#सिमडेगा #सफलता : संस्थान के दो छात्रों ने भारतीय सेना में चयन पाकर बढ़ाया मान।
सिमडेगा के प्रशिक्षण संस्थान “मुझे कुछ करना है” के दो छात्रों का भारतीय सेना में चयन होने से संस्थान में उत्साह का माहौल है। लचरागढ़ शाखा के विकास कुंडलना और अंकित रोशन केरकेट्टा ने यह सफलता हासिल की है। संस्थान प्रबंधन ने इसे युवाओं की मेहनत और अनुशासित तैयारी का परिणाम बताया है। इस उपलब्धि ने जिले के अन्य युवाओं को भी रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए प्रेरित किया है।
- विकास कुंडलना और अंकित रोशन केरकेट्टा का भारतीय सेना में चयन।
- दोनों छात्र “मुझे कुछ करना है” संस्थान की लचरागढ़ शाखा से जुड़े हैं।
- दस्तावेज सत्यापन के बाद दोनों को प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा।
- संस्थान के संचालक रवि शंकर साहनी ने सफलता का श्रेय छात्रों की मेहनत को दिया।
- इस वर्ष संस्थान से अब तक चार छात्रों का चयन भारतीय सेना में हो चुका है।
- उपलब्धि से क्षेत्र के युवाओं में सेना भर्ती को लेकर नया उत्साह पैदा हुआ है।
सिमडेगा जिले के युवाओं ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और मेहनत का परिचय दिया है। जिले के प्रतिष्ठित प्रशिक्षण संस्थान “मुझे कुछ करना है” के दो छात्रों का भारतीय सेना में चयन होने से पूरे संस्थान में खुशी की लहर दौड़ गई है। चयनित छात्रों की सफलता को न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे जिले के लिए गौरव की उपलब्धि माना जा रहा है।
भारतीय सेना में सेवा देना देश के लाखों युवाओं का सपना होता है। ऐसे में सिमडेगा के दो युवाओं का इस मुकाम तक पहुंचना यह दर्शाता है कि सही मार्गदर्शन, अनुशासन और निरंतर मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।
विकास कुंडलना और अंकित रोशन केरकेट्टा ने बढ़ाया जिले का मान
संस्थान के संचालक रवि शंकर साहनी ने जानकारी देते हुए बताया कि लचरागढ़ शाखा के छात्र विकास कुंडलना एवं अंकित रोशन केरकेट्टा का चयन भारतीय सेना के लिए हो चुका है। दोनों छात्रों ने लंबे समय तक शारीरिक और लिखित परीक्षा की तैयारी की और अंततः सफलता प्राप्त की।
उन्होंने बताया कि चयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब दस्तावेज सत्यापन की औपचारिकताएं संपन्न की जाएंगी। इसके बाद दोनों चयनित अभ्यर्थियों को सेना के प्रशिक्षण केंद्रों में भेजा जाएगा।
मेहनत और मार्गदर्शन का मिला परिणाम
रवि शंकर साहनी ने कहा कि दोनों छात्रों ने नियमित अभ्यास, अनुशासन और समर्पण के साथ तैयारी की थी। उन्होंने बताया कि संस्थान में युवाओं को शारीरिक दक्षता, लिखित परीक्षा और व्यक्तित्व विकास से संबंधित प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे उन्हें प्रतियोगी चयन प्रक्रियाओं में सफलता मिलती है।
रवि शंकर साहनी ने कहा, “दोनों छात्रों ने कठिन परिश्रम और लगन के साथ तैयारी की। उनकी सफलता अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणादायक है और यह साबित करती है कि सही दिशा में की गई मेहनत कभी व्यर्थ नहीं जाती।”
उन्होंने कहा कि छात्रों की इस उपलब्धि से संस्थान के अन्य छात्र-छात्राओं में भी नया उत्साह देखने को मिल रहा है।
लचरागढ़ शाखा में खुशी का माहौल
संस्थान की लचरागढ़ शाखा में चयन की खबर मिलते ही खुशी का माहौल बन गया। सह-संचालक अविनाश साहू ने दोनों छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
अविनाश साहू ने कहा, “यह सफलता केवल दो छात्रों की नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा है। इससे यह संदेश जाता है कि ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भी बड़े लक्ष्य हासिल कर सकते हैं।”
उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में और अधिक युवा सेना एवं अन्य सुरक्षा बलों में चयनित होकर जिले का नाम रोशन करेंगे।
इस वर्ष चार छात्रों का हुआ चयन
रवि शंकर साहनी ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक उनके संस्थान से कुल चार छात्रों का चयन भारतीय सेना में हो चुका है। यह उपलब्धि संस्थान की प्रशिक्षण व्यवस्था और छात्रों की मेहनत का प्रमाण है।
उन्होंने कहा कि लगातार मिल रही सफलताओं से यह विश्वास मजबूत हुआ है कि यदि युवाओं को सही मंच और मार्गदर्शन मिले तो वे राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।
युवाओं से प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ने की अपील
संस्थान की ओर से जिले के युवक-युवतियों से सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की तैयारी के लिए आगे आने का आह्वान किया गया है। संचालक ने बताया कि अल्बर्ट एक्का स्टेडियम में नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं, जहां इच्छुक अभ्यर्थियों को आवश्यक मार्गदर्शन और अभ्यास का अवसर दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के कई प्रतिभाशाली युवा केवल सही दिशा और जानकारी के अभाव में अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाते। ऐसे युवाओं को संगठित प्रशिक्षण से काफी लाभ मिल सकता है।
जिले के युवाओं के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि
सिमडेगा लंबे समय से खेल और प्रतिभा के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखता है। अब रक्षा सेवाओं में भी जिले के युवा लगातार सफलता प्राप्त कर रहे हैं। विकास कुंडलना और अंकित रोशन केरकेट्टा की उपलब्धि यह साबित करती है कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं में भी अपार क्षमता मौजूद है।
उनकी सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी और अधिक युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए आगे बढ़ने का हौसला देगी।
न्यूज़ देखो: मेहनत, अनुशासन और सपनों की जीत
सिमडेगा के दो युवाओं का भारतीय सेना में चयन केवल व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे जिले की उपलब्धि है। यह खबर बताती है कि सही प्रशिक्षण और समर्पण के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं। ऐसे प्रयास युवाओं को सकारात्मक दिशा देने के साथ राष्ट्र निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उम्मीद है कि इस सफलता से और अधिक युवा सेना तथा सुरक्षा बलों में करियर बनाने के लिए प्रेरित होंगे। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सपनों को लक्ष्य बनाइए, सफलता खुद रास्ता बनाएगी
हर युवा के भीतर कुछ बड़ा करने की क्षमता होती है।
जरूरत केवल सही दिशा, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास की है।
विकास और अंकित की सफलता यह संदेश देती है कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता।
यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो परिस्थितियां भी सफलता के आगे छोटी पड़ जाती हैं।
आप भी अपने क्षेत्र के प्रेरणादायक युवाओं की कहानियों को आगे बढ़ाएं। इस खबर पर अपनी राय कमेंट करें, इसे अधिक से अधिक लोगों तक साझा करें और युवाओं को अपने सपनों के लिए संघर्ष करने के लिए प्रेरित करें।

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