#गुमला #बार_एसोसिएशन : अधिवक्ताओं ने पेयजल, न्यायिक व्यवस्था और सुविधाओं को लेकर सौंपा मांगपत्र।
गुमला बार एसोसिएशन सभागार में शुक्रवार को नव नियुक्त उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो का स्वागत समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं ने जिले की न्यायिक व्यवस्था, पेयजल संकट, रजिस्ट्री कार्यालय की समस्याओं और महिला अधिवक्ताओं के लिए बुनियादी सुविधाओं समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया। उपायुक्त ने सभी मांगों को गंभीरता से लेते हुए चरणबद्ध समाधान का आश्वासन दिया। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
- उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो का बार एसोसिएशन ने किया स्वागत।
- अधिवक्ताओं ने विभिन्न समस्याओं को लेकर सौंपा मांगपत्र।
- पेयजल संकट दूर करने के लिए जलमीनार और बोरिंग की मांग।
- न्यायिक दस्तावेजों के निष्पादन में हो रही देरी पर जताई चिंता।
- महिला अधिवक्ताओं के लिए कॉमन रूम और फीडिंग रूम की मांग।
- उपायुक्त ने सभी समस्याओं के समाधान का दिया आश्वासन।
गुमला बार एसोसिएशन सभागार में शुक्रवार को नव नियुक्त उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो के सम्मान में एक औपचारिक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं ने गर्मजोशी के साथ उपायुक्त का स्वागत किया। इस दौरान जिले की न्यायिक व्यवस्था, जनसुविधाओं और प्रशासनिक समस्याओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया।
अधिवक्ताओं ने उपायुक्त को एक विस्तृत मांगपत्र सौंपते हुए बताया कि जिले में कई बुनियादी सुविधाओं के अभाव में आम लोगों और अधिवक्ताओं को लगातार कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से त्वरित कार्रवाई कर इन समस्याओं के समाधान की मांग की।
पेयजल संकट को लेकर उठी आवाज
कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं ने बार एसोसिएशन परिसर में पेयजल की गंभीर समस्या का मुद्दा उठाया। उन्होंने बताया कि परिसर में शुद्ध पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से अधिवक्ताओं और आम नागरिकों को परेशानी होती है।
मांगपत्र में बार एसोसिएशन परिसर में जलमीनार लगाने अथवा भूजल आधारित व्यवस्था जैसे कुआं या बोरिंग कराने की मांग की गई।
अधिवक्ताओं का कहना था कि न्यायालय परिसर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं, ऐसे में पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था बेहद जरूरी है।
कैंटीन और लाइब्रेरी के जीर्णोद्धार की मांग
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने परिसर में पहले से संचालित कैंटीन की जर्जर स्थिति की जानकारी भी उपायुक्त को दी। उन्होंने कैंटीन के जीर्णोद्धार और विस्तारीकरण की मांग करते हुए कहा कि अधिवक्ताओं और आम लोगों के लिए बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना जरूरी है।
इसके अलावा अधिवक्ताओं ने लाइब्रेरी को आधुनिक बनाने और उसमें ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध कराने का भी अनुरोध किया।
अधिवक्ताओं ने कहा: “डिजिटल सुविधाओं के अभाव में अधिवक्ताओं को कानूनी कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।”
उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक और ऑनलाइन संसाधनों से न्यायिक प्रक्रिया और अधिक प्रभावी बन सकती है।
दस्तावेज सत्यापन में देरी पर चिंता
कार्यक्रम में न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया गया। अधिवक्ताओं ने बताया कि दस्तावेजों के निष्पादन और सत्यापन में तीन से चार माह तक का अनावश्यक विलंब हो रहा है।
इससे आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। अधिवक्ताओं ने इस प्रक्रिया को सरल और समयबद्ध बनाने की मांग की।
