#खलारी #सीएमपीएफ_भुगतान : ठेका श्रमिकों के बकाया भुगतान को लेकर प्रबंधन ने तेज की प्रक्रिया।
खलारी के डकरा स्थित वीआईपी सभागार में शनिवार को ठेका श्रमिकों के वर्षों से लंबित सीएमपीएफ भुगतान को लेकर एनके प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में महाप्रबंधक दिनेश कुमार गुप्ता ने अधिकारियों को भुगतान प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। प्रबंधन ने इस माह के अंत तक बकाया सीएमपीएफ भुगतान शुरू कराने का लक्ष्य तय किया है, जिससे हजारों श्रमिकों में नई उम्मीद जगी है।
- डकरा वीआईपी सभागार में सीएमपीएफ भुगतान को लेकर प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों की बैठक हुई।
- महाप्रबंधक दिनेश कुमार गुप्ता ने अधिकारियों को लंबित भुगतान प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने का निर्देश दिया।
- प्रबंधन ने माह के अंत तक सीएमपीएफ भुगतान प्रक्रिया शुरू कराने का लक्ष्य रखा।
- वर्षों से बकाया भुगतान की प्रतीक्षा कर रहे ठेका श्रमिकों में नई उम्मीद जगी।
- बैठक विधायक प्रतिनिधि रमेश चौहान के आवेदन पर आयोजित की गई थी।
- यूनाइटेड कोल वर्कर यूनियन के पदाधिकारियों सहित बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे।
खलारी क्षेत्र के हजारों ठेका श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। वर्षों से लंबित पड़े सीएमपीएफ (कोल माइंस प्रोविडेंट फंड) भुगतान के मुद्दे पर शनिवार को एनके क्षेत्र के डकरा वीआईपी सभागार में प्रबंधन और श्रमिक प्रतिनिधियों के बीच विस्तृत वार्ता हुई। बैठक में श्रमिकों की लंबे समय से चली आ रही मांगों पर गंभीर चर्चा हुई और भुगतान प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
बैठक के दौरान प्रबंधन ने स्पष्ट संकेत दिया कि बकाया सीएमपीएफ भुगतान को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाएगा। इस घोषणा के बाद श्रमिकों और उनके परिवारों में उम्मीद की नई किरण जगी है।
वर्षों से लंबित है सीएमपीएफ भुगतान का मामला
एनके क्षेत्र के विभिन्न परियोजनाओं में कार्यरत बड़ी संख्या में ठेका श्रमिक लंबे समय से अपने सीएमपीएफ भुगतान का इंतजार कर रहे हैं। श्रमिकों का कहना है कि वर्षों से जमा राशि का भुगतान नहीं होने के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सीएमपीएफ राशि श्रमिकों के भविष्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी होती है। ऐसे में भुगतान में देरी उनके परिवारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई थी। इस मुद्दे को लेकर लगातार श्रमिक संगठनों और प्रतिनिधियों द्वारा प्रबंधन के समक्ष मांग उठाई जाती रही है।
महाप्रबंधक ने अधिकारियों को दिए स्पष्ट निर्देश
बैठक के दौरान एनके क्षेत्र के महाप्रबंधक दिनेश कुमार गुप्ता ने डकरा, केडीएच, रोहिणी, चूरी और पुरनाडीह परियोजनाओं के पदाधिकारियों, कार्मिक प्रबंधकों तथा क्षेत्रीय कार्मिक प्रबंधक सहित उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि ठेका श्रमिकों के बकाया सीएमपीएफ भुगतान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और भुगतान से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को शीघ्र पूरा किया जाए।
महाप्रबंधक दिनेश कुमार गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि बकाया सीएमपीएफ भुगतान की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करते हुए हरसंभव प्रयास किया जाए, ताकि इस माह के अंत तक भुगतान प्रक्रिया शुरू की जा सके।
माह के अंत तक भुगतान प्रक्रिया शुरू करने का लक्ष्य
बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी आवश्यक दस्तावेजी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को जल्द पूरा किया जाएगा। प्रबंधन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भुगतान प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।
यदि निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप कार्य पूरा होता है तो इस माह के अंत तक बकाया सीएमपीएफ भुगतान की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इससे हजारों ठेका श्रमिकों और उनके आश्रित परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा।
श्रमिक प्रतिनिधियों ने जताई संतुष्टि
बैठक में मौजूद श्रमिक प्रतिनिधियों ने प्रबंधन के रुख का स्वागत किया। उनका कहना था कि यह वर्षों से लंबित समस्या के समाधान की दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि इस बार आश्वासन केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वास्तविक भुगतान प्रक्रिया भी शुरू होगी। उन्होंने प्रबंधन से पूरी प्रक्रिया की नियमित निगरानी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने की मांग की।
श्रमिक प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान प्रक्रिया शुरू हो जाती है तो इससे हजारों परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी और श्रमिकों का विश्वास भी मजबूत होगा।
विधायक प्रतिनिधि के आवेदन पर बुलाई गई बैठक
जानकारी के अनुसार यह महत्वपूर्ण बैठक क्षेत्रीय असंगठित सचिव सह विधायक प्रतिनिधि रमेश चौहान के आवेदन पर आयोजित की गई थी। लंबे समय से श्रमिकों द्वारा उठाई जा रही मांगों को देखते हुए प्रबंधन ने इस विषय पर विशेष बैठक आयोजित कर समाधान की दिशा में पहल की।
बैठक में सीएमपीएफ भुगतान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई तथा संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारियां भी सौंपी गईं।
बड़ी संख्या में श्रमिक और यूनियन प्रतिनिधि रहे मौजूद
बैठक में यूनाइटेड कोल वर्कर यूनियन के क्षेत्रीय अध्यक्ष कृष्णा चौहान, क्षेत्रीय सचिव प्रेम कुमार, कार्यकारी अध्यक्ष दिनेश भर, अशोक राम, जितेंद्र सिंह, अजित पांडे, कैलाश यादव, कृष्णा शर्मा, भानु प्रताप यादव, रामचंद्र शर्मा, दीपक करमाली, सलीम अंसारी, मदन महतो, देवसागर, जय कुमार, रामू यादव, कृष्ण सिंह, वीरेंद्र सिंह, बलराम महतो, नीरज तिवारी, मनमोहन महतो, नंदू चौहान, जय कुमार चौहान सहित बड़ी संख्या में ठेका श्रमिक उपस्थित थे।
सभी ने एक स्वर में बकाया भुगतान की प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग दोहराई और प्रबंधन के आश्वासन का स्वागत किया।

न्यूज़ देखो: श्रमिकों की वर्षों पुरानी मांग को मिला सकारात्मक संकेत
ठेका श्रमिकों का सीएमपीएफ भुगतान केवल आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि उनकी सामाजिक सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा विषय है। एनके प्रबंधन द्वारा इस दिशा में पहल करना निश्चित रूप से सकारात्मक कदम माना जाएगा। हालांकि अब सबसे महत्वपूर्ण बात यह होगी कि तय समय सीमा के भीतर प्रक्रिया को धरातल पर उतारा जाए। श्रमिकों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि वास्तविक भुगतान की प्रतीक्षा है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
श्रमिकों के अधिकारों का सम्मान ही मजबूत उद्योग की पहचान
किसी भी औद्योगिक व्यवस्था की मजबूती उसके श्रमिकों के विश्वास और सुरक्षा पर निर्भर करती है।
जब श्रमिकों को समय पर उनका अधिकार मिलता है, तब उत्पादन, कार्य संस्कृति और संस्थागत भरोसा भी मजबूत होता है। ऐसे प्रयास न केवल कर्मचारियों बल्कि उनके परिवारों के जीवन में भी सकारात्मक बदलाव लाते हैं।
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