चंदवा में भक्ति की अद्भुत छटा, 28वें वार्षिकोत्सव पर हजारों श्रद्धालुओं संग निकली भव्य मंगल कलश यात्रा

चंदवा में भक्ति की अद्भुत छटा, 28वें वार्षिकोत्सव पर हजारों श्रद्धालुओं संग निकली भव्य मंगल कलश यात्रा

author Ravikant Kumar Thakur
6 Views Download E-Paper (2)
#चंदवा #गायत्री_महायज्ञ : वैदिक मंत्रोच्चारण और जयघोषों से पूरा नगर भक्तिमय वातावरण में डूबा।

चंदवा स्थित गायत्री शक्तिपीठ के 28वें वार्षिकोत्सव पर आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान की शुरुआत बुधवार को भव्य मंगल कलश शोभायात्रा से हुई। श्रद्धालुओं ने वैदिक मंत्रोच्चारण और भक्ति गीतों के बीच नगर भ्रमण कर धार्मिक आस्था का परिचय दिया। महिला, पुरुष और युवाओं की बड़ी भागीदारी से पूरा चंदवा भक्तिमय माहौल में सराबोर नजर आया। शोभायात्रा के दौरान विभिन्न धार्मिक झांकियां और जयघोष आकर्षण का केंद्र बने रहे।

Join WhatsApp
  • गायत्री शक्तिपीठ, चंदवा के 28वें वार्षिकोत्सव पर निकली भव्य मंगल कलश यात्रा।
  • देवनाथ नदी तट से जल भरकर श्रद्धालुओं ने विधिवत कलश स्थापना की।
  • पीले वस्त्रों में सजी महिलाओं और कन्याओं की सहभागिता ने शोभायात्रा को भव्य स्वरूप दिया।
  • हम बदलेंगे, युग बदलेगा” और “गायत्री माता की जय” के जयघोषों से गूंजा नगर।
  • विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनीं।
  • बालूमाथ, सेरेगड़ा और चंदवा क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए।

चंदवा नगर बुधवार को पूरी तरह श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा में डूबा नजर आया। गायत्री शक्तिपीठ, चंदवा के 28वें वार्षिकोत्सव के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान का शुभारंभ भव्य मंगल कलश शोभायात्रा के साथ हुआ। वैदिक मंत्रों की गूंज, भक्ति गीतों की मधुर ध्वनि और जयघोषों से वातावरण भक्तिमय बन गया। नगर के विभिन्न मार्गों से गुजरती शोभायात्रा में महिलाओं, युवाओं और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। धार्मिक उल्लास और अनुशासन के बीच निकली इस यात्रा ने पूरे क्षेत्र को आध्यात्मिक रंग में रंग दिया।

विधिवत पूजन के साथ शुरू हुआ धार्मिक अनुष्ठान

कार्यक्रम की शुरुआत गायत्री शक्तिपीठ परिसर में विधिवत कलश पूजन के साथ हुई। पूजा-अर्चना के बाद पीले वस्त्र धारण किए महिला श्रद्धालुओं और कन्याओं ने सिर पर मंगल कलश रखकर नगर भ्रमण आरंभ किया। पुरुष श्रद्धालु हाथों में झंडे, बैनर और धार्मिक संदेश लिए यात्रा में शामिल हुए।

पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और अनुशासन देखने को मिला। धार्मिक भजनों और मंत्रोच्चारण के बीच श्रद्धालु “गायत्री माता की जय”, “हम बदलेंगे, युग बदलेगा” और “विचार क्रांति अभियान सफल हो” जैसे जयघोष लगाते रहे।

नगर भ्रमण के दौरान भक्तिमय बना वातावरण

मंगल कलश शोभायात्रा गायत्री शक्तिपीठ परिसर से प्रारंभ होकर सुभाष चौक, इंदिरा गांधी चौक होते हुए देवनाथ नदी तट पहुंची। यात्रा के दौरान सड़क किनारे खड़े लोगों ने श्रद्धालुओं का स्वागत किया और कई स्थानों पर पुष्प वर्षा भी की गई।

देवनाथ नदी तट पर श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजन-अर्चना कर कलश में जल भरा। इसके बाद श्रद्धालु पुनः गायत्री शक्तिपीठ परिसर लौटे, जहां वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार कलश स्थापना की गई। शाम में आयोजित भव्य आरती और पूजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

