#सिमडेगा #रजत_जयंती : समाहरणालय परिसर में वृक्षारोपण कर हरित संदेश के साथ उत्सव का शुभारंभ हुआ।
सिमडेगा जिले के स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती महोत्सव की शुरुआत वृक्षारोपण कार्यक्रम से की गई। समाहरणालय परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के अधिकारियों और कर्मियों ने भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। तीन दिवसीय इस महोत्सव के तहत विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। प्रशासन ने हरित सिमडेगा के निर्माण का संकल्प लिया है।
- सिमडेगा जिला के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती महोत्सव की शुरुआत।
- समाहरणालय परिसर में वृक्षारोपण कर दिया गया पर्यावरण संरक्षण का संदेश।
- कार्यक्रम में उपायुक्त कंचन सिंह, एसपी श्रीकांत एस खोटरे सहित अधिकारी शामिल।
- विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर हरित सिमडेगा का संकल्प लिया गया।
- 30 अप्रैल तक विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
सिमडेगा जिले के स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में रजत जयंती महोत्सव की शुरुआत उत्साह और पर्यावरणीय संदेश के साथ की गई। महोत्सव के पहले दिन समाहरणालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें जिले के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मियों और अन्य उपस्थित लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
इस आयोजन के माध्यम से प्रशासन ने न केवल जिले की उपलब्धियों का जश्न मनाया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण का मजबूत संदेश भी दिया।
वृक्षारोपण से दिया गया हरित संदेश
महोत्सव के पहले दिन विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर हरित सिमडेगा के निर्माण का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में लगाए गए पौधे भविष्य में जिले के पर्यावरण संतुलन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
उपायुक्त कंचन सिंह ने वृक्षारोपण करते हुए कहा:
“वृक्षारोपण भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक महत्वपूर्ण निवेश है। हमें पौधे लगाने के साथ-साथ उनकी देखभाल की जिम्मेदारी भी निभानी चाहिए।”
अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
इस कार्यक्रम में जिले के कई प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे और सभी ने मिलकर वृक्षारोपण किया।
कार्यक्रम में उपायुक्त कंचन सिंह, पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे, वन प्रमंडल पदाधिकारी शशांक शेखर सिंह, उप विकास आयुक्त दीपांकर चौधरी सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल हुए।
वन प्रमंडल पदाधिकारी शशांक शेखर सिंह ने कहा:
“जिले में हरित क्षेत्र बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।”
तीन दिवसीय महोत्सव में होंगे विभिन्न कार्यक्रम
सिमडेगा रजत जयंती महोत्सव तीन दिवसीय कार्यक्रम के रूप में मनाया जा रहा है। इस दौरान जिले में सांस्कृतिक, सामाजिक और जनजागरूकता से जुड़े कई कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
प्रशासन की ओर से बताया गया कि यह महोत्सव 30 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें विभिन्न वर्गों के लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
जिले के विकास का उत्सव
सिमडेगा जिले के 25 वर्षों की यात्रा विकास, संघर्ष और उपलब्धियों से भरी रही है। रजत जयंती महोत्सव इस सफर को याद करने और भविष्य के लिए नई योजनाओं को प्रेरित करने का अवसर है।
यह आयोजन जिले के नागरिकों को एक मंच पर लाकर सामूहिक विकास और जिम्मेदारी का संदेश भी देता है।

न्यूज़ देखो: उत्सव के साथ जिम्मेदारी का संदेश
सिमडेगा का रजत जयंती महोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का प्रतीक भी है। वृक्षारोपण से शुरुआत कर प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी उतना ही जरूरी है। अब देखना होगा कि यह पहल केवल कार्यक्रम तक सीमित रहती है या इसे जनआंदोलन का रूप दिया जाता है। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
हर पौधा बने भविष्य की नींव
वृक्षारोपण केवल एक दिन का कार्य नहीं, बल्कि निरंतर प्रयास है। आज लगाए गए पौधे आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और बेहतर जीवन देंगे।
आइए हम सभी मिलकर पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी निभाएं और अपने आसपास अधिक से अधिक पौधे लगाएं।
अपनी राय कमेंट में साझा करें और इस सकारात्मक पहल को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं, ताकि हरित भविष्य का सपना साकार हो सके।

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