#सिमडेगा #अंबेडकर_जयंती : सेंट जेवियर्स कॉलेज में आयोजन—छात्रों और शिक्षकों ने दी श्रद्धांजलि।
सिमडेगा के सेंट जेवियर्स कॉलेज में अंबेडकर जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में शिक्षकों और छात्रों ने भाग लिया। छात्रों ने भाषण और कविता प्रस्तुत की। संविधान की प्रस्तावना पढ़कर कार्यक्रम का समापन हुआ।
- एसएक्ससी में अंबेडकर जयंती कार्यक्रम आयोजित।
- रैनी आल्मा लकड़ा मुख्य अतिथि रहीं।
- छात्रों ने भाषण और कविता प्रस्तुत की।
- शिक्षकों ने अंबेडकर के विचारों पर प्रकाश डाला।
- संविधान प्रस्तावना के पाठ से कार्यक्रम का समापन।
सिमडेगा जिले के सेंट जेवियर्स कॉलेज (एसएक्ससी) में राजनीति विज्ञान विभाग और एससी/एसटी सेल द्वारा आईक्यूएसी के तत्वावधान में डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर कॉलेज परिसर में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें शिक्षकों और छात्रों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम का उद्देश्य बाबा साहेब के विचारों को छात्रों तक पहुंचाना और उनके योगदान के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।
पुष्पांजलि से हुई शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अंबेडकर की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर और नमन करते हुए की गई।
एक शिक्षक ने कहा: “बाबा साहेब के विचार आज भी समाज को दिशा देते हैं।”
मुख्य अतिथि का संबोधन
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि प्रो. रैनी आल्मा लकड़ा ने अपने संबोधन में कहा—
“डॉ. अंबेडकर का शैक्षिक संघर्ष और समाज के प्रति उनका योगदान अतुलनीय है।”
उन्होंने छात्रों को उनके आदर्शों को अपनाने की प्रेरणा दी।
शिक्षकों की उपस्थिति
इस अवसर पर प्रो. ईशान तिरु, डॉ. सुनील केरकेट्टा, डॉ. निशा रानी धनवार, प्रो. रोशन किशोर गिध, प्रो. बिपिन मिंज, प्रो. अजय कुमार सहित कई शिक्षक उपस्थित रहे।
प्रो. ईशान तिरु ने कहा: “संविधान और समानता के लिए उनका योगदान ऐतिहासिक है।”
छात्रों की प्रस्तुति
कार्यक्रम में छात्रों ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई।
छात्रा तान्या डुंगडुंग ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया।
छात्रा स्नेहा डुंगडुंग ने बाबा साहेब के जीवन परिचय पर प्रकाश डाला।
छात्रा नेहा रानी नायक ने कविता के माध्यम से उनके संघर्ष को प्रस्तुत किया।
धन्यवाद ज्ञापन
कार्यक्रम के अंत में छात्र आदित बागे ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
संविधान प्रस्तावना का पाठ
कार्यक्रम का समापन संविधान की प्रस्तावना के पाठ और राष्ट्रगान के साथ किया गया।
एक छात्र ने कहा: “इससे हमें संविधान के प्रति जिम्मेदारी का एहसास हुआ।”
छात्रों में जागरूकता
कार्यक्रम ने छात्रों के बीच सामाजिक न्याय और समानता के प्रति जागरूकता बढ़ाने का कार्य किया।
प्रेरणादायक आयोजन
यह आयोजन छात्रों के लिए ज्ञान और प्रेरणा का स्रोत बना।
न्यूज़ देखो: शिक्षा से जागरूकता
सिमडेगा का यह कार्यक्रम दिखाता है कि कॉलेज स्तर पर इस तरह के आयोजन छात्रों में सामाजिक चेतना और जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
सीखें और समाज से जुड़ें
शिक्षा केवल डिग्री नहीं, जिम्मेदारी भी है।
संविधान का सम्मान करना जरूरी है।
समानता और न्याय को अपनाएं।
आइए, हम जागरूक नागरिक बनें।
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