मध्यरात्रि में लगी भीषण आग से धनेश्वर साहू का घर राख, लाखों की संपत्ति जलकर खाक

मध्यरात्रि में लगी भीषण आग से धनेश्वर साहू का घर राख, लाखों की संपत्ति जलकर खाक

author Shivnandan Baraik
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#बानो #अग्निकांड : कुरुचडेगा भंडार टोली में आग से पूरा घर जलकर नष्ट हुआ।

सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत कुरुचडेगा भंडार टोली में मंगलवार देर रात भीषण अग्निकांड में धनेश्वर साहू का घर पूरी तरह जलकर राख हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार चूल्हे की अधजली लकड़ी से आग फैलने की आशंका जताई गई है। घटना में लाखों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को सहायता देने और प्रखंड में स्थायी अग्निशमन यूनिट स्थापित करने की मांग की है।

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  • कुरुचडेगा भंडार टोली में मंगलवार देर रात भीषण आग लगने से पूरा घर जल गया।
  • पीड़ित धनेश्वर साहू के घर में रखी लाखों रुपये की संपत्ति नष्ट हो गई।
  • प्रारंभिक जानकारी में चूल्हे की अधजली लकड़ी से आग लगने की आशंका जताई गई।
  • सूचना मिलने पर बानो थाना पुलिस और अग्निशमन विभाग मौके पर पहुंचे।
  • ग्रामीणों ने प्रखंड स्तर पर स्थायी अग्निशमन यूनिट की मांग उठाई।

सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार की मध्यरात्रि एक भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को दहला दिया। कुरुचडेगा भंडार टोली निवासी धनेश्वर साहू के घर में अचानक आग लग गई, जिसने कुछ ही देर में विकराल रूप धारण कर लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला और पूरा मकान जलकर राख हो गया। घटना के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी और चिंता का माहौल बन गया।

चूल्हे की आग से हादसे की आशंका

ग्रामीणों और स्थानीय लोगों के अनुसार आग लगने की मुख्य वजह चूल्हे में बची आग मानी जा रही है। बताया गया कि रात में खाना बनाने के बाद चूल्हे की आग पूरी तरह नहीं बुझाई गई थी। देर रात उसी चिंगारी ने पास में रखी लकड़ियों को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते आग पूरे घर में फैल गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि घर के अंदर रखा सामान निकालने का भी पर्याप्त समय नहीं मिल सका। कुछ ही मिनटों में घर आग की लपटों से घिर गया।

लाखों की संपत्ति जलकर हुई राख

इस भीषण अग्निकांड में घर में रखा अनाज, कपड़ा, घरेलू सामान, जरूरी दस्तावेज और अन्य कीमती वस्तुएं जलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। पीड़ित परिवार के अनुसार आग में लाखों रुपये की संपत्ति का नुकसान हुआ है।

घटना के बाद परिवार सदमे में है। घर पूरी तरह जल जाने के कारण उनके सामने रहने और रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि परिवार अब पूरी तरह प्रशासनिक सहायता और सामाजिक सहयोग पर निर्भर हो गया है।

ग्रामीणों ने मिलकर बुझाई आग

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे और अपने स्तर से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। ग्रामीणों ने बाल्टी और पानी के अन्य साधनों की मदद से आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग की भयावहता के कारण स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई।

इसके बाद तत्काल इसकी सूचना बानो थाना पुलिस और सिमडेगा अग्निशमन विभाग को दी गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका।

हालांकि तब तक पूरा मकान जलकर पूरी तरह राख हो चुका था।

जनहानि नहीं होने से लोगों ने ली राहत की सांस

इस दर्दनाक हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे। ग्रामीणों ने कहा कि यदि आग कुछ देर पहले या देर से पता चलती तो बड़ा हादसा हो सकता था।

स्थानीय लोगों ने बताया कि रात के समय अधिकांश लोग सो रहे थे, ऐसे में आग फैलने के कारण स्थिति और गंभीर हो सकती थी। समय रहते लोगों की नींद खुल जाने से बड़ी जनहानि टल गई।

ग्रामीणों ने उठाई स्थायी अग्निशमन यूनिट की मांग

घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति नाराजगी भी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि प्रखंड स्तर पर स्थायी अग्निशमन यूनिट नहीं होने के कारण दमकल वाहन को पहुंचने में काफी समय लग गया।

ग्रामीणों ने कहा कि यदि अग्निशमन विभाग की स्थायी व्यवस्था बानो प्रखंड में होती तो नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता था। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए स्थानीय स्तर पर दमकल व्यवस्था मजबूत की जाए।

प्रशासन से सहायता की उम्मीद

अग्निकांड के बाद पीड़ित परिवार को प्रशासन से आर्थिक सहायता और राहत सामग्री मिलने की उम्मीद है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की कि परिवार को तत्काल मुआवजा, आवास और आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाए ताकि वे सामान्य जीवन की ओर लौट सकें।

ग्रामीणों ने कहा कि गरीब परिवारों के लिए इस तरह की घटनाएं जीवनभर की कमाई खत्म कर देती हैं। ऐसे में प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल राहत पहुंचानी चाहिए।

न्यूज़ देखो: ग्रामीण इलाकों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत

बानो में हुआ यह अग्निकांड एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है। छोटी सी लापरवाही कैसे बड़े हादसे में बदल जाती है, यह घटना उसका उदाहरण है। प्रशासन को गांवों में जागरूकता अभियान चलाने के साथ-साथ अग्निशमन व्यवस्था को भी मजबूत करना होगा। वहीं जरूरतमंद परिवारों तक त्वरित राहत पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

सतर्कता और जागरूकता से ही टल सकते हैं ऐसे हादसे

घर में चूल्हा या आग से जुड़े किसी भी कार्य के बाद पूरी सावधानी बेहद जरूरी है।
छोटी सी लापरवाही कई परिवारों की जिंदगीभर की मेहनत को पलभर में खत्म कर सकती है।
ग्रामीण क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा को लेकर जागरूकता बढ़ाना समय की जरूरत है।
जरूरतमंद परिवारों की मदद के लिए समाज और प्रशासन दोनों को आगे आना चाहिए।
आप भी अपने आसपास लोगों को आग से बचाव के प्रति जागरूक करें और ऐसी घटनाओं से सतर्क रहने का संदेश फैलाएं।
अपनी राय कमेंट में दें और खबर को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक साझा करें।

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Written by

बानो, सिमडेगा

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