विजय दिवस पर गुमला को मिलेगा नया पर्यटन उपहार, वीर शहीद तेलंगा खड़िया जैव विविधता पार्क का लोकार्पण 16 दिसंबर को

विजय दिवस पर गुमला को मिलेगा नया पर्यटन उपहार, वीर शहीद तेलंगा खड़िया जैव विविधता पार्क का लोकार्पण 16 दिसंबर को

author Dindayal Ram
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#गुमला #पर्यटन_विकास : विजय दिवस के अवसर पर 30 एकड़ में बने जैव विविधता पार्क का लोकार्पण, आम जनता के लिए खुलेगा नया इको टूरिज्म केंद्र
  • 16 दिसंबर विजय दिवस को होगा जैव विविधता पार्क का भव्य लोकार्पण।
  • पार्क का नाम वीर शहीद तेलंगा खड़िया जैव विविधता पार्क रखने को सरकार की मंजूरी।
  • कल्याण मंत्री चमरा लिंडा और गुमला विधायक भूषण तिर्की करेंगे उद्घाटन।
  • वन विभाग गुमला ने इको टूरिज्म योजना के तहत 30 एकड़ क्षेत्र में किया निर्माण।
  • पार्क में एडवेंचर, मनोरंजन और जैव विविधता से जुड़ी दर्जनों सुविधाएं।
  • उद्घाटन के साथ ही आम जनता के लिए पार्क खोल दिया जाएगा

गुमला जिले के लोगों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार वीर शहीद तेलंगा खड़िया जैव विविधता पार्क के उद्घाटन की तिथि तय कर दी गई है। यह पार्क विजय दिवस के अवसर पर 16 दिसंबर को आम जनता को समर्पित किया जाएगा। खास बात यह है कि इस जैव विविधता पार्क को महान स्वतंत्रता सेनानी और शहीद तेलंगा खड़िया के नाम पर रखा गया है, जिस पर राज्य सरकार की आधिकारिक मुहर भी लग चुकी है। इस दिन का चयन देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के सम्मान के रूप में किया गया है।

मंत्री और विधायक करेंगे लोकार्पण

तर्री बाइपास सड़क स्थित इस भव्य जैव विविधता पार्क का लोकार्पण झारखंड सरकार के एससी एसटी एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री श्री चमरा लिंडा मुख्य अतिथि के रूप में करेंगे। वहीं गुमला विधायक श्री भूषण तिर्की विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे। उद्घाटन कार्यक्रम में जिले के कई वरीय प्रशासनिक अधिकारी, वन विभाग के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य लोग मौजूद रहेंगे।

अहमद बेलाल अनवर, डीएफओ गुमला ने कहा: “तर्री स्थित वीर शहीद तेलंगा खड़िया जैव विविधता पार्क का लोकार्पण 16 दिसंबर को किया जाएगा और इसी दिन से यह पार्क आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।”

पहले 15 नवंबर को था उद्घाटन का प्रस्ताव

गौरतलब है कि इससे पहले पार्क का उद्घाटन 15 नवंबर राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर प्रस्तावित था, लेकिन कुछ कारणों से तिथि में बदलाव कर इसे 16 दिसंबर विजय दिवस कर दिया गया। अब सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और उद्घाटन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर उत्साह का माहौल है।

30 एकड़ में फैला इको टूरिज्म का अनूठा केंद्र

यह जैव विविधता पार्क वन विभाग गुमला द्वारा इको टूरिज्म योजना के अंतर्गत लगभग 30 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित किया गया है। पार्क का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को प्राकृतिक वातावरण में मनोरंजन की सुविधा उपलब्ध कराना है। पूरे परिसर को अलग-अलग थीम में विकसित किया गया है, ताकि हर वर्ग के लोग यहां आकर आनंद उठा सकें।

बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधाएं

पार्क में बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए अलग-अलग तरह की सुविधाएं विकसित की गई हैं। बच्चों के लिए छोटा स्टेडियम और झूले लगाए गए हैं, युवाओं के लिए एडवेंचर गतिविधियां और बुजुर्गों के लिए शांत वातावरण में टहलने व बैठने की व्यवस्था की गई है।

पार्क में प्रमुख रूप से रॉक क्लाइंबिंग, रोप ट्रेल, जिप लाइन, जॉगिंग ट्रैक, साइकिलिंग ट्रैक, झूले, गजीबो, वॉच टावर, ट्री हाउस, ओपन थिएटर, गार्डन, कैफेटेरिया और बटरफ्लाई जोन जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।

जैव विविधता और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम

पार्क के अंदर गुलाब, कैक्टस, बटरफ्लाई गार्डन, ट्रॉपिकल बांस सहित जैव विविधता से जुड़े कई प्रकार के फूलों और सजावटी पौधों का सुंदर गार्डन विकसित किया गया है। घने जंगलों और ऊंचे पहाड़ों के बीच घूमते हुए लोग प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकेंगे। वहीं फाइबर से बने जंगली जानवर और जंगलों के बीच स्थित रंगमंच पार्क की खास पहचान होंगे।

घूमने में लगेंगे दो से तीन घंटे

अगर कोई पर्यटक पूरे पार्क का भ्रमण करना चाहता है, तो उसे कम से कम दो से तीन घंटे का समय लगेगा। शहर से सटे होने के कारण यह पार्क गुमला के लोगों के लिए एक प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगा।

आसपास के जिलों के लिए भी बनेगा पर्यटन केंद्र

भोला चौधरी, समाजसेवी सुजला ने कहा: “गुमला जिले के अलावा जशपुर, लोहरदगा, रांची, खूंटी और सिमडेगा जिले के लोगों के लिए भी यह जैव विविधता पार्क एक प्रमुख पर्यटन स्थल बनेगा। यहां आने वाले पर्यटक गुमला के अन्य धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों का भी भ्रमण करेंगे, जिससे पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।”

न्यूज़ देखो: गुमला को मिली पर्यटन की नई पहचान

वीर शहीद तेलंगा खड़िया जैव विविधता पार्क न सिर्फ शहीदों को सम्मान देने का प्रतीक है, बल्कि गुमला जिले को पर्यटन के मानचित्र पर नई पहचान भी देगा। यह पार्क पर्यावरण संरक्षण और रोजगार सृजन दोनों के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

प्रकृति से जुड़िए, शहीदों को सम्मान दीजिए

16 दिसंबर को गुमला के लिए एक ऐतिहासिक दिन बनने जा रहा है। परिवार और दोस्तों के साथ इस जैव विविधता पार्क का भ्रमण करें, प्रकृति को नजदीक से जानें और शहीद तेलंगा खड़िया को नमन करें।
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