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बानो प्रखंड के वंचित टोलों में बिजली संकट पर सदन में उठा सवाल सरकार ने माना अधूरा विद्युतिकरण

#बानोप्रखंड #विद्युतसंकट : सदन में उठा मुद्दा—कई टोलों में अब भी नहीं पहुंची बिजली।

तोरपा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बानो प्रखंड में लंबित विद्युतिकरण का मुद्दा सदन में उठाया गया। सरकार ने स्वीकार किया कि कई टोलों में अब तक बिजली नहीं पहुंच सकी है। कुछ क्षेत्रों में उज्ज्वल झारखंड योजना के तहत कार्य जारी है, जबकि शेष गांवों को भी जल्द शामिल करने की बात कही गई। यह मुद्दा ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को उजागर करता है।

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👉 तोरपा विधानसभा क्षेत्र के बानो प्रखंड में कई टोलों में अब भी बिजली नहीं।
👉 सरकार ने सदन में विद्युतिकरण अधूरा होने की बात मानी
👉 मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना के तहत कुछ जगहों पर कार्य जारी।
👉 कई गांव अब भी योजना से बाहर, जल्द शामिल करने का आश्वासन।
👉 जनप्रतिनिधि ने उठाई तीन प्रमुख मांगें, शीघ्र कार्रवाई की अपील।

तोरपा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बानो प्रखंड में बिजली जैसी बुनियादी सुविधा की कमी एक गंभीर मुद्दा बनकर सामने आया है। इस विषय को सदन में तारांकित प्रश्न के माध्यम से उठाया गया, जहां क्षेत्र के कई गांवों और टोलों में अब तक विद्युतिकरण कार्य पूरा नहीं होने की स्थिति को उजागर किया गया। सरकार की ओर से इस पर जवाब देते हुए आंशिक रूप से कमी स्वीकार की गई और साथ ही चल रहे कार्यों की जानकारी दी गई। इस पूरे घटनाक्रम ने ग्रामीण विकास और आधारभूत सुविधाओं की उपलब्धता पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।

सदन में गूंजा बानो का बिजली संकट

सदन में उठाए गए इस प्रश्न के दौरान यह स्पष्ट किया गया कि बानो प्रखंड के कई टोलों में आज भी लोग बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। यह स्थिति ऐसे समय में सामने आई है जब राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में शत-प्रतिशत विद्युतीकरण का दावा किया जाता रहा है।

सरकार ने अपने जवाब में माना कि सभी क्षेत्रों में अभी तक बिजली नहीं पहुंच पाई है, जो कि विकास कार्यों में मौजूद खामियों को दर्शाता है। यह स्वीकारोक्ति इस बात का संकेत है कि जमीनी स्तर पर योजनाओं का क्रियान्वयन पूरी तरह प्रभावी नहीं हो सका है।

उज्ज्वल झारखंड योजना के तहत जारी कार्य

सरकार ने यह भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री उज्ज्वल झारखंड योजना के तहत कुछ गांवों और टोलों में विद्युतिकरण का कार्य चल रहा है। इन क्षेत्रों में बिजली पहुंचाने के लिए तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं।

हालांकि, यह भी सामने आया कि कई गांव और टोले अब तक इस योजना में शामिल नहीं किए गए हैं, जिससे वहां के लोग अब भी अंधेरे में जीवन जीने को मजबूर हैं। ऐसे में यह सवाल उठता है कि योजना का दायरा कब तक सभी जरूरतमंद क्षेत्रों तक पहुंचेगा।

शेष गांवों को जल्द जोड़ने का आश्वासन

सरकार की ओर से यह आश्वासन दिया गया कि जो गांव और टोले अभी तक योजना में शामिल नहीं किए गए हैं, उन्हें जल्द प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाएगा। साथ ही यह भी कहा गया कि विद्युतिकरण कार्य को तेजी से पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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यह आश्वासन निश्चित रूप से सकारात्मक है, लेकिन जमीनी स्तर पर इसके क्रियान्वयन की गति और गुणवत्ता पर ही वास्तविक परिणाम निर्भर करेगा।

जनप्रतिनिधि ने रखी स्पष्ट मांगें

सदन में मुद्दा उठाने वाले जनप्रतिनिधि ने सरकार के सामने स्पष्ट और ठोस मांगें रखीं, जिनमें क्षेत्र के समग्र विकास की झलक दिखाई देती है।

➡️ बानो प्रखंड के सभी वंचित टोलों में जल्द से जल्द विद्युतिकरण कार्य पूरा किया जाए।
➡️ जिन गांवों को अब तक योजना में शामिल नहीं किया गया है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर जोड़ा जाए।
➡️ कार्य की गुणवत्ता और समयसीमा सुनिश्चित की जाए, ताकि लोगों को समय पर लाभ मिल सके।

इन मांगों से यह स्पष्ट होता है कि केवल योजना बनाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन भी उतना ही जरूरी है।

ग्रामीण जीवन पर गहरा प्रभाव

बिजली की अनुपलब्धता केवल एक सुविधा का अभाव नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और दैनिक जीवन के हर पहलू को प्रभावित करती है। बानो प्रखंड के कई गांवों में बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता और छोटे व्यवसाय सभी बिजली की कमी से प्रभावित हो रहे हैं।

ग्रामीण क्षेत्रों में डिजिटल सुविधाओं और आधुनिक जीवनशैली को अपनाने के लिए भी बिजली अत्यंत आवश्यक है। ऐसे में विद्युतिकरण में देरी विकास की गति को धीमा कर देती है।

न्यूज़ देखो: अधूरी योजनाओं की सच्चाई और जवाबदेही का सवाल

बानो प्रखंड का यह मामला दिखाता है कि योजनाओं की घोषणा और उनके वास्तविक क्रियान्वयन के बीच अब भी बड़ा अंतर है। सरकार द्वारा कमी स्वीकार करना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन अब जरूरत है ठोस कार्रवाई की। क्या तय समयसीमा में सभी टोलों तक बिजली पहुंच पाएगी, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। जिम्मेदार एजेंसियों को अब जवाबदेह बनाना जरूरी है ताकि लोगों को उनका अधिकार मिल सके। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

जागरूक बनें और अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाएं

बिजली जैसी बुनियादी सुविधा हर नागरिक का अधिकार है और इसके लिए आवाज उठाना जरूरी है। अगर आपके क्षेत्र में भी ऐसी समस्याएं हैं, तो उन्हें सामने लाना आपकी जिम्मेदारी है। जागरूक नागरिक ही मजबूत समाज की नींव रखते हैं।

हम सब मिलकर अपने क्षेत्र के विकास के लिए सक्रिय भूमिका निभाएं। अपनी समस्याओं को उठाएं, प्रशासन तक पहुंचाएं और समाधान की दिशा में कदम बढ़ाएं।

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Shivnandan Baraik

बानो, सिमडेगा

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