#दुमका #सड़क_सुरक्षा : श्रावणी मेला से पहले सड़क सुधार और सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया।
दुमका समाहरणालय सभागार में उपायुक्त अभिजीत सिन्हा की अध्यक्षता में रोड टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में सड़क सुरक्षा, हिट एंड रन मामलों, सड़क मरम्मती और यातायात व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई। आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2026 को देखते हुए अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और नागरिकों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।
- दुमका समाहरणालय में रोड टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित हुई।
- श्रावणी मेला 2026 से पहले सभी प्रमुख एवं संपर्क सड़कों की मरम्मती पूरी करने का निर्देश दिया गया।
- हिट एंड रन मामलों के त्वरित निपटारे और पीड़ित परिवारों को सहायता राशि देने पर जोर दिया गया।
- स्कूल बसों में जीपीएस सिस्टम अनिवार्य रूप से लगाने का निर्देश दिया गया।
- वाहन जांच अभियान तेज करने और यातायात नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
- बैठक में डीएफओ, एसडीओ, डीटीओ, बीडीओ, अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
दुमका में आयोजित रोड टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक में सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई। उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि आगामी राजकीय श्रावणी मेला 2026 से पहले सड़कों की स्थिति बेहतर बनाई जाए ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। बैठक में दुर्घटना नियंत्रण, सड़क मरम्मती, अतिक्रमण हटाने और स्कूल वाहनों की सुरक्षा जैसे विषयों पर भी विस्तार से समीक्षा की गई।
श्रावणी मेला को लेकर प्रशासन की विशेष तैयारी
राजकीय श्रावणी मेला हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। ऐसे में सड़क और यातायात व्यवस्था प्रशासन की प्राथमिकता बन जाती है। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि सभी प्रमुख मार्गों, संपर्क सड़कों और मेला क्षेत्र से जुड़ी सड़कों की मरम्मती कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा: “सावन माह शुरू होने से पहले सभी सड़कें पूरी तरह दुरुस्त होनी चाहिए ताकि श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सके।”
उन्होंने यह भी कहा कि सड़कों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
हिट एंड रन मामलों के त्वरित निपटारे पर जोर
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े हिट एंड रन मामलों की भी समीक्षा की गई। कई मामलों में सहायता राशि वितरण और प्रशासनिक प्रक्रिया लंबित होने की जानकारी सामने आई।
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निपटारा किया जाए और पीड़ित परिवारों को समय पर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि दुर्घटना पीड़ित परिवारों को राहत पहुंचाना प्रशासन की जिम्मेदारी है और इसमें किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए।
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के निर्देश
सड़क दुर्घटनाओं की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। प्रशासन ने यातायात नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने का फैसला किया।
उपायुक्त अभिजीत सिन्हा ने कहा: “सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को इसके प्रति जागरूक होना होगा।”
निर्देश दिए गए कि:
- सघन वाहन जांच अभियान नियमित रूप से चलाया जाए।
- शराब पीकर वाहन चलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।
- हेलमेट और सीट बेल्ट नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
- ओवरलोडिंग और तेज गति से वाहन चलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
स्कूल बसों में जीपीएस सिस्टम होगा अनिवार्य
बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उपायुक्त ने सभी स्कूल बसों और स्कूल वाहनों में जीपीएस सिस्टम लगाने का निर्देश दिया।
प्रशासन का मानना है कि जीपीएस आधारित निगरानी व्यवस्था से स्कूल वाहनों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी और आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव होगी। इससे अभिभावकों का भरोसा भी बढ़ेगा और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
अतिक्रमण हटाने के लिए चलेगा विशेष अभियान
शहर और मुख्य मार्गों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर भी बैठक में गंभीर चर्चा हुई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि नियमित रूप से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जाए।
सड़क किनारे अवैध कब्जों के कारण यातायात प्रभावित होता है और दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है। ऐसे में प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त सड़कें सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने लिया हिस्सा
बैठक में कई विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और अपने-अपने क्षेत्रों से संबंधित प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।
बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारियों में डीएफओ, अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिवहन पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, थाना प्रभारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी शामिल थे।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और सड़क सुरक्षा से जुड़े सभी कार्यों की नियमित समीक्षा करते रहें।
न्यूज़ देखो: सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशासन की सक्रियता जरूरी
दुमका में आयोजित यह समीक्षा बैठक बताती है कि प्रशासन आगामी श्रावणी मेला और सड़क सुरक्षा को लेकर गंभीर है। सड़क मरम्मती, दुर्घटना नियंत्रण, हिट एंड रन मामलों के निपटारे और स्कूल वाहनों की सुरक्षा जैसे विषय सीधे आम लोगों के जीवन से जुड़े हैं। अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि बैठक में दिए गए निर्देश धरातल पर कितनी तेजी और प्रभावी तरीके से लागू होते हैं। सड़क सुरक्षा केवल बैठकों से नहीं, बल्कि लगातार निगरानी और कार्रवाई से सुनिश्चित होती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सुरक्षित सड़कें ही सुरक्षित समाज की पहचान हैं
सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है। यातायात नियमों का पालन करके हम न केवल अपनी बल्कि दूसरों की जान भी बचा सकते हैं।
यदि सड़कों में गड्ढे, अतिक्रमण या अन्य समस्याएं दिखाई दें तो संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दें। बच्चों की सुरक्षा, सुरक्षित यात्रा और दुर्घटना मुक्त समाज के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
आइए, श्रावणी मेला और आने वाले दिनों में सड़क सुरक्षा को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लें। अपनी राय कमेंट में साझा करें, इस खबर को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं और सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूकता फैलाने में अपनी भूमिका निभाएं।

🗣️ Join the Conversation!
What are your thoughts on this update? Read what others are saying below, or share your own perspective to keep the discussion going. (Please keep comments respectful and on-topic).