Deoghar

जिले में खेल विकास को लेकर प्रशासन की सक्रिय पहल, डीसी की अध्यक्षता में खेल संघों संग अहम बैठक

#देवघर #खेल_विकास : जिला प्रशासन और खेल संघों के बीच समन्वय से खेल गतिविधियों को नई दिशा देने की कोशिश।

देवघर जिले में खेल गतिविधियों को सुदृढ़ करने और खिलाड़ियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने को लेकर शनिवार को समाहरणालय में अहम बैठक हुई। उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जिले के विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में खेलों की वर्तमान स्थिति, चुनौतियों और आधारभूत संरचना के विकास पर विस्तार से चर्चा की गई। जिला प्रशासन ने खेल संघों से समन्वय बनाकर समस्याओं के समयबद्ध समाधान का भरोसा दिलाया।

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  • उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में समाहरणालय में बैठक।
  • जिले के विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारी और सदस्य रहे मौजूद।
  • खेल गतिविधियों को सुव्यवस्थित करने पर प्रशासन का जोर।
  • खिलाड़ियों को बेहतर अवसर और संसाधन उपलब्ध कराने की प्राथमिकता।
  • खेल संघों से समस्याओं की सूची जिला खेल कार्यालय को देने का निर्देश।
  • कुमैठा स्टेडियम और खेल आधारभूत संरचना पर विशेष चर्चा।

देवघर जिले में खेलों के विकास को लेकर प्रशासन ने एक ठोस और समन्वित पहल की है। शनिवार को समाहरणालय में आयोजित इस बैठक में जिले के अलग-अलग खेल संघों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया और जमीनी स्तर की समस्याओं से जिला प्रशासन को अवगत कराया। बैठक का उद्देश्य स्पष्ट था—खेल गतिविधियों को व्यवस्थित करना, खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करना और खेल अवसंरचना को मजबूत करना। उपायुक्त की सक्रिय भूमिका और संवादपरक दृष्टिकोण ने बैठक को सार्थक बनाया।

बैठक का उद्देश्य और प्रशासन की प्राथमिकताएं

बैठक की अध्यक्षता करते हुए उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने स्पष्ट किया कि जिले में खेलों का समग्र विकास प्रशासन की प्राथमिकता में शामिल है। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतियोगिता तक सीमित नहीं हैं, बल्कि युवाओं के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक विकास का सशक्त माध्यम हैं। डीसी ने बताया कि प्रशासन का लक्ष्य खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और मंच उपलब्ध कराना है, ताकि जिले की प्रतिभाएं राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

खेल संघों से संवाद और सुझाव

बैठक के दौरान जिले के विभिन्न खेल संघों के पदाधिकारियों और सदस्यों ने अपने-अपने सुझाव रखे। संघों ने बताया कि कई खेलों में प्रतिभाशाली खिलाड़ी मौजूद हैं, लेकिन संसाधनों और सुविधाओं की कमी के कारण उनका समुचित विकास नहीं हो पा रहा है। कुछ संघों ने नियमित अभ्यास के लिए मैदानों की उपलब्धता, उपकरणों की कमी और प्रतियोगिताओं के आयोजन में आने वाली कठिनाइयों का उल्लेख किया। उपायुक्त ने सभी सुझावों को गंभीरता से सुना और संबंधित बिंदुओं पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

खेल संघों की भूमिका और समन्वय पर जोर

उपायुक्त ने बैठक में उपस्थित सभी खेल संघों के पदाधिकारियों का स्वागत किया और उनका परिचय प्राप्त किया। उन्होंने संघों की गतिविधियों की जानकारी लेते हुए कहा कि खेलों के विकास में प्रशासन और संघों के बीच मजबूत समन्वय जरूरी है। डीसी ने स्पष्ट किया कि केवल सरकारी प्रयासों से नहीं, बल्कि खेल संघों की सक्रिय भागीदारी से ही जिले में खेल संस्कृति को मजबूत किया जा सकता है।

समस्याओं के समाधान के लिए निर्देश

बैठक में डीसी ने खेल संघों को निर्देश दिया कि वे अपनी समस्याओं और आवश्यकताओं को लिखित रूप में जिला खेल कार्यालय को उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि इससे समस्याओं का समयबद्ध और व्यवस्थित समाधान संभव हो सकेगा। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि वास्तविक और व्यावहारिक मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाएगी, ताकि खिलाड़ियों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।

आधारभूत संरचना को मजबूत करने पर चर्चा

बैठक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जिले की खेल आधारभूत संरचना से जुड़ा रहा। उपायुक्त ने कहा कि खेल सुविधाओं के बिना किसी भी जिले में खेलों का विकास संभव नहीं है। इसी क्रम में कुमैठा स्टेडियम को नई दिशा देने और उसे पुनर्जीवित करने पर विशेष जोर दिया गया। डीसी ने संकेत दिया कि कुमैठा स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स के पूर्ण विकास से जिले के खिलाड़ियों को एक सशक्त मंच मिलेगा, जहां वे नियमित अभ्यास और प्रतियोगिताओं में भाग ले सकेंगे।

युवाओं और खिलाड़ियों के लिए संभावनाएं

इस बैठक को जिले के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। खेल संघों का मानना है कि यदि प्रशासन द्वारा दिए गए आश्वासन धरातल पर उतरते हैं, तो देवघर जिले में खेल गतिविधियों को नई गति मिल सकती है। इससे न केवल खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि खेलों के प्रति आम लोगों की रुचि भी बढ़ेगी।

दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता

बैठक के दौरान यह भी महसूस किया गया कि खेल विकास के लिए दीर्घकालिक योजना की आवश्यकता है। केवल एक-दो आयोजनों से नहीं, बल्कि सतत प्रयासों से ही खेल संस्कृति मजबूत हो सकती है। प्रशासन और खेल संघों के बीच नियमित बैठकें, प्रगति की समीक्षा और योजनाओं का मूल्यांकन इस दिशा में उपयोगी साबित हो सकता है।

न्यूज़ देखो: खेलों के लिए सकारात्मक प्रशासनिक संकेत

देवघर में आयोजित यह बैठक बताती है कि जिला प्रशासन खेलों को लेकर गंभीर है और संवाद के माध्यम से समाधान चाहता है। खेल संघों की समस्याओं को सुनना और समयबद्ध समाधान का भरोसा देना एक सराहनीय कदम है। अब चुनौती यह होगी कि घोषणाएं और निर्देश कितनी तेजी से जमीन पर उतरते हैं। खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की नजर आगे की कार्रवाई पर टिकी रहेगी। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।

खेल से संवरता भविष्य, सहभागिता से बदलती तस्वीर

खेल केवल पदक और ट्रॉफी तक सीमित नहीं, बल्कि अनुशासन, स्वास्थ्य और आत्मविश्वास का आधार हैं। प्रशासन और समाज का साझा प्रयास ही खिलाड़ियों के सपनों को उड़ान दे सकता है। यदि खेल संघ, प्रशासन और नागरिक मिलकर सहयोग करें, तो जिले में खेलों की तस्वीर बदली जा सकती है।
इस पहल को मजबूत बनाने के लिए आपकी भागीदारी भी जरूरी है। अपनी राय साझा करें, खबर को आगे बढ़ाएं और खेलों के समर्थन में जागरूकता फैलाएं, ताकि हर प्रतिभा को उसका मंच मिल सके।

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Saroj Verma

दुमका/देवघर

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