#पाण्डु #कृषि_विकास : खरीफ कर्मशाला में किसानों को उन्नत खेती और फसल चक्र की जानकारी दी गई।
पाण्डु प्रखंड सभागार में खरीफ कर्मशाला 2026-27 का आयोजन कर किसानों को आधुनिक खेती और फसल चक्र की जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्घाटन प्रमुख नीतू सिंह ने जनप्रतिनिधियों और कृषि अधिकारियों के साथ दीप प्रज्वलित कर किया। कर्मशाला में किसानों को उन्नत तकनीक अपनाकर पैदावार बढ़ाने और आर्थिक रूप से मजबूत बनने का संदेश दिया गया। कृषि विशेषज्ञों ने खरीफ फसलों से जुड़ी उपयोगी जानकारियां साझा कर किसानों को जागरूक किया।
- पाण्डु प्रखंड सभागार में आयोजित हुई खरीफ कर्मशाला 2026-27।
- प्रमुख नीतू सिंह ने किसानों से उन्नत तकनीक अपनाने की अपील की।
- बीटीएम यूसुफ आजाद ने खरीफ फसलों से जुड़े महत्वपूर्ण टिप्स दिए।
- कार्यक्रम में जवाहर पासवान, अरविंद सिंह और कृषि विभाग के अधिकारी रहे मौजूद।
- किसानों को फसल चक्र, आधुनिक खेती और उत्पादन बढ़ाने की जानकारी दी गई।
- बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसान कार्यक्रम में शामिल हुए।
पाण्डु प्रखंड सभागार में आयोजित खरीफ कर्मशाला 2026-27 किसानों के लिए जागरूकता और तकनीकी जानकारी का महत्वपूर्ण मंच साबित हुई। कार्यक्रम के दौरान कृषि विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों ने किसानों को खेती की आधुनिक तकनीकों, फसल चक्र और उत्पादन बढ़ाने के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कर्मशाला में यह संदेश दिया गया कि बदलते समय के साथ किसानों को भी नई तकनीकों को अपनाकर खेती को लाभकारी बनाना होगा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, कृषि मित्र और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
प्रखंड स्तरीय खरीफ कर्मशाला का उद्घाटन पाण्डु प्रमुख नीतू सिंह ने विधायक प्रतिनिधि जवाहर पासवान, जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि अरविंद सिंह तथा प्रखंड कृषि पदाधिकारी विवेक पाल के साथ दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम की शुरुआत सकारात्मक माहौल में हुई, जहां किसानों को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने कहा कि कृषि ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और किसानों को आधुनिक तकनीक से जोड़ना समय की आवश्यकता है।
किसानों को उन्नत खेती अपनाने की अपील
कर्मशाला को संबोधित करते हुए प्रमुख नीतू सिंह ने किसानों से खेती में वैज्ञानिक पद्धति और नई तकनीकों का उपयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को जोड़ने से उत्पादन में वृद्धि होगी और किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी।
नीतू सिंह ने कहा: “उन्नत तकनीक एवं फसल चक्र का लाभ उठाकर किसान अपनी पैदावार बढ़ाएं ताकि वे आर्थिक रूप से संपन्न बन सकें।”
उन्होंने किसानों से खेती में जागरूकता बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने की भी अपील की।
खरीफ फसलों को लेकर दिए गए महत्वपूर्ण सुझाव
कार्यक्रम में बीटीएम यूसुफ आजाद ने किसानों को खरीफ फसलों की बेहतर खेती को लेकर कई उपयोगी जानकारियां दीं। उन्होंने बताया कि समय पर बुआई, उन्नत बीज, संतुलित उर्वरक और जल प्रबंधन से उत्पादन बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने फसल चक्र के महत्व को समझाते हुए कहा कि एक ही खेत में लगातार एक ही फसल लगाने से मिट्टी की उर्वरा शक्ति प्रभावित होती है। ऐसे में फसल परिवर्तन और वैज्ञानिक पद्धति अपनाना जरूरी है।
यूसुफ आजाद ने कहा: “यदि किसान आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक सलाह के अनुसार खेती करें तो कम लागत में बेहतर उत्पादन प्राप्त किया जा सकता है।”
किसानों को योजनाओं से जोड़ने पर जोर
कर्मशाला के दौरान कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी किसानों को दी गई। अधिकारियों ने किसानों को बीज, उर्वरक, कृषि यंत्र और प्रशिक्षण से संबंधित योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों ने कहा कि खेती को लाभकारी बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है और किसानों को इन योजनाओं से जोड़ना बेहद जरूरी है। किसानों को यह भी बताया गया कि कृषि विभाग के माध्यम से समय-समय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
बड़ी संख्या में किसान हुए शामिल
खरीफ कर्मशाला में बड़ी संख्या में महिला एवं पुरुष किसानों ने भाग लिया। कार्यक्रम में उपस्थित किसानों ने खेती से जुड़ी समस्याओं और सुझावों को भी अधिकारियों के समक्ष रखा।
मौके पर उप प्रमुख प्रतिनिधि बीरेन्द्र चौधरी, बीटीएम यूसुफ आजाद, उप मुखिया अरविंद सिंह, एफपीओ अध्यक्ष विक्रमादित्य पांडेय, प्रिंस सिंह, शमशेर अंसारी, किसान मित्र विश्वनाथ यादव, सुशील सिंह, रसीद आलम, शामा राम सहित कई किसान और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाने की दिशा में पहल
पाण्डु प्रखंड में आयोजित इस कर्मशाला को किसानों के लिए उपयोगी पहल माना जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को खेती में नई सोच और तकनीकी जानकारी देने का प्रयास किया गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाते हैं तो खेती की लागत कम होगी और उत्पादन में वृद्धि होगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की कृषि कार्यशालाएं किसानों के आत्मविश्वास को बढ़ाने और उन्हें वैज्ञानिक खेती की ओर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
न्यूज़ देखो: खेती में तकनीक और जागरूकता ही किसानों की ताकत
पाण्डु में आयोजित खरीफ कर्मशाला यह दिखाती है कि कृषि क्षेत्र में जागरूकता और तकनीकी प्रशिक्षण कितना जरूरी हो चुका है। केवल पारंपरिक खेती पर निर्भर रहने के बजाय किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों से जोड़ना समय की मांग है। यदि प्रशासन, कृषि विभाग और जनप्रतिनिधि इसी तरह किसानों के बीच पहुंचकर मार्गदर्शन देते रहें तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। खेती को लाभकारी और टिकाऊ बनाने के लिए इस तरह की पहल लगातार जारी रहनी चाहिए।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक किसान बनेगा समृद्ध गांव
खेती केवल परंपरा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
नई तकनीक, वैज्ञानिक सोच और सही जानकारी के जरिए किसान अपनी मेहनत का बेहतर परिणाम हासिल कर सकते हैं।
जरूरी है कि हर किसान सरकारी योजनाओं, प्रशिक्षण और आधुनिक कृषि पद्धतियों से जुड़े।
सशक्त किसान ही मजबूत गांव और विकसित समाज की पहचान है।
आप भी अपने आसपास के किसानों को जागरूक करें और आधुनिक खेती की जानकारी साझा करें।
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