जनता मजदूर संघ ने मजदूर हितों के लिए आंदोलन का किया ऐलान, सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ बनी रणनीति

जनता मजदूर संघ ने मजदूर हितों के लिए आंदोलन का किया ऐलान, सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ बनी रणनीति

author Jitendra Giri
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#खलारी #मजदूर_आंदोलन : श्रमिक समस्याओं पर बैठक में आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया।

रांची जिले के खलारी स्थित डकरा में जनता मजदूर संघ की संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में श्रमिकों से जुड़े विभिन्न मुद्दों, कथित शोषण और लंबित मामलों पर चर्चा करते हुए आंदोलन की रणनीति बनाई गई। नेताओं ने सीसीएल प्रबंधन के समक्ष मजदूरों की समस्याओं को मजबूती से उठाने का संकल्प लिया। बैठक में क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं से आए प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे।

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  • डकरा क्षेत्रीय कार्यालय में जनता मजदूर संघ की संगठनात्मक बैठक आयोजित हुई।
  • सीसीएल प्रबंधन के खिलाफ मजदूर हितों को लेकर आंदोलन का निर्णय लिया गया।
  • 9.3.0, श्रम कोड और रविवार ड्यूटी जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
  • बैठक में सीसीएल अध्यक्ष कमलेश सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे।
  • विभिन्न परियोजनाओं से आए प्रतिनिधियों ने श्रमिक समस्याओं को प्रमुखता से उठाया।
  • संगठन ने मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।

रांची जिले के खलारी क्षेत्र में मजदूरों की समस्याओं और अधिकारों को लेकर जनता मजदूर संघ ने अपनी गतिविधियों को और तेज करने का संकेत दिया है। डकरा स्थित उत्तरी कर्णपुरा क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित संगठनात्मक बैठक में श्रमिक हितों से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। बैठक में उपस्थित नेताओं और प्रतिनिधियों ने मजदूरों की समस्याओं के समाधान के लिए संयुक्त संघर्ष की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही सीसीएल प्रबंधन के समक्ष विभिन्न मांगों को मजबूती से रखने की रणनीति भी तैयार की गई।

डकरा में आयोजित हुई महत्वपूर्ण बैठक

जनता मजदूर संघ, उत्तरी कर्णपुरा क्षेत्र की यह संगठनात्मक बैठक डकरा स्थित क्षेत्रीय कार्यालय में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता सेतु बांध सिंह ने की जबकि संचालन की जिम्मेदारी क्षेत्रीय सचिव गोल्डन यादव ने निभाई।

बैठक में सीसीएल अध्यक्ष कमलेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके अलावा विभिन्न परियोजनाओं और इकाइयों से जुड़े मजदूर प्रतिनिधियों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।

मजदूरों के शोषण और श्रम संबंधी मुद्दों पर चर्चा

बैठक के दौरान उत्तरी कर्णपुरा क्षेत्र में श्रमिकों से जुड़े कई मुद्दों को प्रमुखता से उठाया गया। प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि मजदूरों की विभिन्न समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं और कई मामलों में श्रमिकों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।

विशेष रूप से 9.3.0 से जुड़े मामलों, श्रम कोड के प्रभाव, रविवार ड्यूटी, तथा अन्य श्रमिक हितों से संबंधित विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों की आवाज को मजबूती से उठाना समय की मांग है और संगठन इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

प्रबंधन के खिलाफ आंदोलन की तैयारी

बैठक में उपस्थित नेताओं ने श्रमिक हितों की रक्षा के लिए आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने पर सहमति जताई। संगठन का मानना है कि यदि समस्याओं का समाधान समय पर नहीं किया गया तो मजदूरों के बीच असंतोष और बढ़ सकता है।

बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि सीसीएल प्रबंधन के समक्ष मजदूरों की मांगों को मजबूती से रखा जाएगा। यदि आवश्यक हुआ तो चरणबद्ध आंदोलन की दिशा में भी कदम उठाए जाएंगे।

विभिन्न परियोजनाओं के प्रतिनिधियों ने रखी बात

बैठक में उत्तरी कर्णपुरा क्षेत्र की विभिन्न परियोजनाओं से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को सामने रखा।

केडीएच परियोजना से टुपा महतो और आनंद सिंह, पूर्णाडीह परियोजना से रबींद्र उरांव और मनीष कुमार, खान बचाव केंद्र से धनंजय भारती, चंदन कुमार सिन्हा, बंशी कुमार राम, टेकलाल महतो, कंचन महतो और रामेश्वर कुमार यादव उपस्थित रहे।

इसके अलावा रोहिणी परियोजना से अनिल कुमार लोहार, बीरेन्द्र कुमार पासवान, संतोष कुमार, दीपक कुमार राय, चूरी परियोजना से दीपक कुमार और इंसान गंझू, जबकि जीएम यूनिट से विक्रम कुमार ठाकुर, संजय सिंह और विजय प्रताप सिंह सहित कई प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

संगठन ने एकजुटता पर दिया जोर

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठनात्मक एकता बेहद जरूरी है। उन्होंने सभी श्रमिकों से संगठित रहकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने का आह्वान किया।

नेताओं का कहना था कि मजदूरों की समस्याओं का समाधान संवाद और सकारात्मक पहल के माध्यम से होना चाहिए, लेकिन यदि उनकी मांगों की अनदेखी होती है तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन भी किया जाएगा।

न्यूज़ देखो: श्रमिक मुद्दों पर बढ़ती सक्रियता का संकेत

डकरा में आयोजित यह बैठक दर्शाती है कि श्रमिक संगठनों के बीच मजदूर हितों को लेकर सक्रियता बढ़ रही है। श्रम कानून, कार्य परिस्थितियां और रोजगार संबंधी मुद्दे आज भी बड़ी संख्या में मजदूरों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। ऐसे में संगठनों और प्रबंधन के बीच संवाद का मजबूत तंत्र विकसित होना जरूरी है ताकि विवादों का समाधान समय पर हो सके। आगे प्रबंधन और संगठन के बीच होने वाली बातचीत पर सभी की नजरें रहेंगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संगठित श्रमिक ही मजबूत समाज की पहचान

मजदूर किसी भी उद्योग और अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं। उनके अधिकारों, सुरक्षा और सम्मान की रक्षा समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

यदि श्रमिकों की समस्याएं समय पर सुनी जाएं तो उद्योगों में बेहतर वातावरण और उत्पादकता दोनों सुनिश्चित हो सकते हैं।

आप भी अपने क्षेत्र की श्रमिक समस्याओं और जनहित के मुद्दों पर जागरूक रहें।

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Written by

खलारी, रांची

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