#बानो #नर्सिंग_सप्ताह : छात्राओं में सेवा, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर विशेष जोर।
सिमडेगा जिले के बानो स्थित मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग में गुरुवार को नर्सिंग सप्ताह का शुभारंभ गरिमामय वातावरण में किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन चिकित्सा प्रभारी डॉ मनोरंजन कुमार और डॉ प्रह्लाद मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। कार्यक्रम में छात्राओं को नर्सिंग सेवा, अनुशासन और व्यवहारिक प्रशिक्षण के महत्व की जानकारी दी गई। आगामी सप्ताह में प्रशिक्षण, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों का आयोजन भी किया जाएगा।
- मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग में नर्सिंग सप्ताह का शुभारंभ।
- उद्घाटन डॉ मनोरंजन कुमार और डॉ प्रह्लाद मिश्रा ने किया।
- छात्राओं को सेवा भावना, अनुशासन और संवेदनशीलता का संदेश दिया गया।
- एक सप्ताह तक प्रशिक्षण, समूह चर्चा और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे आयोजित।
- छात्राओं की नेतृत्व क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ाने पर रहेगा विशेष फोकस।
- कार्यक्रम में संस्था की सचिव, प्राचार्या और कई ट्यूटर उपस्थित रहीं।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड मुख्यालय स्थित मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग में गुरुवार को नर्सिंग सप्ताह का शुभारंभ उत्साह और गरिमामय माहौल में किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं के मानसिक विकास, सेवा भावना और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने पर विशेष जोर दिया गया। समारोह में बड़ी संख्या में छात्राएं, शिक्षक एवं संस्था से जुड़े लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि चिकित्सा प्रभारी डॉ मनोरंजन कुमार एवं विशिष्ट अतिथि डॉ प्रह्लाद मिश्रा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उद्घाटन के बाद छात्राओं को नर्सिंग सेवा की उपयोगिता, अनुशासन और व्यवहारिक प्रशिक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
नर्सिंग सेवा को बताया मानवता की सबसे बड़ी जिम्मेदारी
मुख्य अतिथि डॉ मनोरंजन कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं बल्कि मानव सेवा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि एक नर्स मरीजों की देखभाल में सबसे अहम भूमिका निभाती है और उसकी संवेदनशीलता ही मरीजों को मानसिक रूप से मजबूत बनाती है।
डॉ मनोरंजन कुमार ने कहा: “नर्सिंग सेवा में समर्पण, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी सबसे जरूरी गुण हैं। छात्राओं को मरीजों के प्रति करुणा और सेवा भाव के साथ कार्य करना चाहिए।”
उन्होंने छात्राओं को अनुशासन और ईमानदारी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करने की प्रेरणा दी।
आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ाने पर रहेगा फोकस
विशिष्ट अतिथि डॉ प्रह्लाद मिश्रा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं के मनोबल और नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि नर्सिंग क्षेत्र में केवल तकनीकी ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि धैर्य, सकारात्मक सोच और व्यवहारिक समझ भी आवश्यक है।
डॉ प्रह्लाद मिश्रा ने कहा: “नर्सिंग सेवा में ज्ञान के साथ करुणा और धैर्य का होना भी बेहद जरूरी है।”
उन्होंने छात्राओं से लगातार सीखने और अपने कौशल को विकसित करने की अपील की।
सप्ताह भर होंगे कई कार्यक्रम
संस्था की ओर से जानकारी दी गई कि नर्सिंग सप्ताह के दौरान एक सप्ताह तक कई गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। इसमें प्रशिक्षण कार्यक्रम, समूह चर्चा, इनडोर खेल प्रतियोगिता और सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल हैं।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्राओं की व्यावसायिक दक्षता, टीम भावना और आत्मविश्वास को बढ़ाना है। कार्यक्रमों के सफल संचालन के लिए छात्राओं को चार अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया है।
कॉलेज प्रबंधन का कहना है कि इस तरह की गतिविधियां छात्राओं के व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं और उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं।
संस्था के कई पदाधिकारी और शिक्षक रहे उपस्थित
कार्यक्रम में संस्था की सचिव निभा मिश्रा, प्राचार्या एरेन बेक, निशि डुंगडुंग, कोऑर्डिनेटर रविकांत मिश्रा सहित कई शिक्षक और ट्यूटर उपस्थित रहे।
मौके पर ट्यूटर कविता कुमारी, ऋचा हेंब्रम, अमृता लवली जोजो, अल्बिना टोपनो, खुशबू कुमारी, सरिता कैथा, आईभी सुप्रिया खलखो, लीलावती साहू, मटिल्दा तिर्की, प्रिया कुमारी, अंकिता मिश्रा एवं विनीता कुमारी भी मौजूद रहीं।
कार्यक्रम का संचालन ट्यूटर कविता कुमारी ने किया।
छात्राओं में दिखा उत्साह
नर्सिंग सप्ताह के शुभारंभ को लेकर छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिला। छात्राओं ने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम उन्हें सीखने, आत्मविश्वास बढ़ाने और टीम भावना विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।
छात्राओं का मानना है कि प्रशिक्षण और सांस्कृतिक गतिविधियों से उन्हें व्यवहारिक अनुभव भी प्राप्त होगा, जो भविष्य में पेशेवर जीवन में मददगार साबित होगा।

न्यूज़ देखो: सेवा और संवेदनशीलता से ही मजबूत होगा स्वास्थ्य तंत्र
नर्सिंग सेवा स्वास्थ्य व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। ऐसे कार्यक्रम केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहते, बल्कि छात्राओं में सेवा भावना, अनुशासन और आत्मविश्वास भी विकसित करते हैं। मदर टेरेसा कॉलेज ऑफ नर्सिंग की यह पहल छात्राओं को बेहतर स्वास्थ्यकर्मी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा सकती है। आने वाले समय में ऐसे कार्यक्रम स्वास्थ्य क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण सेवा देने में अहम भूमिका निभाएंगे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सेवा का भाव ही बनाता है सच्चा स्वास्थ्यकर्मी
समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए संवेदनशील और प्रशिक्षित नर्सों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। शिक्षा के साथ सेवा भावना और मानवीय दृष्टिकोण ही किसी स्वास्थ्यकर्मी को विशेष बनाते हैं।
युवाओं को ऐसे प्रेरणादायक कार्यक्रमों से सीख लेकर समाज सेवा के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। इस खबर को ज्यादा से ज्यादा साझा करें, अपनी राय कमेंट में दें और सकारात्मक प्रयासों को प्रोत्साहित करें।

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