डुमरी में पायोनियर कंपनी का फसल कटाई दिवस — किसानों ने कहा “27 पी 37 जैसा कोई नहीं”

डुमरी में पायोनियर कंपनी का फसल कटाई दिवस — किसानों ने कहा “27 पी 37 जैसा कोई नहीं”

author Aditya Kumar
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#गुमला #कृषि_समाचार — उन्नत बीज से बढ़ी पैदावार, किसानों ने ढोल-नगाड़े के साथ निकाली समृद्धि यात्रा
  • पायोनियर बीज कंपनी (Corteva Agri Science) ने डुमरी प्रखंड के बंदुआ गांव में किया फसल कटाई दिवस का आयोजन
  • 27 पी 37 हाइब्रिड धान ने अन्य किस्मों की तुलना में प्रति एकड़ 4 क्विंटल अधिक पैदावार दी
  • कंपनी प्रतिनिधि अरविंद कुमार और टेरीटरी मैनेजर गोपाल कुमार ने किसानों को दी तकनीकी जानकारी
  • किसानों ने कहा — “27 पी 37 की बाली लंबी, दाना वजनदार और स्वादिष्ट
  • ढोल-नगाड़े और मांदर बाजे के साथ किसानों ने निकाली समृद्धि यात्रा

आयोजन का उद्देश्य और शुरुआत

गुमला जिले के डुमरी प्रखंड के बंदुआ गांव में कोरटेवा एग्री साइंस सीड्स प्राइवेट लिमिटेड (पायोनियर बीज कंपनी) की ओर से एक भव्य फसल कटाई दिवस (Crop Harvest Day) का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीक और उन्नत बीजों की पैदावार से परिचित कराना था।
कार्यक्रम का नेतृत्व कंपनी प्रतिनिधि अरविंद कुमार और गुमला जिले के टेरीटरी मैनेजर गोपाल कुमार ने किया। उन्होंने किसानों के साथ खेत में जाकर परीक्षण प्लॉट में 27 पी 37 बीज और अन्य सामान्य धान किस्म की कटाई कर उपज की तुलना की।

27 पी 37 की पैदावार ने किया किसानों को प्रभावित

गोपाल कुमार ने बताया कि 27 पी 37 धान की पैदावार प्रति एकड़ 4 क्विंटल अधिक रही। यदि इसे आर्थिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो किसानों को प्रति एकड़ ₹9000 अतिरिक्त लाभ प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि यह किस्म मौसम की विभिन्न परिस्थितियों में भी बेहतर उत्पादन देती है और खेत की श्रेणी (एक नंबर या दो नंबर) में समान रूप से उपजाऊ सिद्ध होती है।

गोपाल कुमार ने कहा: “27 पी 37 एक ऐसा संकर बीज है जो कम लागत में अधिक लाभ देता है। किसानों को इसकी गुणवत्ता और स्थायित्व पर पूरा भरोसा करना चाहिए।”

किसानों का उत्साह और अनुभव

कार्यक्रम में उपस्थित सैकड़ों किसानों ने खुले मन से इस प्रयोग को सराहा। किसानों ने कहा कि 27 पी 37 की बाली लंबी, गुच्छेदार और दाने वजनदार होते हैं, जिससे उपज अधिक मिलती है। उन्होंने यह भी बताया कि इसका चावल स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है, जिससे बाजार में इसकी मांग बढ़ रही है।
किसानों ने उत्साहपूर्वक नारा लगाया —

डंके की चोट पर पायोनियर 27 पी 37 जैसा कोई नहीं!

समृद्धि यात्रा ने बढ़ाया जोश

कार्यक्रम के बाद ढोल-नगाड़े, मांदर और झंडों के साथ किसानों ने पूरे उत्साह में समृद्धि यात्रा निकाली। इस यात्रा में गांव के युवा, महिलाएं और वरिष्ठ किसान भी शामिल हुए।
मौके पर उपस्थित प्रमुख प्रतिनिधियों में अशोक साहू, अनूप साहू, मुकेश साहू, अविनाश केशरी, सूरत सिंह, तथा किसान नंदकिशोर सिंह, संजु सिंह, राजू सिंह, काली सिंह, सतेंद्र महतो, गोरखनाथ सिंह सहित सैकड़ों लोग शामिल रहे।

न्यूज़ देखो: किसानों की जागरूकता से बढ़ेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

न्यूज़ देखो का मानना है कि इस तरह के कृषि नवाचार और फसल प्रदर्शन कार्यक्रम किसानों को नई तकनीकों को अपनाने और अधिक लाभ अर्जित करने के लिए प्रेरित करते हैं। यह सिर्फ उत्पादन नहीं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सशक्तिकरण यात्रा है।
जब किसान विज्ञान और परंपरा को जोड़कर खेती करेंगे, तो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में यह बड़ा कदम साबित होगा।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

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Written by

डुमरी, गुमला

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