#बरवाडीह #बकरीद_पर्व : मस्जिदों और ईदगाहों में अकीदत के साथ नमाज अदा कर अमन की दुआ मांगी।
लातेहार जिले के बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार को ईद-उल-अजहा का पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया। विभिन्न मस्जिदों और ईदगाहों में मुस्लिम समुदाय के लोगों ने अकीदत के साथ नमाज अदा कर देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरती गई और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती की गई। पूरे क्षेत्र में भाईचारे, उत्साह और सामाजिक सौहार्द का माहौल देखने को मिला।
- बरवाडीह जामा मस्जिद समेत क्षेत्र की सभी मस्जिदों और ईदगाहों में शांतिपूर्ण ढंग से बकरीद की नमाज अदा की गई।
- नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी और अमन-चैन की दुआ मांगी।
- मौलाना रहमत अली ने कुर्बानी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए भाईचारे का संदेश दिया।
- सरईडीह, इस्लामपुर, पोखरी खुर्द, पोखरी कलां, बगीचा, बेतला और छेचा समेत कई इलाकों में उत्साहपूर्ण माहौल रहा।
- सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एसडीपीओ बिरेंद्र कुमार राम सहित कई प्रशासनिक अधिकारी क्षेत्र में सक्रिय रहे।
- वरिष्ठ समाजसेवी हाजी मुमताज अली ने अधिकारियों का स्वागत कर सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र में गुरुवार को ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व पूरी श्रद्धा, उत्साह और भाईचारे के साथ मनाया गया। सुबह से ही मस्जिदों और ईदगाहों में नमाजियों की भीड़ देखने को मिली। मुस्लिम समुदाय के लोगों ने निर्धारित समय पर नमाज अदा कर देश और समाज में शांति, भाईचारा और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर त्योहार की शुभकामनाएं दीं। पूरे क्षेत्र में पर्व को लेकर उल्लास और सौहार्द का वातावरण बना रहा। प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए थे।
जामा मस्जिद में अकीदत के साथ अदा की गई नमाज
बरवाडीह स्थित जामा मस्जिद में सुबह करीब 7 बजे बड़ी संख्या में नमाजियों ने बकरीद की नमाज अदा की। नमाज के दौरान लोगों में धार्मिक आस्था और अनुशासन का माहौल देखने को मिला। नमाज के बाद सभी लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर बकरीद की मुबारकबाद दी और आपसी प्रेम एवं भाईचारे का संदेश दिया।
मौलाना रहमत अली ने दिया इंसानियत का संदेश
नमाज के बाद मौलाना रहमत अली ने अपने संबोधन में बकरीद और कुर्बानी के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि यह पर्व त्याग, समर्पण और इंसानियत का संदेश देता है। लोगों से समाज में प्रेम, भाईचारा और सद्भाव बनाए रखने की अपील भी की गई।
मौलाना रहमत अली ने कहा: “बकरीद केवल कुर्बानी का पर्व नहीं, बल्कि इंसानियत, त्याग और भाईचारे का संदेश देने वाला त्योहार है।”
विभिन्न गांवों और मस्जिदों में दिखा उल्लास
बरवाडीह प्रखंड के सरईडीह, इस्लामपुर, पोखरी खुर्द, पोखरी कलां, बगीचा, बेतला, बरवाडीह अहिरपुरवा, वीआईपी चौक के समीप स्थित मस्जिद, छेचा सहित कई गांवों और इलाकों में भी बकरीद की नमाज शांतिपूर्ण माहौल में अदा की गई। सभी जगहों पर लोगों में उत्साह और खुशी का माहौल दिखाई दिया।
त्योहार के अवसर पर बच्चों और युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। नमाज के बाद लोग अपने रिश्तेदारों और परिचितों के घर जाकर एक-दूसरे को बधाई देते नजर आए। कई स्थानों पर सामाजिक मेलजोल और पारंपरिक सौहार्द की सुंदर तस्वीर भी सामने आई।
प्रशासन रहा पूरी तरह सतर्क
बकरीद पर्व को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था भी पूरी तरह सक्रिय और सतर्क नजर आई। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई थी ताकि त्योहार शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न हो सके।
सरईडीह और पोखरी कलां क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने अनुमंडलीय पुलिस पदाधिकारी बिरेंद्र कुमार राम, अंचलाधिकारी लवकेश कुमार सिंह, थाना प्रभारी अनुराग कुमार, सब इंस्पेक्टर एस.एन. ओझा, सब इंस्पेक्टर उपेंद्र सिंह, एएसआई राजेश यादव, एएसआई नीरज दुबे और चौकीदार महेश्वर सिंह सहित अन्य पुलिस अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे।
प्रशासन की ओर से लोगों से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील भी की गई। अधिकारियों ने विभिन्न इलाकों में भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया और लोगों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
हाजी मुमताज अली ने किया अधिकारियों का स्वागत
पोखरी कलां में अधिकारियों के पहुंचने पर वरिष्ठ समाजसेवी हाजी मुमताज अली ने सभी प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिसकर्मियों का स्वागत किया। उन्होंने सभी को बकरीद की मुबारकबाद देते हुए क्षेत्र में शांति और भाईचारे की परंपरा बनाए रखने की बात कही।
हाजी मुमताज अली ने कहा: “बरवाडीह की पहचान हमेशा से आपसी भाईचारे और सौहार्द की रही है, जिसे हमें आगे भी मजबूत बनाए रखना है।”
सामाजिक सौहार्द की बनी मिसाल
बकरीद पर्व के दौरान पूरे बरवाडीह क्षेत्र में सामाजिक एकता और भाईचारे की मिसाल देखने को मिली। विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं देकर सामाजिक सौहार्द को और मजबूत किया। प्रशासन और स्थानीय लोगों के सहयोग से पूरा पर्व शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
त्योहार के दौरान कहीं से भी किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली, जिससे लोगों ने राहत महसूस की। स्थानीय लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि सुरक्षा व्यवस्था बेहतर रहने से पर्व शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सका।
न्यूज़ देखो: बरवाडीह ने फिर पेश की सामाजिक एकता और सौहार्द की मिसाल
बरवाडीह में बकरीद का शांतिपूर्ण आयोजन यह दर्शाता है कि सामाजिक एकता और आपसी भाईचारा आज भी गांव और कस्बों की सबसे बड़ी ताकत है। प्रशासन की सतर्कता और स्थानीय लोगों के सहयोग ने त्योहार को सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। ऐसे अवसर समाज को यह संदेश देते हैं कि विभिन्न धर्म और समुदाय मिलकर शांति और सद्भाव का वातावरण बना सकते हैं। आने वाले समय में भी इसी तरह सामाजिक सौहार्द कायम रहे, यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मिलजुल कर त्योहार मनाने की परंपरा समाज को मजबूत बनाती है
त्योहार केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं होते, बल्कि समाज को जोड़ने और आपसी विश्वास को मजबूत करने का माध्यम भी बनते हैं। बरवाडीह में जिस तरह लोगों ने भाईचारे और शांति के साथ बकरीद मनाई, वह पूरे क्षेत्र के लिए सकारात्मक संदेश है। सामाजिक सौहार्द और एकता की यह भावना आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बन सकती है।
अपने आसपास शांति, प्रेम और सहयोग का माहौल बनाए रखने में हर नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे आयोजनों से समाज में विश्वास और एकजुटता बढ़ती है।
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