#चतरा #धार्मिक_आयोजन : पिपरवार क्षेत्र के हफुआ गांव में मंडा पूजा व मेला आयोजन को लेकर कमिटी बनी।
चतरा जिले के पिपरवार क्षेत्र स्थित हफुआ गांव में मंडा पूजा और मेला आयोजन को लेकर ग्रामीणों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में सर्वसम्मति से पूजा के सफल संचालन के लिए कमिटी का गठन किया गया। इसमें विभिन्न पदों पर ग्रामीणों को जिम्मेदारी सौंपी गई। आयोजन को लेकर गांव में उत्साह का माहौल है।
- हफुआ गांव (पिपरवार, चतरा) में मंडा पूजा को लेकर बैठक।
- अध्यक्षता देवनाथ महतो, संचालन मनीलाल महतो ने किया।
- पूजा व मेला के लिए कमिटी का गठन।
- मनीलाल महतो अध्यक्ष, गणेश महतो सचिव बने।
- ग्रामीणों में आयोजन को लेकर उत्साह का माहौल।
पिपरवार कोयलांचल क्षेत्र के हफुआ गांव में मंडा पूजा और मेला के आयोजन को लेकर ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और सर्वसम्मति से आयोजन को सफल बनाने के लिए एक कमिटी का गठन किया गया।
बैठक की अध्यक्षता देवनाथ महतो ने की, जबकि संचालन की जिम्मेदारी मनीलाल महतो ने निभाई। बैठक में मंडा पूजा के धार्मिक महत्व और इसके सामाजिक प्रभाव पर भी चर्चा की गई।
कमिटी का किया गया गठन
मंडा पूजा और मेला के सफल संचालन के लिए विभिन्न पदों पर ग्रामीणों का चयन किया गया। कमिटी में मनीलाल महतो को अध्यक्ष बनाया गया, जबकि राजेश महतो, चिन्तामणी महतो और सुली महतो को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।
सचिव पद पर गणेश महतो को चुना गया, जबकि उपसचिव के रूप में रूपलाल महतो, नारायण महतो और उमेश महतो को जिम्मेदारी सौंपी गई।
कोषाध्यक्ष के रूप में मनोज महतो का चयन किया गया, जबकि उपकोषाध्यक्ष के रूप में मुकेश महतो और संजय महतो को नियुक्त किया गया।
संरक्षक मंडल में कई वरिष्ठ शामिल
कमिटी के संरक्षक मंडल में देवनाथ महतो, सुरेश महतो, जगदीश महतो, रामप्रसाद महतो, बंधन महतो, जानकी महतो, यदुनाथ महतो और सत्येन्द्र शर्मा को शामिल किया गया।
इन सभी सदस्यों को आयोजन को सफल और व्यवस्थित बनाने की जिम्मेदारी दी गई है।
बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण हुए शामिल
इस बैठक में देवनाथ महतो, मनीलाल महतो, राजेश महतो, चिन्तामण महतो, जगदीश महतो, गणेश महतो, मुकेश महतो, उपेन्दर महतो, नारायण महतो, कामेश्वर महतो, रूपलाल महतो, मनोज महतो, परमेश्वर महतो सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान सभी ने एकजुट होकर आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
धार्मिक और सामाजिक महत्व पर चर्चा
ग्रामीणों ने मंडा पूजा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपराओं को भी मजबूत करता है।
हर वर्ष इस पूजा के माध्यम से गांव में आपसी भाईचारा और सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है।
न्यूज़ देखो: परंपरा और एकता का प्रतीक आयोजन
हफुआ गांव में मंडा पूजा को लेकर किया गया यह आयोजन ग्रामीण एकता और सांस्कृतिक पहचान का मजबूत उदाहरण है। ऐसे आयोजन न केवल परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि समाज में सामूहिक सहयोग और सहभागिता को भी बढ़ाते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संस्कृति से जुड़ें, समाज को मजबूत बनाएं
हमारी परंपराएं हमारी पहचान हैं, जिन्हें सहेजना और आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है।
ऐसे आयोजनों में भाग लेकर हम सामाजिक एकता को और मजबूत कर सकते हैं।
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