राष्ट्रीय लोक अदालत में 15 हजार से अधिक मामलों का निपटारा, करोड़ों रुपये के समझौते से लोगों को मिली राहत

राष्ट्रीय लोक अदालत में 15 हजार से अधिक मामलों का निपटारा, करोड़ों रुपये के समझौते से लोगों को मिली राहत

author Ravikant Kumar Thakur
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#लातेहार #राष्ट्रीयलोकअदालत : त्वरित न्याय और आपसी समझौते से हजारों मामलों का समाधान हुआ।

लातेहार व्यवहार न्यायालय में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड 15 हजार 334 मामलों का निष्पादन किया गया। इस दौरान 2 करोड़ 69 लाख 35 हजार 66 रुपये के मामलों का सेटलमेंट कर लोगों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराया गया। बार एसोसिएशन अध्यक्ष अरविंद नाथ शहदेव ने इसे गरीबों और जरूरतमंदों के लिए प्रभावी न्याय व्यवस्था बताया।

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  • राष्ट्रीय लोक अदालत में 15,334 मामलों का निष्पादन किया गया।
  • कुल 2.69 करोड़ रुपये का सेटलमेंट कर वादकारियों को राहत मिली।
  • बार अध्यक्ष अरविंद नाथ शहदेव ने लोक अदालत को गरीबों के लिए प्रभावी मंच बताया।
  • मोटर दुर्घटना के दो मामलों में 16.50 लाख रुपये का समझौता।
  • 46 सखी मंडलों को 46 लाख रुपये के चेक वितरित किए गए।
  • कार्यक्रम में न्यायिक पदाधिकारी, पुलिस प्रशासन और अधिवक्ताओं की रही मौजूदगी।

लातेहार व्यवहार न्यायालय परिसर में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत लोगों के लिए राहत और त्वरित न्याय का बड़ा मंच साबित हुई। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देश पर आयोजित इस विशेष लोक अदालत में रिकॉर्ड संख्या में मामलों का निष्पादन हुआ। पूरे दिन न्यायालय परिसर में लोगों की भारी भीड़ देखी गई और बड़ी संख्या में वादकारियों ने समझौते के माध्यम से अपने मामलों का समाधान कराया।

कार्यक्रम का ऑनलाइन उद्घाटन सुजीत नारायण प्रसाद द्वारा किया गया। यह आयोजन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

15 हजार से अधिक मामलों का हुआ निष्पादन

राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 15 हजार 334 मामलों का निष्पादन किया गया। इन मामलों में विभिन्न विभागों और न्यायालयों से जुड़े विवाद शामिल थे। आपसी सहमति और समझौते के आधार पर 2 करोड़ 69 लाख 35 हजार 66 रुपये का सेटलमेंट किया गया।

लोक अदालत के लिए कुल सात बेंचों का गठन किया गया था, जहां अलग-अलग श्रेणी के मामलों की सुनवाई कर उनका निपटारा किया गया।

पारिवारिक और मोटर दुर्घटना मामलों में समझौता

लोक अदालत के दौरान पारिवारिक विवाद से जुड़े 11 मामलों का सफल निष्पादन हुआ। वहीं मोटर दुर्घटना से संबंधित दो मामलों में 16 लाख 50 हजार रुपये का समझौता कराया गया।

इसके अलावा बिजली विभाग से जुड़े 68 प्री-लिटिगेशन और 37 लंबित मामलों का भी समाधान किया गया। चेक बाउंस के तीन मामलों में 4 लाख 10 हजार रुपये का सेटलमेंट हुआ।

बैंकिंग, क्रिमिनल कंपाउंडेबल और सिविल मामलों सहित हजारों लंबित मामलों का निष्पादन कर लोगों को राहत पहुंचाई गई।

“गरीबों को मिला त्वरित न्याय” : अरविंद नाथ शहदेव

राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान लातेहार जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष लाल अरविंद नाथ शहदेव ने लोक अदालत की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

बार अध्यक्ष अरविंद नाथ शहदेव ने कहा: “राष्ट्रीय लोक अदालत गरीब, जरूरतमंद और आम लोगों को त्वरित एवं सुलभ न्याय दिलाने का सबसे प्रभावी माध्यम बन चुकी है।”

उन्होंने अधिवक्ताओं, न्यायिक पदाधिकारियों और विभागीय अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि आपसी समझौते से मामलों का समाधान समाज में सौहार्द और न्याय व्यवस्था में विश्वास को मजबूत करता है।

महिलाओं को मिला स्वरोजगार बढ़ाने का संदेश

कार्यक्रम के दौरान झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के तत्वावधान में 46 स्थानीय सखी मंडलों को 46 लाख रुपये का चेक भी वितरित किया गया।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह ने महिलाओं को संबोधित करते हुए राशि का सही उपयोग करने, बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने और स्वरोजगार के अवसरों को बढ़ाने की सलाह दी।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश शेषनाथ सिंह ने कहा: “आर्थिक रूप से सशक्त महिलाएं समाज और परिवार दोनों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।”

न्यायालय परिसर में उमड़ी लोगों की भीड़

राष्ट्रीय लोक अदालत के दौरान न्यायालय परिसर में सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। बड़ी संख्या में लोग अपने मामलों के निपटारे के लिए पहुंचे थे। अधिवक्ताओं और न्यायिक पदाधिकारियों ने भी वादकारियों को समझौते के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के सफल संचालन में न्यायालय प्रशासन, अधिवक्ताओं, बैंक कर्मियों और पीएलवी सदस्यों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

कई अधिकारी और न्यायिक पदाधिकारी रहे मौजूद

इस अवसर पर उपायुक्त सह डालसा उपाध्यक्ष संदीप कुमार, पुलिस अधीक्षक कुमार गौरव, प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय सैयद सलीम फातमी, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीशगण, सीजेएम विक्रम आनंद, एसीजेएम कुमारी जीव, सिविल जज मीनाक्षी मिश्रा, डालसा सचिव शिवम चौरसिया, बार एसोसिएशन के पदाधिकारी, अधिवक्तागण, बैंक कर्मी, पीएलवी सदस्य एवं बड़ी संख्या में वादकारी उपस्थित रहे।

न्यूज़ देखो: लोक अदालत बनी त्वरित न्याय की मजबूत कड़ी

राष्ट्रीय लोक अदालत आज आम लोगों के लिए राहत का प्रभावी मंच बनती जा रही है। वर्षों तक चलने वाले मामलों का आपसी सहमति से समाधान न केवल न्यायालयों का बोझ कम करता है, बल्कि लोगों का समय और धन भी बचाता है। लातेहार में रिकॉर्ड मामलों का निष्पादन यह साबित करता है कि यदि सभी पक्ष सकारात्मक सोच के साथ आगे आएं तो न्याय प्रक्रिया को अधिक सरल और प्रभावी बनाया जा सकता है। अब जरूरत है कि अधिक से अधिक लोग इस वैकल्पिक न्याय व्यवस्था का लाभ उठाएं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

न्याय तभी मजबूत होगा जब हर व्यक्ति को मिले सुलभ समाधान

समाज में शांति और विश्वास बनाए रखने के लिए त्वरित न्याय बेहद जरूरी है। लोक अदालत जैसे मंच लोगों को आपसी समझ और संवाद के माध्यम से विवाद समाप्त करने की प्रेरणा देते हैं।

यदि आपके आसपास भी कोई मामला वर्षों से लंबित है, तो लोक अदालत जैसे विकल्पों की जानकारी लोगों तक पहुंचाएं। अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और न्याय को सरल बनाने की इस पहल में भागीदार बनें।

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Written by

चंदवा, लातेहार

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