आज़ादी के दशकों बाद भी बदहाल लात पंचायत — जर्जर सड़क पर घंटों फंसी बस, यात्रियों की जान पर आफ़त

आज़ादी के दशकों बाद भी बदहाल लात पंचायत — जर्जर सड़क पर घंटों फंसी बस, यात्रियों की जान पर आफ़त

author Akram Ansari
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#लातेहार #लातपंचायत : विकास से कोसों दूर इलाका — सड़क-बिजली के अभाव में हर दिन जोखिम भरा जीवन
  • लातेहार जिले के लात पंचायत में अब तक पक्की सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव
  • लाभर से लात करमडीह मार्ग पर बस घंटों तक कीचड़ और गड्ढों में फंसी रही, यात्रियों की जान पर बन आई
  • ग्रामीण बोले — हर दिन हादसे के साए में जीने को मजबूर, बारिश में हालात और बिगड़ जाते हैं
  • बच्चों से बुजुर्ग तक सभी को जर्जर सड़क से गुजरने में भारी जोखिम
  • ग्रामीणों ने उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता से तत्काल हस्तक्षेप और सुधारात्मक कदम की मांग की

बुनियादी सुविधाओं से महरूम लात पंचायत

बरवाडीह प्रखंड क्षेत्र का लात पंचायत आज़ादी के दशकों बाद भी विकास से कोसों दूर है। यहां के लोग आज भी सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के बिना जीवन बिताने को मजबूर हैं। पहाड़ी और अति सुदूरवर्ती क्षेत्र होने के कारण इस पंचायत के लोग हमेशा कठिनाइयों से जूझते रहते हैं।

जर्जर सड़क पर घंटों फंसी बस

ताज़ा उदाहरण हाल ही में तब सामने आया जब लाभर से लात करमडीह मार्ग पर एक बस गहरे गड्ढों और कीचड़ में फंस गई। यह बस करमडीह से जिला मुख्यालय लातेहार तक रोज़ाना चलती है और सैकड़ों लोग इसी पर निर्भर रहते हैं। सड़क की दयनीय स्थिति ने यात्रियों की जान जोखिम में डाल दी। ग्रामीणों का कहना है कि बस के पलटने से किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई थी।

स्थानीय ग्रामीणों ने कहा: “यहां हर दिन जान हथेली पर रखकर सड़क पार करनी पड़ती है। बारिश में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। प्रशासन को तत्काल इस दिशा में कदम उठाना चाहिए।”

बरसात में और बिगड़ जाते हैं हालात

बारिश के दिनों में यह मार्ग और भी खतरनाक हो जाता है। गड्ढों में पानी भर जाता है और सड़क दलदल का रूप ले लेती है। ऐसे में दोपहिया, चौपहिया और बड़े वाहन तक फंस जाते हैं। बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग सभी को इस रास्ते से गुजरने में भारी मुश्किलें उठानी पड़ती हैं।

बिजली और विकास से वंचित

सिर्फ सड़क ही नहीं, बल्कि लात पंचायत में बिजली की समस्या भी आम बात है। कई गांवों में अभी भी नियमित बिजली आपूर्ति नहीं हो पाती। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें लगता है जैसे विकास की रौशनी अब तक इस क्षेत्र तक नहीं पहुंची है।

प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता

ग्रामीणों का दर्द है कि इस क्षेत्र की समस्याओं की ओर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया। सड़क वर्षों से खराब है और बिजली की स्थिति जस की तस बनी हुई है। लोग उम्मीद लगाए बैठे हैं कि अब प्रशासन उनकी सुनवाई करेगा।

उपायुक्त से लगाई गुहार

स्थानीय लोगों ने जिला उपायुक्त उत्कर्ष गुप्ता से इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि जल्द ही सड़क और बिजली व्यवस्था में सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है।

न्यूज़ देखो: विकास की रोशनी से वंचित पंचायत की तस्वीर

लात पंचायत की स्थिति यह दिखाती है कि आज़ादी के दशकों बाद भी कई इलाके बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। प्रशासनिक उदासीनता और योजनाओं की कमी से यहां के लोग हर दिन हादसों और कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। न्यूज़ देखो मानता है कि ऐसी समस्याओं पर तुरंत कार्रवाई होना चाहिए ताकि ग्रामीणों की जिंदगी सुरक्षित और सहज हो सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

बदलाव तभी संभव जब सब मिलकर मांग उठाएं

लात पंचायत के लोग तब तक राहत नहीं पाएंगे जब तक प्रशासन और जनप्रतिनिधियों पर सामूहिक दबाव नहीं बनेगा। आइए हम सब सजग नागरिक बनकर अपनी आवाज बुलंद करें और विकास की राह में पीछे छूटे इलाकों को भी रोशनी दिलाएं। इस खबर पर अपनी राय कमेंट में बताएं, इसे शेयर करें और अपने परिचितों तक पहुंचाएं।

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Written by

बरवाडीह, लातेहार

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