आकर्षक झांकियां बनीं विशेष आकर्षण

शोभायात्रा के दौरान विभिन्न देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। रंग-बिरंगे परिधानों और धार्मिक प्रतीकों से सुसज्जित झांकियों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रंग से भर दिया।

बच्चों और युवाओं की टोली धार्मिक संदेशों के साथ लोगों को संस्कार, नैतिकता और समाज सुधार का संदेश देती नजर आई। श्रद्धालुओं का कहना था कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सांस्कृतिक चेतना को मजबूत करते हैं।

ट्रस्ट से जुड़े श्रद्धालुओं ने कहा: “गायत्री परिवार के इस आयोजन का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज में संस्कार, जागरूकता और सकारात्मक विचारों का प्रसार करना है।”

बड़ी संख्या में श्रद्धालु हुए शामिल

इस भव्य धार्मिक आयोजन में गायत्री शक्तिपीठ चंदवा के ट्रस्टी एवं पदाधिकारियों सहित आसपास के क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं की बड़ी भागीदारी रही। कार्यक्रम में ट्रस्टी लाल प्रदीप नाथ नामदेव, राजेश चंद्र पाण्डेय, देवेन्द्र प्रसाद, अजय कुमार, सविता साहू, सरस्वती देवी, अनिता देवी, केदारनाथ महतो, अर्जुन राणा, आलोक चौरसिया, अर्जुन वर्मा, प्रभाष गुप्ता, जुली देवी, संतोष कुमार सिन्हा, तुलसी यादव, रविन्द्र कुमार ठाकुर, मनु सिंह, बिष्णु शंकर सिंह, लव कुमार तिवारी, धर्मराज प्रसाद एवं कृष्णकांत गुप्ता उपस्थित रहे।

इसके अलावा बालूमाथ, सेरेगड़ा और चंदवा क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस धार्मिक यात्रा में शामिल हुए।

धार्मिक आयोजनों से मजबूत होती है सामाजिक एकता

गायत्री परिवार द्वारा आयोजित इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम केवल पूजा-अर्चना तक सीमित नहीं रहते, बल्कि समाज में एकता, नैतिकता और सकारात्मक सोच को भी बढ़ावा देते हैं। आयोजन में सभी आयु वर्ग के लोगों की सहभागिता ने यह दिखाया कि धार्मिक परंपराएं आज भी समाज को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजन युवाओं को भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करते हैं। इससे समाज में सहयोग, अनुशासन और सामाजिक समरसता की भावना मजबूत होती है।

न्यूज़ देखो: आध्यात्मिक ऊर्जा और सामाजिक चेतना का अद्भुत संगम

चंदवा में निकली यह भव्य मंगल कलश यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रदर्शन नहीं, बल्कि सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक चेतना का भी प्रतीक बनी। हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी ने यह साबित किया कि आज भी समाज में आध्यात्मिक आयोजनों के प्रति गहरा जुड़ाव बना हुआ है। गायत्री परिवार के संदेश — “हम बदलेंगे, युग बदलेगा” — ने आयोजन को केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता के अभियान का स्वरूप भी दिया। अब नजर आगामी धार्मिक अनुष्ठानों और उनके सामाजिक प्रभाव पर रहेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

संस्कार और संस्कृति से ही मजबूत बनेगा समाज

धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का सबसे प्रभावी माध्यम हैं।
नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कारों से जोड़ना आज की बड़ी जिम्मेदारी है।
ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक सोच, अनुशासन और एकता का संदेश फैलता है।
आध्यात्मिक चेतना केवल पूजा तक सीमित नहीं, बल्कि बेहतर समाज निर्माण की प्रेरणा भी देती है।

अपने क्षेत्र की सकारात्मक और प्रेरणादायक खबरों को आगे बढ़ाएं।
इस आयोजन पर अपनी राय कमेंट में जरूर दें, खबर को साझा करें और समाज में संस्कार व जागरूकता का संदेश फैलाने में भागीदार बनें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

चंदवा, लातेहार

🗣️ Join the Conversation!

What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

🔔

Notification Preferences

error: