विकास पदाधिकारी रमेश कुमार यादव ने कहा: “जनगणना देश के विकास और योजना निर्माण का महत्वपूर्ण आधार है। सभी कर्मी अपने दायित्व का निर्वहन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ करें।”

उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रगणक और पर्यवेक्षक की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। किसी भी प्रकार की लापरवाही भविष्य की योजनाओं को प्रभावित कर सकती है, इसलिए सभी कर्मियों को सावधानीपूर्वक कार्य करना होगा।

डिजिटल जनगणना से प्रशासन को मिलेगी मजबूती

अधिकारियों ने बताया कि आगामी जनगणना में तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाएगा। डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रह होने के कारण प्रशासन को सही और अद्यतन आंकड़े उपलब्ध होंगे। इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सड़क, बिजली और अन्य बुनियादी सुविधाओं की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने में सहायता मिलेगी।

प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित कर्मियों ने भी जनगणना प्रक्रिया को सफल बनाने का संकल्प लिया। सभी ने कहा कि वे अपने क्षेत्र में पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करेंगे और लोगों को भी जागरूक करेंगे।

न्यूज़ देखो: डिजिटल भारत की दिशा में बड़ा कदम

भारत की जनगणना 2027 केवल आंकड़ों का संग्रह नहीं, बल्कि देश के विकास की भविष्य योजना का आधार है। सिसई में जिस गंभीरता और व्यवस्थित तरीके से प्रशिक्षण आयोजित किया गया, वह प्रशासन की तैयारी को दर्शाता है। डिजिटल जनगणना प्रणाली पारदर्शिता और गति दोनों बढ़ाएगी, लेकिन इसकी सफलता पूरी तरह जमीनी कर्मियों की जिम्मेदारी और ईमानदारी पर निर्भर करेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जिम्मेदार नागरिक बनें, सही जानकारी देकर विकास में निभाएं अपनी भूमिका

जनगणना केवल सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि देश के भविष्य निर्माण का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
सही आंकड़े ही सही योजनाओं की नींव बनते हैं।
हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह जनगणना प्रक्रिया में सहयोग करे और सही जानकारी उपलब्ध कराए।
डिजिटल भारत की इस नई पहल को सफल बनाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
अपनी राय कमेंट में जरूर दें, खबर को साझा करें और लोगों को जनगणना के प्रति जागरूक बनाएं।

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Written by

सिसई, गुमला

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