#बानो #बिजली_सुविधा : नए ट्रांसफार्मर लगने से ग्रामीणों को नियमित बिजली मिलने की उम्मीद जगी।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत रामजोल कुचाईबेड़ा गांव में नया 25 केवीए ट्रांसफार्मर स्थापित कर बिजली आपूर्ति बहाल की गई। कई महीनों से खराब ट्रांसफार्मर के कारण ग्रामीण अंधेरे में जीवन गुजार रहे थे। तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया की पहल और त्वरित कार्रवाई के बाद ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
- रामजोल कुचाईबेड़ा गांव में नए 25 केवीए ट्रांसफार्मर का उद्घाटन।
- तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया की पहल पर बिजली आपूर्ति बहाल हुई।
- करीब पांच से छह महीने से गांव का पुराना ट्रांसफार्मर खराब था।
- ग्रामीणों की मांग पर तीन दिनों के भीतर नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया गया।
- उद्घाटन कार्यक्रम में प्रखंड प्रमुख सुधीर डांग समेत कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद।
- गांव में बिजली आने से ग्रामीणों में खुशी और उत्साह का माहौल।
सिमडेगा जिले के बानो प्रखंड अंतर्गत बांकी पंचायत के रामजोल कुचाईबेड़ा गांव में शनिवार को लंबे इंतजार के बाद बिजली व्यवस्था बहाल हो गई। गांव में 25 केवीए क्षमता वाले नए ट्रांसफार्मर का उद्घाटन विधिवत फीता काटकर किया गया। महीनों से बिजली संकट झेल रहे ग्रामीणों के लिए यह दिन किसी बड़ी राहत से कम नहीं था।
ग्रामीणों के अनुसार गांव का पुराना ट्रांसफार्मर करीब पांच से छह माह पहले खराब हो गया था। इसके बाद गांव के लोग लगातार बिजली बहाल करने की मांग कर रहे थे, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था। आखिरकार तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया की पहल से गांव में नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया गया।
विधायक की पहल से मिली राहत
नए ट्रांसफार्मर का उद्घाटन प्रखंड प्रमुख सुधीर डांग, विधायक प्रतिनिधि विद्युत विभाग तनवीर हुसैन, विधायक प्रतिनिधि जगदीश बागे, झामुमो केंद्रीय समिति सदस्य धर्मदास तोपनो, सोय पंचायत अध्यक्ष संदीप समद, अलिफ समद, झामुमो सक्रिय सदस्य सुनित गुड़िया एवं ग्रामीणों की उपस्थिति में किया गया।
उद्घाटन के दौरान गांव में बिजली बहाल होने पर ग्रामीणों के चेहरे खुशी से खिल उठे। कई महीनों तक अंधेरे में रहने के बाद गांव में दोबारा बिजली जलने से उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।
महीनों से अंधेरे में था गांव
ग्रामीणों ने बताया कि ट्रांसफार्मर खराब होने के कारण पूरे गांव में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप हो गई थी। इससे बच्चों की पढ़ाई, घरेलू कामकाज और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा था।
गर्मी के मौसम में बिजली नहीं रहने से ग्रामीणों को और भी ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। कई बार विभाग और जनप्रतिनिधियों से शिकायत के बावजूद समाधान नहीं निकल पा रहा था।
आवेदन के तीन दिन बाद मिला ट्रांसफार्मर
ग्रामीणों ने बताया कि अंततः विधायक सुदीप गुड़िया के नाम आवेदन देकर समस्या से अवगत कराया गया। आवेदन बानो प्रखंड विद्युत विभाग प्रतिनिधि तनवीर हुसैन को सौंपा गया था।
आवेदन मिलने के बाद विधायक के निर्देश पर त्वरित पहल की गई और मात्र तीन दिनों के भीतर बिजली विभाग से समन्वय कर नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध करा दिया गया।
प्रखंड प्रमुख सुधीर डांग ने कहा: “ग्रामीण कई महीनों से बिजली संकट झेल रहे थे। विधायक सुदीप गुड़िया के प्रयास से गांव में नया ट्रांसफार्मर लग पाया है, जिससे अब लोगों को नियमित बिजली मिल सकेगी।”
जनसमस्याओं के समाधान का भरोसा
उद्घाटन समारोह में विधायक प्रतिनिधि तनवीर हुसैन एवं जगदीश बागे ने कहा कि क्षेत्र की जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
विधायक प्रतिनिधि तनवीर हुसैन ने कहा: “गांवों में बेहतर बिजली व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और आगे भी जनता की समस्याओं के समाधान में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।”
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं को मजबूत करना सरकार और जनप्रतिनिधियों की प्राथमिकता है।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
कार्यक्रम में अलिफ समद, सुगड़ कंडुलना, निर्मल कंडुलना, मरकुस कंडुलना, अनमोल डांग, सनिका लुगुन, एतवा कंडुलना, बिरसा डांग, एतो कंडुलना, पुरन कंडुलना, किशोर डांग, बुद्धु कंडुलना, रमेश कंडुलना, डरो कंडुलना, बोदो डांग, रसेल लुगुन, लुकेश कंडुलना, मार्शेल डांग सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
ग्रामीणों ने बिजली बहाल होने पर खुशी जताई और विधायक व प्रशासन का आभार व्यक्त किया।
बिजली बहाल होने से बढ़ी उम्मीदें
गांव में बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद ग्रामीणों को अब नियमित बिजली मिलने की उम्मीद जगी है। लोगों का कहना है कि बिजली रहने से बच्चों की पढ़ाई, खेती-किसानी और घरेलू कार्यों में काफी सहूलियत होगी।
ग्रामीणों ने मांग की कि भविष्य में बिजली व्यवस्था को और मजबूत किया जाए ताकि ऐसी समस्या दोबारा उत्पन्न न हो।

न्यूज़ देखो: गांवों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचना सबसे बड़ी जरूरत
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली जैसी बुनियादी सुविधा लोगों के जीवन को सीधे प्रभावित करती है। रामजोल कुचाईबेड़ा में महीनों बाद बिजली बहाल होना यह दिखाता है कि यदि जनप्रतिनिधि और प्रशासन तत्परता से कार्य करें तो समस्याओं का समाधान संभव है। अब जरूरत इस बात की है कि ग्रामीण इलाकों में बिजली व्यवस्था को स्थायी और मजबूत बनाया जाए, ताकि लोगों को बार-बार परेशानी का सामना न करना पड़े। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
जागरूक ग्रामीण और सक्रिय प्रशासन मिलकर बदल सकते हैं गांव की तस्वीर
गांवों का विकास तभी संभव है जब लोग अपनी समस्याओं को मजबूती से उठाएं और प्रशासन समय पर समाधान करे। बिजली, पानी और सड़क जैसी सुविधाएं हर नागरिक का अधिकार हैं।
यदि आपके क्षेत्र में भी कोई जनसमस्या लंबे समय से लंबित है, तो आवाज उठाइए और जागरूक बनिए। अपनी राय कमेंट करें, खबर साझा करें और गांवों के विकास की मुहिम में सहभागी बनें।

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