#खलारी #मजदूर_संगठन : आरकेएमयू का पुनर्गठन—विस्थापितों और श्रमिकों को मिला मजबूत प्रतिनिधित्व।
रांची के खलारी क्षेत्र में राष्ट्रीय कोयला मजदूर यूनियन ने बड़े स्तर पर संगठन विस्तार किया है। एनके और डकरा परियोजना में नए पदाधिकारियों की नियुक्ति हुई। इससे श्रमिकों और विस्थापितों को मजबूत प्रतिनिधित्व मिला है। यूनियन ने संघर्ष को तेज करने की रणनीति बनाई है।
- RKMU का एनके से डकरा तक संगठन विस्तार।
- विनय कुमार खालको बने प्रक्षेत्र सचिव।
- विकास कुमार दुबे को जोनल अध्यक्ष की जिम्मेदारी।
- देवपाल मुंडा और राम-लखन गंझू को प्रमुख पद।
- डकरा में सुरेन्द्र चौहान और हलीम खान की नियुक्ति।
रांची जिले के खलारी क्षेत्र में राष्ट्रीय कोयला मजदूर यूनियन (RKMU) ने संगठन को नई मजबूती देने के उद्देश्य से बड़े स्तर पर पुनर्गठन किया है। एन.के. क्षेत्र से लेकर डकरा परियोजना तक नए पदाधिकारियों की नियुक्ति के साथ यूनियन ने अपनी रणनीतिक पकड़ मजबूत कर ली है। यह कदम क्षेत्र में श्रमिकों और विस्थापितों की आवाज को और सशक्त बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
महामंत्री राजेश कुमार सिंह द्वारा किए गए इस पुनर्गठन को संगठन के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देखा जा रहा है।
एनके क्षेत्र में प्रमुख नियुक्तियां
यूनियन ने एन.के. क्षेत्र में विस्थापितों के मजबूत प्रतिनिधि विनय कुमार खालको को प्रक्षेत्र सचिव बनाया है।
एक नेता ने कहा: “विनय खालको के नेतृत्व में श्रमिकों की समस्याओं को मजबूती से उठाया जाएगा।”
उनके अधीन एन.के., पिपरवार, मगध-संघमित्रा, आम्रपाली-चंद्रगुप्त और राजहरा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र होंगे।
जोनल और क्षेत्रीय स्तर पर बदलाव
यूनियन के वरिष्ठ नेता विकास कुमार दुबे को जोनल अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके साथ ही—
- देवपाल मुंडा को क्षेत्रीय अध्यक्ष (एन.के. क्षेत्र)
- राम-लखन गंझू को क्षेत्रीय संयुक्त सचिव
नियुक्त किया गया है।
एक कार्यकर्ता ने कहा: “इन नियुक्तियों से संगठन की जमीनी पकड़ मजबूत होगी।”
डकरा परियोजना में नई टीम
डकरा परियोजना में भी यूनियन ने नई ऊर्जा के साथ संगठन को मजबूत किया है।
- सुरेन्द्र चौहान को अध्यक्ष
- हलीम खान को सचिव
बनाया गया है।
एक नेता ने कहा: “डकरा क्षेत्र में संगठन को नई दिशा मिलेगी।”
केवल औपचारिक नहीं, रणनीतिक बदलाव
यूनियन नेताओं का कहना है कि यह बदलाव सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि रणनीतिक है।
एक पदाधिकारी ने कहा: “अब जमीनी स्तर पर समस्याओं का समाधान तेज होगा।”
मजदूरों के मुद्दों पर फोकस
यूनियन ने स्पष्ट किया है कि—
- विस्थापन
- मूलभूत सुविधाओं की कमी
- प्रबंधन की लापरवाही
जैसे मुद्दों पर सीधा हस्तक्षेप किया जाएगा।
एक नेता ने कहा: “मजदूरों के अधिकारों से किसी प्रकार का समझौता नहीं होगा।”
आंदोलन की चेतावनी
नेताओं ने कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन का रास्ता भी अपनाया जाएगा।
एक पदाधिकारी ने कहा: “संघर्ष के लिए हम पूरी तरह तैयार हैं।”
श्रमिकों में उत्साह
इस पुनर्गठन के बाद श्रमिकों और विस्थापितों में उत्साह का माहौल देखा जा रहा है।
एक मजदूर ने कहा: “अब हमारी आवाज मजबूत होगी।”
नेताओं ने दी बधाई
इस अवसर पर सुनील कुमार सिंह, राघव चौबे, मिला महतो, जेड. एच. खान, धीरज कुमार, धनंजय चौहान, हलीम खान, सुरेन्द्र चौहान, गिरेन्द्र सिंह, बालेश्वर भोक्ता, रामजी यादव, अभिमन्यु गुप्ता, दिलीप गौतम, मनोज चौधरी, पवन महतो, शिव कुमार, सनी मुंडा सहित कई नेताओं ने नवनियुक्त पदाधिकारियों को बधाई दी।
एक नेता ने कहा: “यह संगठन के लिए टर्निंग पॉइंट है।”
क्षेत्र में बढ़ेगा प्रभाव
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस पुनर्गठन से यूनियन का प्रभाव और बढ़ेगा।
न्यूज़ देखो: संगठन की ताकत से बदलेगा हाल
खलारी क्षेत्र में RKMU का यह विस्तार दिखाता है कि मजबूत संगठन ही मजदूरों की आवाज को प्रभावी बना सकता है। अब देखना होगा कि यह नई टीम जमीनी स्तर पर कितना बदलाव ला पाती है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
एकजुटता ही सबसे बड़ी ताकत
मजदूरों की आवाज मजबूत बनाएं।
अधिकारों के लिए एकजुट रहें।
संगठन से ही समाधान संभव है।
आइए, हम अपने हक के लिए साथ खड़े हों।
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