#सिमडेगा #कृषि_विकास : सब्जी और फूल उत्पादन से किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया।
सिमडेगा उपायुक्त कंचन सिंह ने कोचेडेगा बांसपहार क्षेत्र का दौरा कर सब्जी एवं फूल उत्पादन क्लस्टर का निरीक्षण किया। लगभग 150 एकड़ क्षेत्र में हो रही खेती का जायजा लेते हुए उन्होंने किसानों से उत्पादन और विपणन व्यवस्था की जानकारी ली। उपायुक्त ने अधिकारियों को किसानों को बड़े बाजारों से जोड़ने और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।
- उपायुक्त कंचन सिंह ने कोचेडेगा बांसपहार क्षेत्र का किया निरीक्षण।
- लगभग 150 एकड़ भूमि पर हो रही सब्जी, फल और फूलों की खेती।
- किसान जॉन टोप्पो की जरबेरा फूल खेती की उपायुक्त ने सराहना की।
- मिर्च उत्पादन की बिक्री समस्या पर बाजार उपलब्ध कराने का निर्देश।
- किसानों को मुख्यमंत्री ट्रैक्टर सहायता योजना से जोड़ने की प्रक्रिया जारी।
- जिला कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो समेत कई अधिकारी रहे उपस्थित।
सिमडेगा जिले के कोचेडेगा बांसपहार क्षेत्र में खेती के क्षेत्र में हो रहे सकारात्मक बदलाव का जायजा लेने के लिए उपायुक्त कंचन सिंह ने क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने वहां संचालित सब्जी एवं फूल उत्पादन क्लस्टर का अवलोकन करते हुए किसानों से सीधे संवाद किया और खेती से जुड़ी समस्याओं एवं संभावनाओं की जानकारी ली।
कोचेडेगा बांसपहार क्षेत्र में करीब 150 एकड़ से अधिक भूमि पर किसान सब्जियों, फलों और फूलों की खेती कर रहे हैं। प्रशासन का उद्देश्य इस क्षेत्र को एक उन्नत कृषि क्लस्टर के रूप में विकसित करना है, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो और उन्हें बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके।
जरबेरा फूल की खेती बनी आकर्षण का केंद्र
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने किसान जॉन टोप्पो द्वारा उद्यान योजना के तहत की जा रही जरबेरा फूल की खेती का अवलोकन किया। फूलों की गुणवत्ता और उत्पादन को देखकर उपायुक्त काफी प्रभावित नजर आईं।
उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं व्यावसायिक खेती किसानों के लिए आय बढ़ाने का प्रभावी माध्यम बन सकती है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि किसानों को स्थानीय बाजारों के साथ-साथ बड़े व्यापारिक बाजारों से भी जोड़ा जाए, ताकि उन्हें उनके उत्पाद का उचित मूल्य मिल सके।
उपायुक्त कंचन सिंह ने कहा: “वैज्ञानिक और व्यावसायिक खेती ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। किसानों को बाजार से जोड़ना प्रशासन की प्राथमिकता है।”
हर तीन दिन में हो रही फूलों की बिक्री
किसान जॉन टोप्पो ने उपायुक्त को जानकारी देते हुए बताया कि हाल ही में जरबेरा फूल निकलना शुरू हुआ है और प्रत्येक तीन दिन में फूल तोड़कर बाजार में बिक्री की जा रही है।
उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 12 से 13 हजार रुपये तक के फूलों की बिक्री की जा चुकी है। किसान की इस सफलता को देखकर उपायुक्त ने अन्य किसानों को भी फूलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।
मिर्च उत्पादन देख खुश हुईं उपायुक्त
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने मिर्च की खेती का भी जायजा लिया। खेत में लगी मिर्च की फसल देखकर वे काफी प्रसन्न हुईं और स्वयं खेत में जाकर मिर्च तोड़ी।
उन्होंने किसानों को वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने और आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। किसानों ने बताया कि क्षेत्र में मिर्च का उत्पादन काफी अधिक हो रहा है, लेकिन उन्हें उचित बाजार नहीं मिल पा रहा है।
इस पर उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र में बड़े पैमाने पर एकरूप खेती को बढ़ावा दिया जाए, ताकि बड़े व्यापारी और सब्जी विक्रेता सीधे गांव पहुंचकर खरीदारी कर सकें। इससे किसानों को बेहतर कीमत और बाजार उपलब्ध हो सकेगा।
खेती की सफलता का होगा डॉक्यूमेंटेशन
उपायुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि इस क्षेत्र में हो रही खेती और किसानों की सफलता का विस्तृत डॉक्यूमेंटेशन तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि इससे अन्य किसान भी प्रेरित होंगे और खेती के आधुनिक तरीकों को अपनाने के लिए आगे आएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है और कृषि आधारित स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।
भिंडी खेती और ट्रैक्टर योजना पर भी जोर
जिला कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो ने जानकारी दी कि क्लस्टर क्षेत्र के किसानों को भिंडी की खेती के लिए भी प्रोत्साहित किया गया है। बड़ी संख्या में किसान अब भिंडी उत्पादन से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने बताया कि किसानों को कृषि यंत्रीकरण से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री ट्रैक्टर सहायता योजना के तहत आवेदन भरवाए गए हैं और किसानों द्वारा अंशदान राशि जमा करने की प्रक्रिया भी जारी है।
कई अधिकारी और किसान रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी माधुरी टोप्पो, भूमि संरक्षण पदाधिकारी विल्सन आनंद कुजूर, बीटीएम शौरभ सहित अन्य पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
अधिकारियों ने किसानों को खेती से संबंधित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी और आधुनिक कृषि तकनीकों के उपयोग के लिए प्रेरित किया।

न्यूज़ देखो: खेती को बाजार से जोड़ना ही असली बदलाव
कोचेडेगा बांसपहार क्षेत्र में हो रही सब्जी और फूलों की खेती यह साबित करती है कि यदि किसानों को सही मार्गदर्शन और बाजार उपलब्ध कराया जाए तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो सकती है। प्रशासन की यह पहल सराहनीय है कि किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा जा रहा, बल्कि उन्हें विपणन और आधुनिक खेती से भी जोड़ा जा रहा है। अब जरूरत है कि किसानों की उपज के लिए स्थायी बाजार व्यवस्था विकसित की जाए, ताकि उनकी मेहनत का पूरा लाभ उन्हें मिल सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
किसान मजबूत होंगे तभी गांव और देश समृद्ध बनेगा
खेती केवल आजीविका नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। आधुनिक तकनीक, सही बाजार और प्रशासनिक सहयोग से किसान नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं।
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