#पलामू #ग्रामीण_समस्या : राजखाड़ गांव में पुल और सड़क निर्माण की मांग तेज हुई।
पलामू जिले के बिश्रामपुर प्रखंड स्थित राजखाड़ गांव में ग्रामीण समस्याओं को लेकर कांग्रेस नेता प्रभात दुबे उर्फ बड़ू दुबे पहुंचे। ग्रामीणों ने धुरिया नदी पर पुल निर्माण और जर्जर सड़क की समस्या उठाते हुए जनप्रतिनिधियों पर उपेक्षा का आरोप लगाया। प्रभात दुबे ने मौके पर ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए सरकार और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग की। उन्होंने बरसात में गांव की स्थिति को गंभीर बताते हुए इसे जनप्रतिनिधियों की विफलता करार दिया।
- राजखाड़ गांव पहुंचे कांग्रेस नेता प्रभात दुबे उर्फ बड़ू दुबे ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं।
- ग्रामीणों ने धुरिया नदी पर पुल निर्माण और खराब सड़क को सबसे बड़ी समस्या बताया।
- पिछले वर्ष गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने में हुई परेशानी का मामला फिर उठा।
- प्रभात दुबे ने वर्तमान जनप्रतिनिधियों पर केवल आश्वासन देने का आरोप लगाया।
- ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे और उपायुक्त पलामू से फोन पर हस्तक्षेप की मांग की गई।
- मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों के साथ कई स्थानीय कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
पलामू जिले के बिश्रामपुर प्रखंड अंतर्गत राजखाड़ गांव में मूलभूत सुविधाओं की कमी को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। इसी बीच कांग्रेस नेता प्रभात दुबे उर्फ बड़ू दुबे गांव पहुंचे और ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं को सुना। ग्रामीणों ने विशेष रूप से धुरिया नदी पर पुल निर्माण नहीं होने और गांव की बदहाल सड़कों की समस्या को प्रमुखता से उठाया। लोगों ने आरोप लगाया कि वर्षों से केवल आश्वासन मिल रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई काम नहीं हुआ।
धुरिया नदी पर पुल नहीं बनने से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों ने कांग्रेस नेता प्रभात दुबे को बताया कि बरसात के दिनों में गांव का संपर्क पूरी तरह प्रभावित हो जाता है। धुरिया नदी पर पुल नहीं होने के कारण लोगों को जान जोखिम में डालकर नदी पार करनी पड़ती है। ग्रामीणों ने पिछले वर्ष की उस घटना का भी जिक्र किया, जब एक गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों और ग्रामीणों को बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा था।
ग्रामीणों के अनुसार उस समय विधायक, सांसद और तत्कालीन उपायुक्त द्वारा जांच कर पुल निर्माण का आश्वासन दिया गया था, लेकिन एक वर्ष बीत जाने के बाद भी कोई ठोस पहल नहीं हुई।
प्रभात दुबे ने जनप्रतिनिधियों पर साधा निशाना
गांव में लोगों को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेता प्रभात दुबे उर्फ बड़ू दुबे ने कहा कि बरसात शुरू होते ही लगभग 400 से 500 की आबादी वाले इस गांव के लोगों के सामने गंभीर संकट उत्पन्न हो जाता है।
प्रभात दुबे ने कहा: “यह बेहद दुखद है कि आज भी गांव के लोग पुल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं को देखने वाला कोई नहीं है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान जनप्रतिनिधि केवल दिखावे की राजनीति कर रहे हैं और जनता की मूल समस्याओं से दूर हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में विकास कार्य ठप पड़े हैं और जनता को केवल आश्वासन मिल रहा है।
पूर्व विधायक के कार्यों का किया उल्लेख
प्रभात दुबे ने कहा कि विश्रामपुर क्षेत्र में आज भी जो सड़कें, पुलिया, स्कूल और कॉलेज दिखाई देते हैं, वे पूर्व विधायक स्वर्गीय चंद्रशेखर दुबे के कार्यकाल की देन हैं। उन्होंने वर्तमान विधायक पर कटाक्ष करते हुए कहा कि क्षेत्र की ज्वलंत समस्याओं को छोड़कर अन्य मुद्दों पर राजनीति की जा रही है।
प्रभात दुबे ने कहा: “आज विश्रामपुर विधानसभा की जनता बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान है, लेकिन वर्तमान विधायक जनता के असली मुद्दों से भटक गए हैं।”
उन्होंने वर्तमान विधायक को “एक्सीडेंटल विधायक” बताते हुए चुनौती दी कि यदि जनता का भरोसा है तो इस्तीफा देकर दोबारा चुनाव लड़ें।
प्रशासन और मंत्री से तत्काल हस्तक्षेप की मांग
गांव दौरे के दौरान प्रभात दुबे ने ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे और पलामू उपायुक्त से टेलीफोनिक बातचीत कर राजखाड़ गांव की समस्याओं से अवगत कराया। उन्होंने धुरिया नदी पर जल्द पुल निर्माण और सड़क मरम्मत कार्य शुरू कराने का अनुरोध किया।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति बहुल इस गांव के लोग लंबे समय से कठिन परिस्थितियों में जीवन बिता रहे हैं और अब उन्हें राहत मिलनी चाहिए।
महिलाओं से योजनाओं की जानकारी ली
गांव भ्रमण के दौरान प्रभात दुबे ने महिलाओं से बातचीत कर सरकार की विभिन्न योजनाओं की स्थिति की जानकारी भी ली। उन्होंने माइया सम्मान योजना, विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन और अबुआ आवास योजना के तहत मिलने वाले लाभ के बारे में ग्रामीण महिलाओं से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार लगातार जनहित में योजनाएं चला रही है और जरूरतमंद लोगों तक उसका लाभ पहुंचना चाहिए।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
इस मौके पर पूर्व उप प्रमुख ज्ञानचन्द राम, रविकांत रवि, संजय कुमार रवि, धर्मेंद्र कुमार, राजकुमार राम, अवधेश राम, अजय कुमार राम सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। ग्रामीणों ने गांव की समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर एकजुटता भी दिखाई।

न्यूज़ देखो: विकास के इंतजार में आज भी संघर्ष कर रहे ग्रामीण
राजखाड़ गांव की तस्वीर ग्रामीण विकास के दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है। पुल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में ग्रामीणों को आज भी जोखिम भरा जीवन जीना पड़ रहा है। जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को केवल आश्वासन नहीं बल्कि जमीनी कार्रवाई सुनिश्चित करनी होगी। बरसात से पहले यदि समाधान नहीं हुआ तो गांव के लोगों की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
गांवों की आवाज को मजबूत बनाना ही असली लोकतंत्र
ग्रामीण क्षेत्रों की समस्याएं केवल आंकड़ों से नहीं, जमीनी कार्रवाई से दूर होती हैं। पुल, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं। यदि समाज संगठित होकर अपनी आवाज उठाए तो बदलाव जरूर संभव है। अपने गांव और क्षेत्र के मुद्दों को मजबूती से उठाना ही जागरूक नागरिक की पहचान है।
आप भी अपने क्षेत्र की समस्याओं पर खुलकर आवाज उठाइए। खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक साझा करें, अपनी राय कमेंट में दें और जनहित के मुद्दों को मजबूत बनाने में भागीदार बनें।

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