#सिमरिया #नशाविरोधीअभियान : सिकिदाग गांव में छापेमारी कर 2.132 किलो अफीम बरामद की गई।
चतरा जिले के सिमरिया अनुमंडल अंतर्गत कुंदा थाना पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए सिकिदाग गांव से 2.132 किलोग्राम अफीम बरामद की है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। बरामद अफीम की अनुमानित कीमत करीब 11 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
- कुंदा थाना पुलिस ने सिकिदाग गांव में छापेमारी कर 2.132 किलोग्राम अफीम बरामद की।
- कार्रवाई के दौरान रविन्द्र रविदास को गिरफ्तार किया गया।
- बरामद अफीम की अनुमानित बाजार कीमत करीब 11 लाख रुपये बताई गई।
- गुप्त सूचना के आधार पर एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊसाहेब के नेतृत्व में टीम गठित हुई।
- आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया।
- पुलिस ने जिले में नशे के कारोबारियों के खिलाफ अभियान जारी रखने की बात कही।
चतरा जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सिमरिया अनुमंडल पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। कुंदा थाना क्षेत्र के सिकिदाग गांव में गुप्त सूचना के आधार पर की गई छापेमारी में बड़ी मात्रा में अफीम बरामद की गई। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई को क्षेत्र में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
गुप्त सूचना पर बनी विशेष टीम
सिमरिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी नागरगोजे शुभम भाऊसाहेब ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि सिकिदाग गांव निवासी रविन्द्र रविदास (35 वर्ष), पिता सुरेश मोची, अपने घर में अवैध रूप से अफीम रखकर उसका कारोबार कर रहा है।
सूचना मिलते ही मामले को गंभीरता से लिया गया और तत्काल एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। पुलिस और प्रशासन के संयुक्त प्रयास से आरोपी के घर पर दबिश दी गई।
घर से बरामद हुई 2.132 किलो अफीम
छापेमारी के दौरान पुलिस टीम ने आरोपी के घर की तलाशी ली। तलाशी के क्रम में 2.132 किलोग्राम अर्ध गीली अफीम बरामद की गई। बरामद मादक पदार्थ को पुलिस ने जब्त कर लिया और आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार बरामद अफीम की अनुमानित कीमत करीब 11 लाख रुपये है। इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की बरामदगी से यह संकेत मिलता है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार से जुड़ा हो सकता है। हालांकि पुलिस इस संबंध में विस्तृत जांच कर रही है।
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी रविन्द्र रविदास के विरुद्ध कुंदा थाना में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अफीम की खरीद-बिक्री का नेटवर्क किन लोगों तक फैला हुआ है।
जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि बरामद अफीम को कहां भेजा जाना था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं।
एसडीपीओ ने दी सख्त चेतावनी
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसडीपीओ नागरगोजे शुभम भाऊसाहेब ने कहा:
नागरगोजे शुभम भाऊसाहेब ने कहा, “जिले में मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध लगातार अभियान जारी रहेगा। नशे के कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने स्पष्ट किया कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और समाज को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई करती रहेगी।
अभियान में शामिल रहे अधिकारी
इस विशेष छापेमारी अभियान में कई अधिकारियों और पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्रवाई में अंचलाधिकारी दीपक कुमार मिश्रा, थाना प्रभारी प्रिंस कुमार सिंह, पुअनि श्रीकांत पाण्डेय तथा कुंदा थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में नशे के अवैध कारोबार की निगरानी लगातार की जा रही है और भविष्य में भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे।
नशा कारोबार पर लगातार कार्रवाई
चतरा जिला लंबे समय से अफीम की अवैध खेती और तस्करी को लेकर चर्चा में रहा है। ऐसे में पुलिस द्वारा समय-समय पर चलाए जा रहे अभियान नशे के कारोबारियों के लिए बड़ी चुनौती बन रहे हैं। प्रशासन का मानना है कि लगातार कार्रवाई से इस अवैध नेटवर्क को कमजोर किया जा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि नशे के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के साथ-साथ जनजागरूकता अभियान भी जरूरी हैं ताकि युवा वर्ग इस जाल में न फंसे।
न्यूज़ देखो: नशे के नेटवर्क पर लगातार प्रहार जरूरी
सिकिदाग में हुई यह कार्रवाई बताती है कि गुप्त सूचना और त्वरित पुलिस कार्रवाई से नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। अफीम जैसी मादक वस्तुओं की तस्करी केवल कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि समाज और युवाओं के भविष्य के लिए भी गंभीर खतरा है। ऐसे मामलों में नेटवर्क की पूरी कड़ी तक पहुंचना और दोषियों पर कठोर कार्रवाई करना आवश्यक है। अब देखना होगा कि जांच में इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों के नाम सामने आते हैं या नहीं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नशामुक्त समाज की जिम्मेदारी हम सभी की
नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस या प्रशासन की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
यदि आपके आसपास किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि हो रही हो तो उसकी सूचना प्रशासन को दें।
युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए परिवार और समाज की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।
सजग नागरिक बनकर हम एक सुरक्षित और स्वस्थ समाज का निर्माण कर सकते हैं।
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