बीसीकेयू की क्षेत्रीय समिति बैठक में मजदूरों और रैयतों के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का निर्णय

बीसीकेयू की क्षेत्रीय समिति बैठक में मजदूरों और रैयतों के मुद्दों पर संघर्ष तेज करने का निर्णय

author Jitendra Giri
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#खलारी #मजदूर_आंदोलन : रेलीगढ़ा में हुई बैठक में मजदूर हितों और रैयतों के अधिकारों पर चर्चा हुई।

खलारी के रेलीगढ़ा में बिहार कोलियरी कामगार यूनियन (सीटू) की क्षेत्रीय समिति की बैठक आयोजित हुई, जिसमें मजदूरों और रैयतों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। नेताओं ने प्रबंधन पर मजदूरों की उपेक्षा और विस्थापित परिवारों के साथ अन्याय का आरोप लगाया। बैठक में अधिकारों की रक्षा के लिए आंदोलन को और मजबूत करने का निर्णय लिया गया। साथ ही आगामी स्मृति दिवस और जयंती कार्यक्रमों की रूपरेखा भी तय की गई।

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  • रेलीगढ़ा में बीसीकेयू (सीटू) की क्षेत्रीय समिति की बैठक आयोजित हुई।
  • मजदूरों और रैयतों के मुद्दों पर आंदोलन तेज करने का निर्णय लिया गया।
  • नेताओं ने एनके एरिया प्रबंधन पर मजदूरों और विस्थापितों की उपेक्षा का आरोप लगाया।
  • मई दिवस पर कार्य कराने के बावजूद भुगतान नहीं मिलने का मुद्दा उठाया गया।
  • एनसीडब्ल्यूए-12 लागू कराने के लिए व्यापक आंदोलन की तैयारी का आह्वान किया गया।
  • 11 जुलाई को कॉमरेड मिथलेश सिंह स्मृति दिवस और 15 जून को कॉमरेड ए.के. राय जयंती मनाने का निर्णय लिया गया।

खलारी के रेलीगढ़ा में बुधवार को बिहार कोलियरी कामगार यूनियन (सीटू) की क्षेत्रीय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में मजदूरों, रैयतों और विस्थापित परिवारों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गंभीर चर्चा की गई। नेताओं ने प्रबंधन पर मजदूरों की समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए संघर्ष को और धारदार बनाने की रणनीति तैयार की।

बैठक की अध्यक्षता कॉमरेड बसंत कुमार ने की। इसमें यूनियन के कई पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भाग लेते हुए क्षेत्र में मजदूरों के सामने मौजूद चुनौतियों और उनके समाधान पर अपने विचार रखे।

मजदूरों और रैयतों के साथ अन्याय का आरोप

बैठक को संबोधित करते हुए एनके एरिया के प्रतिनिधि कॉमरेड इरफान खान और रतिया गंझू ने कहा कि एनके एरिया प्रबंधन मजदूरों और रैयतों के साथ न्याय नहीं कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मजदूरों के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है, जबकि दूसरी ओर विस्थापित परिवार भी अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र में कई ऐसे मामले हैं, जहां प्रभावित लोगों को उचित मुआवजा और सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। इससे मजदूरों और रैयतों में असंतोष बढ़ रहा है।

इरफान खान और रतिया गंझू ने कहा कि मजदूरों और रैयतों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष आवश्यक है और संगठन इसके लिए पूरी तरह तैयार है।

मई दिवस पर काम, लेकिन भुगतान नहीं

बैठक में मजदूरों से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा भी उठाया गया। नेताओं ने आरोप लगाया कि मई दिवस के अवसर पर मजदूरों से कार्य कराया गया, लेकिन उन्हें निर्धारित भुगतान नहीं दिया गया।

उनका कहना था कि प्रबंधन फंड की कमी का हवाला देकर भुगतान अगले माह करने की बात कह रहा है, जो मजदूरों के हितों के साथ अन्याय है। यूनियन नेताओं ने कहा कि मजदूरों की मेहनत का समय पर भुगतान सुनिश्चित करना प्रबंधन की जिम्मेदारी है।

