ठाकुरबारी जगन्नाथ मंदिर के पास गहराया पेयजल संकट, जलमीनार निर्माण की मांग तेज

ठाकुरबारी जगन्नाथ मंदिर के पास गहराया पेयजल संकट, जलमीनार निर्माण की मांग तेज

author Satyam Kumar Keshri
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#जलडेगा #पेयजल_संकट : खराब चापानल से परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन से स्थायी समाधान मांगा।

सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड स्थित ठाकुरबारी जगन्नाथ मंदिर परिसर के समीप पेयजल संकट गहरा गया है। पिछले दो से तीन माह से खराब पड़े चापानल के कारण लगभग 50 परिवारों और मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जलमीनार निर्माण एवं खराब चापानलों की शीघ्र मरम्मत कराने की मांग की है। मिशन बदलाव के प्रखंड अध्यक्ष दीपक चीक बड़ाईक ने भी मौके पर पहुंचकर समस्या का जायजा लिया।

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  • ठाकुरबारी जगन्नाथ मंदिर के समीप एकमात्र चापानल पिछले कई माह से खराब।
  • लगभग 50 परिवारों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है।
  • महिलाओं और बच्चों को पानी लाने में सबसे अधिक परेशानी।
  • दीपक चीक बड़ाईक ने जलमीनार निर्माण की मांग उठाई।
  • ग्रामीणों ने जलडेगा गंझु टोली और खड़िया टोली के खराब चापानलों की मरम्मत की मांग की।
  • मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है।

सिमडेगा जिले के जलडेगा प्रखंड मुख्यालय स्थित ठाकुरबारी क्षेत्र में इन दिनों पेयजल संकट गंभीर रूप ले चुका है। जगन्नाथ मंदिर के समीप लगा एकमात्र चापानल पिछले दो से तीन महीनों से खराब पड़ा हुआ है, जिससे आसपास रहने वाले ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। गर्मी के इस मौसम में पानी की कमी ने लोगों की दैनिक जिंदगी को प्रभावित कर दिया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया है।

ग्रामीणों के अनुसार खराब पड़े चापानल से काफी देर इंतजार करने के बाद बहुत कम मात्रा में पानी निकलता है। इससे खाना बनाने, पीने और अन्य घरेलू कार्यों के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं और बच्चों को उठानी पड़ रही है, जिन्हें दूर-दराज के इलाकों से पानी लाना पड़ता है।

मंदिर परिसर में भी पेयजल की भारी समस्या

ठाकुरबारी स्थित प्रसिद्ध जगन्नाथ मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। लेकिन मंदिर परिसर में पेयजल की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण श्रद्धालुओं को भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। गर्मी बढ़ने के साथ स्थिति और चिंताजनक होती जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि धार्मिक स्थल होने के कारण यहां हमेशा लोगों की आवाजाही बनी रहती है। ऐसे में स्वच्छ पेयजल की सुविधा अत्यंत आवश्यक है।

ग्रामीणों ने सुनाई अपनी परेशानी

समस्या की जानकारी मिलने पर मिशन बदलाव के प्रखंड अध्यक्ष दीपक चीक बड़ाईक मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई।

दीपक चीक बड़ाईक ने कहा: “मंदिर परिसर और आसपास रहने वाले लोगों के लिए स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था बेहद जरूरी है। प्रशासन को जल्द यहां जलमीनार निर्माण की दिशा में पहल करनी चाहिए ताकि लोगों को स्थायी राहत मिल सके।”

उन्होंने कहा कि जलमीनार बनने से न केवल स्थानीय ग्रामीणों को बल्कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सकेगा।

जलमीनार निर्माण की उठी मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से मंदिर परिसर के सामने जलमीनार निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि चापानल बार-बार खराब होने से समस्या लगातार बनी रहती है, जबकि जलमीनार बनने से लंबे समय तक लोगों को राहत मिल सकती है।

ग्रामीणों ने यह भी कहा कि क्षेत्र में बढ़ती आबादी और गर्मी के मौसम को देखते हुए स्थायी पेयजल व्यवस्था बेहद जरूरी हो गई है। लोगों का मानना है कि यदि जल्द कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में संकट और गहरा सकता है।

अन्य इलाकों में भी खराब पड़े हैं चापानल

ग्रामीणों ने केवल ठाकुरबारी क्षेत्र ही नहीं बल्कि जलडेगा गंझु टोली और जलडेगा खड़िया टोली में भी पिछले दो-तीन माह से खराब पड़े चापानलों की मरम्मत कराने की मांग उठाई है। लोगों का कहना है कि इन इलाकों में भी कई परिवार पानी की समस्या से जूझ रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार खराब पड़े चापानलों के कारण उन्हें दूर के स्रोतों से पानी लाना पड़ रहा है, जिससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही है। महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद

मौके पर विक्रम बिलुग, सूरजपति मिश्रा, हीरा देवी, चित्रा देवी, मीना देवी, मुनिता देवी, सुचिता देवी, निक्की देवी, नेहा देवी, रुकमनी देवी, देवकी देवी, शिवरात्रि देवी, मंजू देवी, राजकुमारी देवी, गोपाल साहू, सागर साहू, सुकरा खड़िया, डोमा प्रधान और चरकु सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द पहल कर क्षेत्र में पेयजल संकट का स्थायी समाधान करने की मांग की है।

न्यूज़ देखो: गर्मी में पेयजल संकट बना बड़ी चुनौती

जलडेगा के ठाकुरबारी क्षेत्र की स्थिति यह दिखाती है कि ग्रामीण इलाकों में आज भी पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा बड़ी चुनौती बनी हुई है। धार्मिक स्थल के आसपास भी यदि लोगों को पानी के लिए संघर्ष करना पड़े, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। गर्मी के मौसम में खराब पड़े चापानलों की मरम्मत और स्थायी जलापूर्ति व्यवस्था सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है। अब देखना होगा कि प्रशासन ग्रामीणों की मांगों पर कितनी तेजी से कार्रवाई करता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

पानी बचाएं, समाज को जागरूक बनाएं और जनसमस्याओं पर आवाज उठाएं

स्वच्छ पेयजल हर व्यक्ति का अधिकार है। यदि किसी क्षेत्र में पानी की समस्या है तो उसके समाधान के लिए समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी बनती है। जागरूक नागरिक बनकर स्थानीय समस्याओं को उठाना और उनके समाधान के लिए एकजुट होना जरूरी है।

यदि आपके क्षेत्र में भी पेयजल या जनसुविधाओं से जुड़ी समस्या है, तो अपनी आवाज जरूर उठाएं। इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें और समाज को जागरूक बनाने में अपनी भागीदारी निभाएं।

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Written by

सिमडेगा नगर क्षेत्र

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