#खूंटीसमाचार #मेधावीसम्मान : मैट्रिक और इंटर के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र देकर किया गया सम्मानित।
खूंटी में अखिल विद्यार्थी परिषद के सौजन्य से मैट्रिक और इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा मुख्य रूप से उपस्थित रहे और विद्यार्थियों को प्रेरित किया। समारोह के दौरान नागपुरी गायक डॉ. लक्ष्मीकांत नारायण बड़ाईक को भी सम्मानित किया गया तथा उनके गीतों ने पूरे सभागार का माहौल उत्साहपूर्ण बना दिया।
- खूंटी में मेधावी छात्र-छात्राओं का सम्मान समारोह आयोजित।
- पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने विद्यार्थियों को किया प्रोत्साहित।
- मैट्रिक और इंटर के छात्रों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
- डॉ. लक्ष्मीकांत नारायण बड़ाईक को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
- बिरसा कॉलेज सभागार में गूंजा “जय झारखंड” का नारा।
- विद्यार्थियों को राज्य और राष्ट्र का नाम रोशन करने का संदेश दिया गया।
खूंटी में शुक्रवार को अखिल विद्यार्थी परिषद के सौजन्य से मैट्रिक और इंटरमीडिएट के मेधावी छात्र-छात्राओं के सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थी, अभिभावक और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड के भूतपूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए प्रेरणादायक बातें साझा कीं।
अर्जुन मुंडा ने गीत गाकर बढ़ाया उत्साह
समारोह के दौरान अर्जुन मुंडा ने “छोड़ो कल की बातें, कल की बात पुरानी” गीत गाकर छात्र-छात्राओं को प्रेरित किया।
उनके इस अंदाज से सभागार में मौजूद छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में उत्साह का माहौल बन गया।
उन्होंने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण बनाए रखने की अपील की।
मेधावी छात्रों को मिला सम्मान
कार्यक्रम में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को आगे बढ़ने और बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करते हैं।
डॉ. लक्ष्मीकांत नारायण बड़ाईक हुए सम्मानित
इस अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष खूंटी रानी टुटी द्वारा प्रसिद्ध नागपुरी गायक डॉ. लक्ष्मीकांत नारायण बड़ाईक को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया।
डॉ. बड़ाईक ने छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा:
“विद्यार्थियों को निरंतर मेहनत करते हुए झारखंड और देश का नाम ऊंचाइयों तक पहुंचाना चाहिए।”
उन्होंने युवाओं से अपनी प्रतिभा और शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया।
“जय जय झारखंड” गीत ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान डॉ. लक्ष्मीकांत नारायण बड़ाईक ने अपनी स्वरचित रचना “जय जय झारखंड” प्रस्तुत की।
उनके गीत ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और बिरसा कॉलेज के बहुद्देशीय सभागार में “जय झारखंड” के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
कार्यक्रम में सांस्कृतिक और प्रेरणादायक माहौल देखने को मिला।
कला और संस्कृति में विशेष योगदान
ज्ञात हो कि डॉ. लक्ष्मीकांत नारायण बड़ाईक को नागपुरी कला, भाषा और संस्कृति में विशेष योगदान के लिए कई सम्मानों से नवाजा जा चुका है।
उन्हें:
- झारखंड सेवा सम्मान 2025
- तथा भारत के गवैया गुरु रत्न सम्मान 2026
से सम्मानित किया जा चुका है।
उनकी रचनाएं और गायन क्षेत्र में लगातार लोकप्रिय हो रहे हैं।
विद्यार्थियों को मिला प्रेरणा का संदेश
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा ही युवाओं के उज्ज्वल भविष्य का सबसे मजबूत आधार है। मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने से अन्य छात्रों को भी प्रेरणा मिलती है।
विद्यार्थियों और अभिभावकों ने कार्यक्रम को प्रेरणादायक और उत्साहवर्धक बताया।
न्यूज़ देखो: शिक्षा और संस्कृति का संगम समाज को देता है नई दिशा
मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान केवल उनकी उपलब्धि का सम्मान नहीं बल्कि समाज में शिक्षा के महत्व को मजबूत करने का संदेश भी है।
जब शिक्षा के साथ कला और संस्कृति का समावेश होता है, तब युवाओं को अपनी पहचान और जिम्मेदारियों का बेहतर एहसास होता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
मेहनत, शिक्षा और संस्कृति से ही बनेगा बेहतर भविष्य
हर विद्यार्थी के अंदर आगे बढ़ने की क्षमता होती है, जरूरत केवल सही मार्गदर्शन और निरंतर प्रयास की होती है।
जरूरी है कि युवा शिक्षा के साथ अपनी संस्कृति और समाज से भी जुड़े रहें ताकि वे अपने क्षेत्र और देश का नाम रोशन कर सकें।
सजग रहें, मेहनत को अपनी ताकत बनाएं और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें। अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और प्रतिभाशाली युवाओं का उत्साह बढ़ाएं।

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