रामरेखा धाम विकास समिति का पुनर्गठन, नई कार्यकारिणी के साथ सेवा और समर्पण का संकल्प

रामरेखा धाम विकास समिति का पुनर्गठन, नई कार्यकारिणी के साथ सेवा और समर्पण का संकल्प

author Satyam Kumar Keshri
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#सिमडेगा #रामरेखा_धाम : नई समिति गठन—सेवा, समर्पण और संगठन मजबूत करने पर जोर।

सिमडेगा के रामरेखा धाम परिसर में आयोजित बैठक में विकास समिति की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। महंत अखंड दास के नेतृत्व में समिति के पुनर्गठन के साथ सेवा और समर्पण का संदेश दिया गया। बैठक में पुराने कार्यों की समीक्षा और नई जिम्मेदारियों का वितरण किया गया। इस निर्णय से धाम के विकास और सामाजिक सहभागिता को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

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  • रामरेखा धाम परिसर में हुई विकास समिति की महत्वपूर्ण बैठक।
  • महंत अखंड दास के नेतृत्व में नई कार्यकारिणी घोषित।
  • पुरानी समिति के कार्यों की समीक्षा के बाद लिया गया निर्णय।
  • विभिन्न पदों पर दर्जनों सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई
  • संतों ने दिया सेवा, समर्पण और अनुशासन का संदेश

सिमडेगा स्थित रामरेखा धाम में मंगलवार को आयोजित विकास समिति की बैठक में एक बड़ा प्रशासनिक और सामाजिक निर्णय लिया गया। इस बैठक में नई समिति का गठन करते हुए धाम के विकास कार्यों को नई गति देने का संकल्प लिया गया। बैठक की शुरुआत पारंपरिक पूजा-अर्चना के साथ हुई, जिसके बाद विस्तृत चर्चा और सर्वसम्मति से नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई।

पूजा-अर्चना के साथ बैठक की शुरुआत

बैठक की शुरुआत परम पूज्य महंत राम अखंड दास जी महाराज द्वारा ब्रह्मलीन बाबा के समक्ष पुष्प अर्पित कर पूजा-अर्चना से की गई। इस दौरान सभी उपस्थित सदस्यों ने धाम के विकास और समाजहित के कार्यों के लिए सकारात्मक सोच के साथ बैठक में भाग लिया।

इसके बाद पुरानी समिति के कार्यों की समीक्षा की गई और उनके योगदान पर विस्तार से चर्चा हुई। पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की पुष्टि भी की गई, जिससे संगठन की निरंतरता और पारदर्शिता बनी रहे।

नई कार्यकारिणी का गठन

सर्वसम्मति से रामरेखा धाम विकास समिति की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। इसमें प्रमुख पदों पर निम्नलिखित सदस्यों को जिम्मेदारी सौंपी गई:

महंत सह अध्यक्ष एवं संचालक – अखंड दास जी महाराज
सह संचालक – सचिदानंद पंडा
वरिष्ठ उपाध्यक्ष – अमरनाथ बमलिया
उपाध्यक्ष – ईश्वर प्रसाद साहू, जगदीश सिंह, तपेश्वर साहू, सुशील श्रीवास्तव, राजेंद्र मेहर, राधेश्याम प्रसाद, दीपनारायण दास, आनंद सिंह, संजीत प्रसाद, अदित्य सिंह जूदेव, पवन मित्तल
सचिव – ओमप्रकाश साहू
उप सचिव – लक्ष्मीनारायण सिंह, मुरारी प्रसाद
कोषाध्यक्ष – ओमप्रकाश शर्मा
संगठन मंत्री – अशोक सिंह
मीडिया प्रभारी – विकास साहू
कार्यालय प्रमुख – कमल सेनापति
विधि प्रमुख – गिरीशचन्द्र गुप्ता
आंकेंक्षक – अमित कुमार
संपादक – भुनेश्वर सेनापति