उन्होंने कहा कि कई लोग प्रमाणपत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों के लिए महीनों तक कार्यालयों का चक्कर लगाते रहते हैं।
चंदाली न्यायालय को स्थानांतरित करने की मांग
बार एसोसिएशन की ओर से चंदाली न्यायालय को सिविल कोर्ट परिसर के समीप स्थापित करने की मांग भी उठाई गई।
अधिवक्ताओं ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था के कारण लोगों और वकीलों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे समय और संसाधनों की बर्बादी होती है।
इसके अलावा न्यायालय भवन के रंग-रोगन और समुचित रख-रखाव की मांग भी की गई।
महिला अधिवक्ताओं के लिए सुविधाओं की मांग
कार्यक्रम में महिला अधिवक्ताओं की सुविधाओं का मुद्दा भी प्रमुखता से सामने आया। अधिवक्ताओं ने महिला वकीलों के लिए कॉमन रूम, चेंजिंग रूम और फीडिंग रूम जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करने का अनुरोध किया।
साथ ही पूर्व में उपलब्ध कराए गए सिलाई सिस्टम की मरम्मत और लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन की मांग भी रखी गई।
एलआरडीसी न्यायालय के नियमित संचालन की आवश्यकता पर भी अधिवक्ताओं ने जोर दिया।
तीन अनुमंडलों में एक साथ कोर्ट संचालन पर आपत्ति
अधिवक्ताओं ने यह भी कहा कि जिले के तीन अनुमंडलों में न्यायालयों का एक साथ संचालन होने से व्यावहारिक कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं।
उन्होंने एसडीओ, एसी और उपायुक्त न्यायालय की नियमित एवं सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की।
इसके अलावा रजिस्ट्री कार्यालय में विवाह प्रमाण पत्र सहित अन्य कार्यों में होने वाली देरी का मुद्दा भी उठाया गया।
अधिवक्ताओं ने कहा कि इन समस्याओं के कारण आम लोगों को अनावश्यक परेशानी झेलनी पड़ती है।
उपायुक्त ने दिया समाधान का आश्वासन
उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने सभी समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए कहा कि वे गुमला जिले की परिस्थितियों से भली-भांति परिचित हैं।
उन्होंने बताया कि उनकी पहली पदस्थापना भी इसी जिले में हुई थी, इसलिए वे स्थानीय समस्याओं को समझते हैं।
उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो ने कहा: “सभी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर चरणबद्ध तरीके से समाधान किया जाएगा।”
उन्होंने विशेष रूप से पेयजल समस्या के समाधान के लिए पेयजल एवं स्वच्छता विभाग (PHED) को आवश्यक निर्देश देने की बात कही।
उपायुक्त ने कहा कि जनहित से जुड़े सभी मुद्दों पर गंभीरता से कार्रवाई की जाएगी और बेहतर प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
न्यूज़ देखो: न्याय व्यवस्था मजबूत होगी तो जनता का भरोसा भी बढ़ेगा
बार एसोसिएशन द्वारा उठाए गए मुद्दे केवल अधिवक्ताओं की सुविधाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आम नागरिकों की समस्याओं से भी सीधे जुड़े हुए हैं। न्यायिक व्यवस्था को मजबूत और सुगम बनाना प्रशासन की बड़ी जिम्मेदारी है। यदि समयबद्ध तरीके से इन मांगों पर कार्रवाई होती है, तो इससे जिले की न्यायिक व्यवस्था और जनसुविधाओं दोनों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
बेहतर न्याय व्यवस्था और सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार
न्यायालय केवल कानूनी प्रक्रिया का केंद्र नहीं, बल्कि जनता के विश्वास का प्रतीक भी होता है।
सुविधाओं की कमी न्याय प्रक्रिया को प्रभावित करती है, इसलिए समय पर सुधार जरूरी है।
प्रशासन और समाज मिलकर बेहतर व्यवस्था की दिशा में कदम बढ़ाएं।
जनहित के मुद्दों पर सजग रहना ही लोकतंत्र की असली ताकत है।
आप भी अपने क्षेत्र की समस्याओं को जिम्मेदारी के साथ उठाएं। खबर को शेयर करें, अपनी राय कमेंट में दें और जनसरोकार से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाने में अपनी भागीदारी निभाएं।

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