बोलबा में आम उत्सव सह बागवानी मेला आयोजित, किसानों को उन्नत फल उत्पादन की दी गई जानकारी

बोलबा में आम उत्सव सह बागवानी मेला आयोजित, किसानों को उन्नत फल उत्पादन की दी गई जानकारी

author Shivnandan Baraik
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#बोलबा #बागवानी_मेला : किसानों को उन्नत आम उत्पादन और विपणन की जानकारी दी गई।

सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड कार्यालय सभागार में एक दिवसीय आम उत्सव सह बागवानी मेला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को उन्नत किस्म के आम की खेती, संरक्षण और विपणन संबंधी जानकारी प्रदान करना था। बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत आयोजित इस मेले में विभिन्न पंचायतों के लाभुकों ने भाग लिया। आयोजन के माध्यम से क्षेत्र में बागवानी और फल उत्पादन को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।

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  • बोलबा प्रखंड कार्यालय सभागार में एक दिवसीय आम उत्सव सह बागवानी मेला आयोजित हुआ।
  • बिरसा हरित ग्राम योजना के तहत किसानों को उन्नत आम उत्पादन की जानकारी दी गई।
  • किसानों को आम की खेती, रखरखाव, तुड़ाई और मार्केटिंग के गुर सिखाए गए।
  • विभिन्न पंचायतों के लाभुक उन्नत किस्म के आम फलों के प्रदर्शन के साथ शामिल हुए।
  • पंचायत प्रतिनिधियों ने किसानों को अधिक से अधिक फलदार पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया।
  • कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसान, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सिमडेगा जिले के बोलबा प्रखंड में आयोजित आम उत्सव सह बागवानी मेला किसानों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक साबित हुआ। कार्यक्रम के माध्यम से किसानों को आधुनिक बागवानी तकनीकों से अवगत कराया गया। विशेषज्ञों ने बताया कि यदि वैज्ञानिक तरीके से आम की खेती की जाए तो किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि संभव है। मेले में विभिन्न पंचायतों से आए किसानों ने अपने अनुभव साझा किए और उन्नत किस्म के आमों का प्रदर्शन भी किया।

किसानों को दी गई आधुनिक बागवानी की जानकारी

कार्यक्रम में अधिकारियों ने किसानों को आम के पौधों के चयन, रोपण, सिंचाई, खाद प्रबंधन और रोग नियंत्रण के बारे में विस्तार से जानकारी दी। साथ ही बताया गया कि जलवायु और मिट्टी के अनुसार सही प्रजाति का चयन करना उत्पादन बढ़ाने के लिए आवश्यक है।

विशेषज्ञों ने किसानों को यह भी बताया कि पौधों की समय-समय पर देखभाल, छंटाई और संरक्षण से बेहतर गुणवत्ता वाले फल प्राप्त किए जा सकते हैं। किसानों को बागवानी को केवल पारंपरिक खेती का विकल्प नहीं, बल्कि आय बढ़ाने का सशक्त माध्यम बनाने पर बल दिया गया।

आम की तुड़ाई और विपणन पर विशेष जोर

मेले में आम फल की तुड़ाई के सही तरीकों और उसके सुरक्षित भंडारण की जानकारी भी दी गई। किसानों को बताया गया कि समय पर तुड़ाई और उचित पैकिंग से फलों की गुणवत्ता बनी रहती है और बाजार में बेहतर मूल्य प्राप्त होता है।

इसके अलावा किसानों को मार्केटिंग, मूल्य संवर्धन और बाजार तक पहुंच बनाने के विभिन्न उपायों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने कहा कि यदि किसान समूह बनाकर विपणन करें तो उन्हें अधिक लाभ मिल सकता है।

पंचायत प्रतिनिधियों ने किया प्रोत्साहित

कार्यक्रम में उपस्थित पंचायत प्रतिनिधियों ने किसानों को फलदार पौधों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि बागवानी से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि क्षेत्र में हरियाली और पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम के दौरान किसानों ने अपने खेतों में उगाए गए विभिन्न किस्म के आमों का प्रदर्शन किया, जिससे अन्य किसानों को भी नई तकनीकों और बेहतर उत्पादन के लिए प्रेरणा मिली।

बड़ी संख्या में शामिल हुए किसान और अधिकारी

कार्यक्रम में विभिन्न पंचायतों से आए किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने किसानों के साथ संवाद कर उनकी समस्याओं और सुझावों को भी सुना।

इस अवसर पर बीपीओ ऐजुल हक, सहायक अभियंता दीपेश कुमार साहू, कनीय अभियंता संजय उरांव, मुखिया सुरजन बड़ाइक, बिनोद बड़ाइक, स्नेहलता केरकेट्टा, शांति देवी, शशिकला तिर्की, मनोज सिंह, अनमोल कीड़ो, बालगोविंद सिंह, जोगेंद्र मांझी, सुबोध खेस, महेंद्र सिंह, महेश्वर सिंह, रंजीता बाड़ा, अंजू खलखो सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

न्यूज़ देखो: बागवानी से बढ़ेगी किसानों की आय और आत्मनिर्भरता

बोलबा में आयोजित आम उत्सव सह बागवानी मेला केवल एक प्रदर्शनी कार्यक्रम नहीं बल्कि किसानों को आधुनिक कृषि और बागवानी से जोड़ने की महत्वपूर्ण पहल है। ऐसे आयोजन किसानों को नई तकनीकों, बाजार की मांग और आय बढ़ाने के अवसरों से परिचित कराते हैं। यदि इस प्रकार के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएं तो क्षेत्र में फल उत्पादन और कृषि आधारित रोजगार के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

खेती में नवाचार अपनाएं, समृद्धि की राह बनाएं

बदलते समय में पारंपरिक खेती के साथ बागवानी को अपनाना किसानों की आर्थिक मजबूती का आधार बन सकता है।

फलदार पौधे केवल आय का साधन नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हरियाली और पर्यावरण संरक्षण की विरासत भी हैं।

यदि आप भी खेती या बागवानी से जुड़े हैं तो नई तकनीकों को अपनाने के लिए आगे आएं और अपने अनुभव अन्य किसानों के साथ साझा करें।

अपने क्षेत्र के सफल किसानों की कहानियां जानें, प्रेरित हों और दूसरों को भी प्रेरित करें।

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Written by

बानो, सिमडेगा

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