क्षेत्रीय और प्रखंड स्तर पर प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी

समिति के विस्तार को मजबूत करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों और प्रखंडों के प्रतिनिधियों की भी घोषणा की गई।

ग्रामीण विशेष क्षेत्र प्रतिनिधि – कृष्ण बिंझिया, सुदामा प्रसाद, राजेंद्र सिंह, सत्यनारायण दिघवार, मधुसूदन सिंह, कृष्णा राय कोटवार, रामचन्द्र दास, धुनर्धर कोटवार
नगर विशेष क्षेत्र प्रतिनिधि – नरायन दास, विनोद अग्रवाल, लहरू सिंह, कृष्णा शर्मा, रिंकु अग्रवाल, रामजी यादव, चन्दन लाल

प्रखंड प्रतिनिधि:
पाकरटांड – सीताराम प्रसाद, सुदर्शन सिंह
कुरडेग – रामचंद्र साय, सुमन्त सिंह
केरसई – बसन्त साहू, ललित दास
बोलबा – टकबर सिंह, हीरा प्रधान
ठेठईटांगर – श्रवण सेनापति, बन्धु मांझी
बांसजोर – तपेश्वर सिंह, सुदर्शन सिंह
जलडेगा – अघना खड़िया, विवसनाथ
कोलेबिरा – जनेश्वर बिरहोर, अभिषेक प्रसाद
बानो – विश्वनाथ बड़ाईक, विकास सिंघल
सिमडेगा ग्रामीण पश्चिम – रणधीर प्रसाद, पुरुषोत्तम दास, सूरज प्रसाद, संजय प्रसाद
सिमडेगा ग्रामीण पूर्वी – सुमन्त बीसी, श्यामसुंदर सिंह
रायडीह – रामप्रसाद साहू, बालमुकुंद सिंह
चैनपुर – मनोहर बड़ाईक, बुधराम नायक
डुमरी – रामकृपाल बैगा, बिजेंद्र पांडेय
जारी – दिलीप बड़ाईक, सकलदीप नाथ साहदेव

संतों का आशीर्वचन और प्रेरणा

बैठक के दौरान संत उमाकांत जी और संत तुलसी दास ने सभी सदस्यों को समाजहित में संगठित होकर कार्य करने की प्रेरणा दी।

संत उमाकांत जी ने कहा: “संगठन की ताकत ही समाज को आगे बढ़ाती है, सभी मिलकर सेवा भाव से कार्य करें।”

संत तुलसी दास ने कहा: “भगवान राम के सच्चे सेवक बनकर अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करें।”

महंत अखंड दास का संदेश

महंत सह अध्यक्ष अखंड दास जी महाराज ने अपने संबोधन में कहा:

“रामरेखा धाम केवल आस्था का केंद्र नहीं, बल्कि समाज को जोड़ने और संस्कारों को सशक्त करने का माध्यम है। सेवा, समर्पण और अनुशासन को जीवन का मूल मंत्र बनाना होगा।”

उन्होंने हनुमान जी के आदर्शों का उदाहरण देते हुए निस्वार्थ सेवा को सच्ची भक्ति बताया और सभी सदस्यों से इसी भावना के साथ कार्य करने का आह्वान किया।

सम्मान और संकल्प

कार्यक्रम के दौरान मुख्य संरक्षक द्वारा अध्यक्ष का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। साथ ही संत उमाकांत और तुलसी दास को कोर समिति द्वारा सम्मानित किया गया। सभी सदस्यों को अंगवस्त्र और हनुमान चालीसा देकर सेवा कार्य के लिए प्रेरित किया गया।

बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने मंदिर परिसर में संकल्प लिया कि वे भगवान हनुमान की तरह निस्वार्थ सेवा करेंगे और समाज के हित में कार्य करेंगे।

न्यूज़ देखो: संगठन और आस्था का मजबूत संगम

रामरेखा धाम में समिति का

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