बनहरदी परियोजना की पहल से ग्रामीण स्वास्थ्य को मजबूती, 94 लोगों को मिला निःशुल्क नेत्र जांच व उपचार

बनहरदी परियोजना की पहल से ग्रामीण स्वास्थ्य को मजबूती, 94 लोगों को मिला निःशुल्क नेत्र जांच व उपचार

author Ravikant Kumar Thakur
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#लातेहार #स्वास्थ्य_सेवा : चेतर पंचायत भवन में आयोजित शिविर से ग्रामीणों को समय पर नेत्र उपचार की सुविधा।

लातेहार जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने की दिशा में बनहरदी परियोजना द्वारा एक दिवसीय निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का आयोजन किया गया। चेतर पंचायत भवन में आयोजित इस शिविर में कुल 94 ग्रामीणों ने आंखों की जांच कराकर परामर्श और उपचार का लाभ उठाया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण अंचलों में नेत्र रोगों की समय पर पहचान और उपचार सुनिश्चित करना रहा। यह पहल स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण साबित हुई।

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  • चेतर पंचायत भवन में एक दिवसीय निःशुल्क नेत्र जांच शिविर आयोजित।
  • कुल 94 ग्रामीणों ने जांच और चिकित्सकीय परामर्श का लाभ लिया।
  • जरूरतमंदों को निःशुल्क दवाइयां और पावर चश्मा उपलब्ध।
  • शिविर का आयोजन बनहरदी परियोजना के सामुदायिक विकास कार्यक्रम के तहत।
  • विशेषज्ञ चिकित्सकों और परियोजना अधिकारियों की रही सक्रिय भागीदारी।

लातेहार जिले के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच को मजबूत करने के उद्देश्य से बनहरदी परियोजना द्वारा एक सराहनीय पहल की गई। सोमवार, 29 दिसंबर 2025 को चेतर पंचायत भवन में आयोजित एक दिवसीय निःशुल्क नेत्र जांच शिविर में ग्रामीणों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। इस शिविर में चेतर पंचायत के साथ-साथ आसपास के आन एवं सासंग क्षेत्र के ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।

शिविर का आयोजन बनहरदी परियोजना के सामुदायिक विकास कार्यक्रम के अंतर्गत किया गया, जिसका नेतृत्व परियोजना के महाप्रबंधक नीरोद कुमार मल्लिक ने किया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में आंखों से संबंधित बीमारियों की समय रहते पहचान कर उनका उपचार सुनिश्चित करना और लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।

विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा की गई गहन जांच

शिविर के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने ग्रामीणों की आंखों की गहन जांच की। जांच के दौरान सामान्य नेत्र रोग, दृष्टिदोष, मोतियाबिंद एवं अन्य समस्याओं की पहचान की गई। चिकित्सकों ने मरीजों को आवश्यक परामर्श देते हुए उनके स्वास्थ्य संबंधी सवालों का भी समाधान किया।

जिन मरीजों को तत्काल उपचार की आवश्यकता थी, उन्हें निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। वहीं जिन लोगों को चश्मे की आवश्यकता थी, उनके लिए निःशुल्क पावर चश्मा उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी परियोजना प्रबंधन द्वारा की गई।

ग्रामीणों में दिखा संतोष और उत्साह

निःशुल्क नेत्र जांच और उपचार की सुविधा मिलने से ग्रामीणों में खासा संतोष देखने को मिला। कई ग्रामीणों ने बताया कि आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे नियमित रूप से आंखों की जांच नहीं करा पाते थे। ऐसे में गांव में ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की सुविधा मिलना उनके लिए बड़ी राहत साबित हुआ।

ग्रामीणों ने बनहरदी परियोजना की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के शिविरों से न केवल बीमारी का समय पर पता चलता है, बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ती है।

सामाजिक उत्तरदायित्व निभा रही बनहरदी परियोजना

इस अवसर पर परियोजना प्रबंधन की ओर से कहा गया कि स्वास्थ्य सेवा केवल एक औपचारिक दायित्व नहीं, बल्कि सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। ग्रामीण अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी को देखते हुए ऐसे कार्यक्रमों की आवश्यकता और भी बढ़ जाती है।

परियोजना प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि बनहरदी परियोजना भविष्य में भी इस तरह के जनकल्याणकारी और स्वास्थ्य संबंधी कार्यक्रमों का निरंतर आयोजन करती रहेगी, ताकि ग्रामीणों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उनके घर के पास ही उपलब्ध कराई जा सकें।

गणमान्य अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

शिविर के दौरान कई वरिष्ठ अधिकारी एवं चिकित्सक उपस्थित रहे। इनमें पीवीयूएनएल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. तन्मय मिश्रा, अपर महाप्रबंधक सिद्धार्थ शंकर, उप महाप्रबंधक अमरेश चंद्र राउल, वरिष्ठ प्रबंधक विनेश कुमार, चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनीष देवदत्त एक्का, अबीरलाल नाथ, अमित द्विवेदी एवं कार्यपालक भू-अर्जन व पुनर्वास पदाधिकारी कुमारी पूजा शामिल थे।

सभी अधिकारियों ने शिविर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया और इसे ग्रामीण स्वास्थ्य के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।

न्यूज़ देखो: ग्रामीण स्वास्थ्य की दिशा में सार्थक पहल

बनहरदी परियोजना द्वारा आयोजित यह नेत्र जांच शिविर दर्शाता है कि औद्योगिक परियोजनाएं यदि सामाजिक उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें, तो ग्रामीण जीवन में बड़ा बदलाव ला सकती हैं। स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील क्षेत्र में ऐसी पहल न केवल रोगों की रोकथाम करती है, बल्कि प्रशासन और समाज के बीच विश्वास भी मजबूत करती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

स्वस्थ आंखें, सशक्त जीवन की ओर

स्वस्थ जीवन के लिए समय-समय पर स्वास्थ्य जांच बेहद जरूरी है।
ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे शिविर लोगों के जीवन में नई रोशनी लाते हैं।
यदि आपके क्षेत्र में भी ऐसी पहल हो रही है, तो अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें।
अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में सहयोग करें।

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Written by

चंदवा, लातेहार

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