#बानो #बालू_संकट : दक्षिण कोयल नदी से बालू निकासी रोकने पर ग्रामीणों ने उठाई आवाज।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत बेड़ाइरगी पंचायत भवन में विशेष ग्राम सभा आयोजित कर पंचायत क्षेत्र में उत्पन्न बालू संकट पर चर्चा की गई। बैठक में ग्रामीणों ने दक्षिण कोयल नदी से बालू निकासी पर लगी रोक के कारण विकास कार्य प्रभावित होने की बात उठाई। ग्राम सभा में प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने समाधान को लेकर विचार-विमर्श किया। पेसा कानून के तहत बालू उपलब्ध कराने के लिए उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने पर सहमति बनी।
- बेड़ाइरगी पंचायत भवन में विशेष ग्राम सभा बैठक आयोजित।
- मुखिया हेलेन कंडुलना की अध्यक्षता में बालू संकट पर हुई चर्चा।
- दक्षिण कोयल नदी को कैटेगरी-2 में रखने से बालू निकासी पर रोक।
- ग्रामीणों ने विकास योजनाओं के प्रभावित होने की समस्या उठाई।
- बीडीओ सह अंचलाधिकारी नईमुद्दीन अंसारी ने नियमों के पालन पर दिया जोर।
- पेसा कानून के तहत बालू उपलब्धता सुनिश्चित करने को ज्ञापन देने पर बनी सहमति।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड क्षेत्र स्थित बेड़ाइरगी पंचायत भवन सभागार में गुरुवार को विशेष ग्राम सभा बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंचायत क्षेत्र में गहराते बालू संकट और उससे प्रभावित हो रहे विकास कार्यों को लेकर गंभीर चर्चा हुई। ग्राम सभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की मौजूदगी रही, जिन्होंने पंचायत क्षेत्र में बालू की कमी से उत्पन्न समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा।
बैठक की अध्यक्षता बेड़ाइरगी पंचायत की मुखिया हेलेन कंडुलना ने की। इस दौरान पंचायत क्षेत्र के विभिन्न जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और ग्राम सभा के पदाधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने कहा कि दक्षिण कोयल नदी से बालू निकासी पर रोक लगने के कारण निर्माण कार्य और सरकारी योजनाएं प्रभावित हो रही हैं।
पंचायत भवन में जुटे जनप्रतिनिधि और अधिकारी
विशेष ग्राम सभा में मुख्य रूप से प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी नईमुद्दीन अंसारी, प्रखंड सांसद प्रतिनिधि अजित कंडुलना, सिम्हातु मुखिया लोरेंस बागे, सोय मुखिया सोमवारी कैथवार, उप मुखिया रीना देवी, पंचायत समिति सदस्य इलियाजर कंडुलना, ग्राम सभा बिंजामार्चा निस्तार मिंज, अंबरूस कंडुलना, एफ्रेंस कंडुलना और ग्राम सभा अध्यक्ष सनातन गुड़िया सहित पंचायत एवं ग्राम सभा के कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान पंचायत क्षेत्र में संचालित विकास योजनाओं की भी समीक्षा की गई। ग्रामीणों ने विभिन्न योजनाओं में निर्माण सामग्री की कमी के कारण कार्यों में हो रही देरी पर चिंता जताई।
दक्षिण कोयल नदी से बालू निकासी रोकने पर उठे सवाल
बैठक में सबसे प्रमुख मुद्दा दक्षिण कोयल नदी से बालू निकासी पर लगी रोक रहा। ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में बालू का मुख्य स्रोत यही नदी है। नदी से बालू निकासी बंद होने के कारण भवन निर्माण, सड़क निर्माण और अन्य सरकारी योजनाओं का कार्य प्रभावित हो रहा है।
मुखिया हेलेन कंडुलना ने बैठक में जानकारी दी कि जिला खनन विभाग द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार दक्षिण कोयल नदी को कैटेगरी-2 में रखा गया है। इस श्रेणी में आने वाले क्षेत्रों से बालू निकासी पर प्रतिबंध लगाया गया है।
मुखिया हेलेन कंडुलना ने कहा: “बालू निकासी पर रोक लगने से पंचायत क्षेत्र में विकास योजनाओं को पूरा करने में भारी कठिनाई हो रही है। ग्रामीणों को भी निजी निर्माण कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।”
प्रशासन ने नियमों के पालन की बात कही
बैठक के दौरान बीडीओ सह अंचलाधिकारी नईमुद्दीन अंसारी ने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का पालन करना सभी के लिए आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के विरुद्ध जाकर कोई कार्य नहीं किया जा सकता।
उन्होंने ग्राम सभा को सलाह दी कि पंचायत क्षेत्र में कैटेगरी-1 के अंतर्गत आने वाले संभावित बालू घाटों की पहचान की जाए, ताकि आगे आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा सके।
नईमुद्दीन अंसारी ने कहा: “ग्राम सभा आवेदन सौंपे, जिसके बाद अंचल की टीम स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट जिला प्रशासन और खनन विभाग को भेजेगी। आगे की कार्रवाई उपायुक्त और जिला खनन विभाग के निर्देशानुसार होगी।”
पेसा कानून के तहत अधिकार की उठी मांग
बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि पंचायत क्षेत्र में बालू की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पेसा कानून के तहत ग्राम सभा को अधिकार मिलना चाहिए। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं थी कि दक्षिण कोयल नदी घाट को कैटेगरी-2 में रखा गया है।
प्रखंड सांसद प्रतिनिधि अजित कंडुलना ने कहा कि बालू संकट के कारण पंचायत क्षेत्र में कई विकास योजनाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने ग्राम सभा के माध्यम से अंचलाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी और उपायुक्त के नाम मांग पत्र सौंपने की बात कही।
अजित कंडुलना ने कहा: “पेसा कानून के तहत ग्राम सभा को अपने चिन्हित घाटों से बालू निकासी का अधिकार प्राप्त है। पंचायत क्षेत्र के विकास के लिए बालू की उपलब्धता बेहद जरूरी है।”
ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से उपायुक्त को ज्ञापन सौंपने का निर्णय लिया, ताकि पंचायत क्षेत्र में बालू संकट का समाधान निकाला जा सके।
ग्रामीणों में दिखी नाराजगी
बैठक में मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो पंचायत क्षेत्र में विकास कार्य पूरी तरह प्रभावित हो सकते हैं। लोगों ने बताया कि निजी मकान निर्माण, सरकारी भवन निर्माण और अन्य कार्यों में बालू की भारी आवश्यकता होती है।
ग्रामीणों का कहना था कि पंचायत क्षेत्र के लोग पहले से ही संसाधनों की कमी से जूझ रहे हैं। ऐसे में बालू संकट ने स्थिति को और गंभीर बना दिया है।
बैठक में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और सभी ने पंचायत क्षेत्र की समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन से जल्द पहल करने की मांग की।

न्यूज़ देखो: विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना बड़ी चुनौती
बेड़ाइरगी पंचायत की यह ग्राम सभा ग्रामीण क्षेत्रों में संसाधनों की उपलब्धता और विकास कार्यों के बीच संतुलन की चुनौती को सामने लाती है। पर्यावरण संरक्षण के लिए नियम जरूरी हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्य बाधित न हों, इसके लिए व्यावहारिक समाधान भी आवश्यक है। प्रशासन और ग्राम सभा के बीच समन्वय बनाकर ऐसी व्यवस्था तैयार करनी होगी, जिससे पर्यावरण भी सुरक्षित रहे और जनता की मूलभूत जरूरतें भी पूरी हो सकें। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक ग्राम सभा ही मजबूत पंचायत की पहचान
गांव की समस्याओं का समाधान तभी संभव है, जब ग्रामीण एकजुट होकर अपनी आवाज लोकतांत्रिक तरीके से उठाएं।
ग्राम सभा केवल बैठक नहीं, बल्कि गांव के विकास का सबसे बड़ा मंच है।
संसाधनों का सही उपयोग और अधिकारों की जानकारी ग्रामीण विकास को नई दिशा दे सकती है।
पेसा कानून और स्थानीय भागीदारी से गांव आत्मनिर्भर बनने की ओर बढ़ सकते हैं।
आप भी अपने गांव की समस्याओं और विकास कार्यों को लेकर जागरूक बनें। खबर को शेयर करें, अपनी राय कमेंट में दें और जनहित से जुड़े मुद्दों को लोगों तक पहुंचाने में अपनी भागीदारी निभाएं।

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