तेज आंधी और बारिश से खलारी पिपरवार कोयलांचल में भारी तबाही: बिजली गुल होने से जनजीवन और कोयला उत्पादन प्रभावित

तेज आंधी और बारिश से खलारी पिपरवार कोयलांचल में भारी तबाही: बिजली गुल होने से जनजीवन और कोयला उत्पादन प्रभावित

author Jitendra Giri
31 Views Download E-Paper (0)
#खलारी #आंधी_बारिश : तेज तूफान से पेड़, बिजली पोल और तार क्षतिग्रस्त हुए।

रांची जिले के खलारी-पिपरवार कोयलांचल क्षेत्र में शुक्रवार देर रात आई तेज आंधी और बारिश ने व्यापक नुकसान पहुंचाया। दर्जनों पेड़ और बिजली पोल गिरने से कई इलाकों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई। सड़क मार्ग बाधित होने के साथ सीसीएल परियोजनाओं में कोयला उत्पादन और डिस्पैच कार्य भी प्रभावित हुआ। बिजली विभाग और प्रशासन क्षतिग्रस्त व्यवस्था को बहाल करने के लिए लगातार राहत एवं मरम्मत कार्य में जुटे हुए हैं।

Join WhatsApp
  • खलारी, डकरा, चूरी और पिपरवार क्षेत्र में तेज आंधी से दर्जनों पेड़ और बिजली पोल गिरे।
  • बिजली लाइनों को भारी नुकसान पहुंचने से अधिकांश इलाकों में रातभर बिजली आपूर्ति ठप रही।
  • मैक्लुस्कीगंज-पतरातू मुख्य मार्ग सहित कई सड़कों पर पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित हुआ।
  • बसंत विहार कॉलोनी में पेड़ गिरने से गैराज और उसमें खड़ी कार क्षतिग्रस्त हो गई।
  • बिजली बाधित होने से सीसीएल परियोजनाओं में कोयला उत्पादन और डिस्पैच प्रभावित हुआ।
  • बिजली विभाग के अधिकारी और कर्मचारी युद्धस्तर पर बहाली कार्य में जुटे रहे।

शुक्रवार की देर रात मौसम ने अचानक करवट ली और तेज आंधी के साथ हुई मूसलाधार बारिश ने खलारी-पिपरवार कोयलांचल क्षेत्र में भारी तबाही मचा दी। तेज हवाओं की रफ्तार इतनी अधिक थी कि कई स्थानों पर विशालकाय पेड़ जड़ से उखड़ गए और बिजली के खंभों तथा तारों पर गिर पड़े। इसके कारण बिजली व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और क्षेत्र के हजारों लोगों को अंधेरे में रात बितानी पड़ी।

आंधी और बारिश का असर केवल बिजली व्यवस्था तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सड़क यातायात, औद्योगिक गतिविधियों और आम जनजीवन पर भी इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिला। कई क्षेत्रों में लोगों को पेयजल, संचार और अन्य आवश्यक सेवाओं में भी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

देर रात बदला मौसम, मची अफरा-तफरी

शुक्रवार देर रात अचानक मौसम खराब होने के साथ तेज हवाएं चलनी शुरू हो गईं। देखते ही देखते आंधी ने विकराल रूप धारण कर लिया और इसके साथ हुई तेज बारिश ने पूरे खलारी-पिपरवार क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया।

तेज हवाओं के कारण अनेक स्थानों पर बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर सड़कों और बिजली लाइनों पर गिर गए। कई इलाकों में बिजली के खंभे टूट गए तथा तार क्षतिग्रस्त हो गए। इससे खलारी, डकरा, चूरी, पिपरवार और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई।

सड़कों पर गिरे पेड़, आवागमन हुआ प्रभावित

आंधी के कारण कई प्रमुख मार्गों पर पेड़ गिरने से यातायात भी प्रभावित हुआ। विशेष रूप से मैक्लुस्कीगंज-पतरातू मुख्य सड़क मार्ग पर बड़े पेड़ गिरने के कारण कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा।

स्थानीय लोगों के अनुसार रातभर कई स्थानों पर सड़कें अवरुद्ध रहीं, जिससे यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा पेड़ों को हटाने का कार्य शुरू किया गया।

बिजली व्यवस्था को भारी नुकसान

तेज आंधी और बारिश से सबसे अधिक नुकसान बिजली व्यवस्था को हुआ। कई स्थानों पर पेड़ सीधे बिजली लाइनों पर गिर गए, जिससे तार टूट गए और खंभे क्षतिग्रस्त हो गए।

इसके कारण पूरे कोयलांचल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। समाचार लिखे जाने तक कई इलाकों में बिजली बहाल नहीं हो सकी थी और मरम्मत कार्य लगातार जारी था।

बिजली बाधित होने से लोगों को भीषण गर्मी और उमस के बीच काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। मोबाइल चार्जिंग, पानी की आपूर्ति और घरेलू कार्य भी प्रभावित रहे।