खदान विस्तार और मुआवजा का मुद्दा भी उठा

बैठक में खदान विस्तार के कारण प्रभावित हो रहे ग्रामीणों और रैयतों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। नेताओं ने कहा कि खदान विस्तार के नाम पर लोगों के घर तोड़े जा रहे हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों को समय पर मुआवजा नहीं मिल रहा है।

कई परिवार वर्षों से कार्यालयों के चक्कर काट रहे हैं, फिर भी उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। यूनियन ने इस मुद्दे को गंभीर बताते हुए इसके समाधान के लिए संघर्ष तेज करने का संकेत दिया।

एनसीडब्ल्यूए-12 लागू कराने की तैयारी

बैठक की अध्यक्षता कर रहे कॉमरेड बसंत कुमार ने कहा कि बिहार कोलियरी कामगार यूनियन ने हमेशा मजदूरों और रैयतों के हितों की लड़ाई लड़ी है। उन्होंने कहा कि संगठन के आंदोलनों के कारण ही कई बार मजदूरों को उनका अधिकार मिला है।

कॉमरेड बसंत कुमार ने कहा कि बिहार कोलियरी कामगार यूनियन ने अपने आंदोलनों के बल पर मजदूरों और रैयतों को उनका हक दिलाने का कार्य किया है तथा आगे भी यह संघर्ष जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर इन मुद्दों को विधानसभा तक पहुंचाया जाएगा। साथ ही एनसीडब्ल्यूए-12 को लागू कराने के लिए व्यापक आंदोलन की तैयारी करने का आह्वान किया गया।

स्मृति दिवस और जयंती कार्यक्रम की घोषणा

बैठक में संगठनात्मक कार्यक्रमों को लेकर भी कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। निर्णय लिया गया कि 11 जुलाई को कॉमरेड मिथलेश सिंह की स्मृति में गिद्दी दुर्गा मंडप में स्मृति दिवस आयोजित किया जाएगा।

इसके अलावा 15 जून को महान मजदूर नेता कॉमरेड ए.के. राय की जयंती प्रत्येक एरिया में मनाई जाएगी। नेताओं ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से मजदूर आंदोलन की विचारधारा को मजबूती मिलेगी और नई पीढ़ी को श्रमिक संघर्षों के इतिहास से परिचित कराया जा सकेगा।

बड़ी संख्या में शामिल हुए कार्यकर्ता

बैठक में संगठन के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। प्रमुख रूप से बसंत कुमार, धनेसर तुरी, इरफान खान, रतिया गंझू, अर्जुन सिंह, संजय शर्मा, जंगबहादुर राम, दर्शन गंझू, दशरथ करमाली, शंभू कुमार, अजय कुमार, चमन गंझू, योगेंद्र कुमार पांडे, शक्ति कालिंदी और जोगेसर राम सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

सभी ने मजदूरों और रैयतों के अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया।

न्यूज़ देखो: मजदूरों की आवाज को सुनना जरूरी

रेलीगढ़ा में हुई यह बैठक बताती है कि मजदूरों और विस्थापित परिवारों के कई मुद्दे अब भी समाधान की प्रतीक्षा में हैं। यदि भुगतान, मुआवजा और पुनर्वास जैसे सवाल समय पर हल नहीं होते, तो असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है। श्रमिक हितों और विकास के बीच संतुलन बनाना प्रशासन और प्रबंधन दोनों की जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि उठाए गए मुद्दों पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

अधिकारों के प्रति जागरूकता ही बदलाव की पहली सीढ़ी है

मजदूर और आम नागरिक किसी भी समाज की सबसे बड़ी ताकत होते हैं।

जब अधिकारों और जिम्मेदारियों के प्रति जागरूकता बढ़ती है, तब सकारात्मक बदलाव का मार्ग खुलता है।

संवाद, संगठन और लोकतांत्रिक प्रयासों के माध्यम से ही समस्याओं का समाधान संभव है।

अपने क्षेत्र की जनसमस्याओं के प्रति सजग रहें और रचनात्मक भागीदारी निभाएं।

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Written by

खलारी, रांची

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