#गढ़वा #सड़क_दुर्घटना : पूर्व मंत्री ने परिजनों से मिलकर प्रशासन से संवेदनशील कार्रवाई की अपील की।
गढ़वा के महुलिया गांव में सड़क दुर्घटना में मृतकों के परिजनों से मिलने पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवारों को सांत्वना देते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया। साथ ही प्रशासन से सहानुभूतिपूर्ण रवैया अपनाने की अपील की। इस घटना से पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।
- मिथिलेश कुमार ठाकुर पहुंचे महुलिया गांव।
- मृतक अखिलेश राम और राहुल चौधरी के परिजनों से मुलाकात।
- पीड़ित परिवार को हर संभव मदद का आश्वासन।
- प्रशासन से संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण कार्रवाई की अपील।
- बड़ी संख्या में झामुमो कार्यकर्ता और ग्रामीण रहे मौजूद।
गढ़वा जिले के महुलिया गांव में हुई दर्दनाक सड़क दुर्घटना के बाद रविवार को झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री और झामुमो के केंद्रीय महासचिव मिथिलेश कुमार ठाकुर पीड़ित परिवारों से मिलने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मृतक अखिलेश राम और राहुल चौधरी के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
पीड़ित परिवारों को दी सांत्वना
महुलिया गांव पहुंचकर मिथिलेश ठाकुर ने शोकाकुल परिवारों से मिलकर उनके दुख में सहभागी बने। उन्होंने कहा कि इस कठिन समय में वे पूरी तरह से पीड़ित परिवारों के साथ खड़े हैं।
मिथिलेश कुमार ठाकुर ने कहा: “हम पीड़ित परिवारों के साथ हमेशा खड़े हैं और उन्हें हर संभव मदद दी जाएगी।”
उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि सरकारी प्रावधानों के अनुसार सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्रशासन से संवेदनशीलता की अपील
पूर्व मंत्री ने जिला और पुलिस प्रशासन से अपील करते हुए कहा कि इस घटना से पूरा गांव आहत है, ऐसे में प्रशासन को सहानुभूति के साथ काम करना चाहिए।
उन्होंने कहा: “दुख की इस घड़ी में प्रशासन को दमनकारी नीति नहीं अपनानी चाहिए, बल्कि पूरे मामले को संवेदनशीलता के साथ देखना चाहिए।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी एक व्यक्ति की गलती की सजा पूरे गांव को नहीं मिलनी चाहिए।
ग्रामीणों से संयम बरतने की अपील
मिथिलेश ठाकुर ने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे इस कठिन समय में धैर्य और संयम बनाए रखें। उन्होंने कहा कि विपरीत परिस्थितियों में शांति और समझदारी से काम लेना जरूरी है।
अन्य गांवों का भी किया दौरा
महुलिया के बाद मिथिलेश ठाकुर महुपी गांव भी पहुंचे, जहां उन्होंने उज्ज्वल चौबे और वीरेंद्र चौबे के घर जाकर उनके परिवारों से मुलाकात की और उन्हें भी सांत्वना दी।
इस दौरान उन्होंने सभी पीड़ित परिवारों को आश्वासन दिया कि वे हर स्तर पर उनकी मदद के लिए प्रयासरत रहेंगे।
बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद
इस मौके पर झामुमो के कई पदाधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से धीरज दुबे, जवाहर पासवान, शरीफ अंसारी, चंदन पासवान, फुजैल अहमद, संजय कांस्यकर, वीरेंद्र राम, अजय ठाकुर, ओम सिंह, सन्नी चंद्रवंशी, सुमित पाल, श्रिनिवास, गुंजन धर दुबे, शुभम गुप्ता और रवि राउत सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल थे।

न्यूज़ देखो: संवेदनशीलता और जवाबदेही की जरूरत
महुलिया की यह घटना दिखाती है कि संकट के समय पीड़ित परिवारों के साथ खड़ा होना कितना महत्वपूर्ण है। जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी जहां एक ओर हौसला देती है, वहीं प्रशासन की भूमिका भी उतनी ही अहम होती है। अब यह देखना होगा कि पीड़ित परिवारों को कितनी जल्दी और प्रभावी सहायता मिलती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
दुख की घड़ी में साथ देना ही असली मानवता
किसी भी संकट की घड़ी में एक-दूसरे का साथ देना ही समाज की सबसे बड़ी ताकत होती है। हमें पीड़ितों के प्रति संवेदनशील रहते हुए उनकी मदद के लिए आगे आना चाहिए।
आइए, हम भी ऐसे समय में मानवता का परिचय दें और जरूरतमंदों की सहायता करें।
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