कोयला उत्पादन और डिस्पैच व्यवस्था पर असर

खलारी-पिपरवार क्षेत्र देश के महत्वपूर्ण कोयलांचल क्षेत्रों में शामिल है। बिजली बाधित होने का असर सीसीएल (सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड) की विभिन्न परियोजनाओं पर भी पड़ा।

विद्युत आपूर्ति ठप होने से कई परियोजनाओं में कार्य प्रभावित हुआ और कोयला उत्पादन तथा डिस्पैच व्यवस्था पर भी असर देखा गया। उत्पादन गतिविधियों में आई रुकावट से आर्थिक गतिविधियां भी प्रभावित हुईं।

कोयला उद्योग से जुड़े अधिकारियों के अनुसार बिजली व्यवस्था सामान्य होने के बाद ही कई कार्य पूरी क्षमता से शुरू हो सकेंगे।

पिपरवार क्षेत्र में सबसे अधिक नुकसान

आंधी और बारिश का सबसे अधिक प्रभाव पिपरवार क्षेत्र में देखने को मिला। बसंत विहार कॉलोनी, वनबीआर कॉलोनी तथा राय रेलवे स्टेशन रोड सहित कई क्षेत्रों में बड़े-बड़े पेड़ गिर गए।

बसंत विहार कॉलोनी के सी-टाइप क्वार्टर के निकट एक विशाल पेड़ सीधे एक गैराज पर गिर गया। इस दुर्घटना में गैराज को भारी नुकसान पहुंचा, वहीं अंदर खड़ी कार भी क्षतिग्रस्त हो गई।

कई स्थानों पर बिजली पोल टूटने और तार क्षतिग्रस्त होने से पूरा आवासीय क्षेत्र लंबे समय तक अंधेरे में डूबा रहा।

युद्धस्तर पर चल रहा मरम्मत कार्य

घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग की टीमें सक्रिय हो गईं। अधिकारियों और कर्मचारियों ने क्षतिग्रस्त क्षेत्रों का निरीक्षण कर बहाली कार्य शुरू किया।

पेड़ों को हटाने, टूटे बिजली पोल बदलने और क्षतिग्रस्त तारों की मरम्मत का कार्य लगातार जारी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार व्यापक क्षति होने के कारण व्यवस्था को पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार: “बिजली आपूर्ति को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए सभी टीमें लगातार काम कर रही हैं। कई स्थानों पर गंभीर क्षति हुई है, इसलिए बहाली कार्य चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है।”

लोगों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग

आंधी और बारिश के बाद स्थानीय लोगों ने बिजली व्यवस्था को और मजबूत बनाने की मांग उठाई है। ग्रामीणों और शहरी क्षेत्रों के निवासियों का कहना है कि हर वर्ष मानसून और आंधी के दौरान इसी प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती हैं।

लोगों का मानना है कि पुराने बिजली पोल और जर्जर तारों को समय रहते बदला जाए तथा संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित रूप से पेड़ों की छंटाई की जाए, ताकि ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।

न्यूज़ देखो: प्राकृतिक आपदा के सामने व्यवस्था की तैयारी कितनी मजबूत?

खलारी-पिपरवार क्षेत्र में आई इस आंधी ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए हमारी आधारभूत संरचना कितनी तैयार है। बिजली व्यवस्था को हुए व्यापक नुकसान से स्पष्ट है कि संवेदनशील क्षेत्रों में पूर्व तैयारी और नियमित रखरखाव की आवश्यकता है। राहत की बात यह है कि विभागीय टीमें तेजी से बहाली कार्य में जुटी हैं, लेकिन भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए दीर्घकालिक योजना बनाना भी जरूरी है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

प्रकृति का सम्मान करें, सुरक्षा को प्राथमिकता दें

तेज आंधी और बारिश जैसी प्राकृतिक घटनाएं हमें सतर्क रहने का संदेश देती हैं। ऐसे समय में सुरक्षा नियमों का पालन करना और प्रशासन का सहयोग करना बेहद आवश्यक है।

अपने आसपास गिरे बिजली तारों और क्षतिग्रस्त पोलों से दूरी बनाए रखें तथा किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।

प्राकृतिक आपदाओं के प्रति जागरूक बनें, सुरक्षित रहें और अपने समुदाय को भी सतर्क करें। इस खबर पर अपनी राय कमेंट में साझा करें, इसे अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और जनजागरूकता बढ़ाने में अपना योगदान दें।

📥 Download E-Paper

यह खबर आपके लिए कितनी महत्वपूर्ण थी?

रेटिंग देने के लिए किसी एक स्टार पर क्लिक करें!

इस खबर की औसत रेटिंग: 0 / 5. कुल वोट: 0

अभी तक कोई वोट नहीं! इस खबर को रेट करने वाले पहले व्यक्ति बनें।

चूंकि आपने इस खबर को उपयोगी पाया...

हमें सोशल मीडिया पर फॉलो करें!

Written by

खलारी, रांची

🗣️ Join the Conversation!

What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).

ये खबर आपको कैसी लगी, अपनी प्रतिक्रिया दें

🔔

Notification Preferences

error: