एड्स दिवस पर सदर अस्पताल गुमला में जागरूकता कार्यक्रम, सेंट जोसेफ नर्सिंग छात्राओं के नाटक ने मिटाई HIV से जुड़ी भ्रांतियाँ

एड्स दिवस पर सदर अस्पताल गुमला में जागरूकता कार्यक्रम, सेंट जोसेफ नर्सिंग छात्राओं के नाटक ने मिटाई HIV से जुड़ी भ्रांतियाँ

author Dindayal Ram
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#गुमला #स्वास्थ्य_जागरूकता : विश्व एड्स दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में नाटक, विशेषज्ञ जानकारी और प्रशासन की उपस्थिति से बढ़ी जागरूकता
  • सदर अस्पताल गुमला में विश्व एड्स दिवस पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ।
  • सेंट जोसेफ नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं ने HIV/एड्स पर मार्मिक नाटक प्रस्तुत किया।
  • नाटक में असुरक्षित यौन संबंध, साझा सुई, असुरक्षित उपकरण, बिना जांच रक्तदान को प्रमुख संक्रमण कारण बताया गया।
  • नोडल अधिकारी केके मिश्रा ने HIV के लक्षण, बचाव और सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।
  • कार्यक्रम में सीएमओ डॉ. शोमराय और एसडीओ की उपस्थिति से अभियान को अतिरिक्त महत्व मिला।
  • अधिकारियों ने लोगों से भेदभाव रोकने और समय पर जांच कराने की अपील की।

विश्व एड्स दिवस के अवसर पर सोमवार को सदर अस्पताल गुमला में एक महत्वपूर्ण और जानकारीपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य HIV/एड्स से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करना, संक्रमण के वास्तविक कारणों के बारे में लोगों को शिक्षित करना और समाज में जागरूक और संवेदनशील वातावरण तैयार करना था। इस अवसर पर संत जोसेफ नर्सिंग कॉलेज की छात्राओं द्वारा प्रस्तुत नाटक ने उपस्थित लोगों को गहरे स्तर पर प्रभावित किया। नाटक में युवा छात्राओं ने बड़ी सहजता और प्रभावशीलता से यह संदेश दिया कि एड्स से डरें नहीं, बल्कि इसके बारे में जागरूक होकर समय पर परीक्षण और उपचार कराएं।

नर्सिंग छात्राओं ने नाटक के जरिए समझाया—HIV कैसे फैलता है, कैसे नहीं

सेंट जोसेफ नर्सिंग की टीम द्वारा पेश किया गया नाटक कार्यक्रम का सबसे आकर्षक और प्रभावशाली हिस्सा रहा। नाटक में उन प्रमुख कारणों को विस्तार से दिखाया गया जिनसे HIV का संक्रमण फैलता है—

  • असुरक्षित यौन संबंध
  • एक ही सूई या निडिल का प्रयोग
  • बिना जांच के रक्त चढ़ाना
  • टैटू बनवाते समय असुरक्षित उपकरणों का उपयोग

छात्राओं ने यह भी बताया कि HIV/एड्स से जुड़े समाज में कई मिथक फैले हुए हैं, जैसे छूने से, साथ भोजन करने से या साथ रहने से संक्रमण फैलता है। नाटक में ऐसे मिथकों का खंडन करते हुए स्पष्ट संदेश दिया गया कि HIV का संक्रमण केवल वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित कारणों से ही फैलता है, न कि सामाजिक संपर्क से।

नोडल अधिकारी केके मिश्रा ने बताए तथ्य, बचाव के तरीके और सरकारी सुविधाएँ

कार्यक्रम में एड्स नोडल अधिकारी केके मिश्रा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए HIV संक्रमण, इसके लक्षण, इलाज और सरकारी योजनाओं पर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि HIV मरीजों के लिए नियमित जांच, दवाई और काउंसलिंग की व्यवस्था सरकार द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती है। उन्होंने जिले के HIV मरीजों के आँकड़े (बिना किसी पहचान उजागर किए) भी साझा किए, जिससे लोगों को इस बीमारी की वास्तविक गंभीरता का अंदाजा मिल सके।

श्री मिश्रा ने कहा कि एड्स से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है—जागरूकता और सावधानी। उन्होंने लोगों से नियमित जांच कराने, सुरक्षित व्यवहार अपनाने और किसी भी प्रकार के मिथक या अफवाह पर विश्वास न करने की अपील की।

प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति ने बढ़ाया कार्यक्रम का महत्व

जागरूकता कार्यक्रम में कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें प्रमुख रूप से सीएमओ डॉ. शोमराय और एसडीओ शामिल थे। अधिकारियों ने अपने संबोधन में कहा कि HIV/एड्स से लड़ाई केवल चिकित्सा विभाग की नहीं, बल्कि पूरे समाज की संयुक्त जिम्मेदारी है। प्रशासन ने भी इस बात के संकेत दिए कि जिले में HIV रोकथाम से जुड़े कार्यक्रमों को और मजबूत किया जाएगा।

अधिकारियों ने लोगों से यह भी कहा कि HIV से संक्रमित व्यक्ति को सम्मान और सहयोग मिलना चाहिए, क्योंकि भेदभाव इस बीमारी से ज्यादा नुकसान पहुंचाता है। समय पर इलाज करने से मरीज लंबा और स्वस्थ जीवन जी सकता है।

समुदाय की सहभागिता ने कार्यक्रम को बनाया सफल

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में आम लोग, स्वास्थ्यकर्मी, नर्सिंग छात्राएँ, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय युवाओं ने हिस्सा लिया। सभी ने एक स्वर में कहा कि ऐसी पहलें समाज को सही दिशा में ले जाने का काम करती हैं।

लोगों ने मंच से यह भी आग्रह किया कि गाँव-गाँव और स्कूल-कॉलेज स्तर पर इसी प्रकार के जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएँ, ताकि अधिक से अधिक लोग समय पर सही जानकारी प्राप्त कर सकें।

न्यूज़ देखो: एड्स जागरूकता को लेकर गुमला में बढ़ती संवेदनशीलता

सदर अस्पताल गुमला में आयोजित यह कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में फैल चुकी भ्रांतियों को तोड़ने और वैज्ञानिक जागरूकता को बढ़ावा देने की एक मजबूत कोशिश थी। प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और नर्सिंग संस्थाओं की संयुक्त भागीदारी ने यह दिखा दिया कि HIV/एड्स के खिलाफ लड़ाई सामूहिक प्रयास से ही संभव है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

आइए जागरूक बनें, जागरूकता फैलाएँ—भेदभाव नहीं, समझदारी अपनाएँ

HIV/एड्स से लड़ाई का पहला कदम है सही जानकारी। अपने आसपास के लोगों को जागरूक बनाएं, सुरक्षित व्यवहार अपनाने के लिए प्रेरित करें और किसी भी अफवाह या मिथक को बढ़ावा न दें। इस खबर को शेयर कर एड्स जागरूकता के संदेश को और अधिक लोगों तक पहुँचाएँ। समाज के हर व्यक्ति की भागीदारी ही इस अभियान को सफल बनाएगी।

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