#लातेहार #जमीनीविवाद : महासभा की बैठक में दस्तावेज जांच के बाद आपसी समझौते से निकला समाधान।
लातेहार जिले के बालूमाथ प्रखंड अंतर्गत जाला गांव में लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद का समाधान प्रांतीय यादव महासभा की पहल पर किया गया। महासभा की बैठक में दोनों पक्षों के बीच दस्तावेजों की जांच और आपसी सहमति के बाद कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। विवाद बुधनी अहीरिन और कमल महतो के बीच 27 डिसमिल जमीन को लेकर था। बैठक में समाज के पदाधिकारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में समझौते का रास्ता निकाला गया।
- जाला गांव में लंबे समय से चल रहा 27 डिसमिल जमीन विवाद सुलझा।
- विवाद के समाधान में प्रांतीय यादव महासभा ने अहम भूमिका निभाई।
- दस्तावेजों की जांच के बाद दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से फैसला माना।
- कुछ पक्षों को जमीन संबंधी कागजात प्रस्तुत करने के लिए 35 दिन का समय दिया गया।
- निर्णय उल्लंघन करने वालों पर एक लाख रुपये दंड की चेतावनी दी गई।
बालूमाथ प्रखंड के जाला गांव में लंबे समय से चल रहे जमीन विवाद को लेकर रविवार को प्रांतीय यादव महासभा प्रखंड इकाई बालूमाथ की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष श्याम सुंदर यादव ने की।
महासभा की पहल पर हुआ समाधान
बैठक में बुधनी अहीरिन और कमल महतो के बीच चल रहे 27 डिसमिल जमीन विवाद पर विस्तार से चर्चा हुई। बताया गया कि दोनों पक्षों का जमीन में आधा-आधा हिस्सा था, लेकिन पूर्व में जमीन कटवाने के दौरान त्रुटि हो गई थी, जिससे विवाद उत्पन्न हुआ।
महासभा के पदाधिकारियों और ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों पक्षों के दस्तावेजों की जांच की गई और आपसी सहमति से समाधान का रास्ता निकाला गया।
दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए मिला समय
बैठक में निर्णय लिया गया कि भुनेश्वर यादव को 7.5 डिसमिल जमीन से संबंधित खतियान और केवाला प्रस्तुत करने के लिए 35 दिनों का समय दिया जाएगा।
यदि तय समय के भीतर दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाते हैं, तो दशरथ यादव के रुके हुए मकान निर्माण कार्य को दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।
जमीन अदला-बदली और रजिस्ट्री पर बनी सहमति
बैठक में यह भी तय हुआ कि महादेव यादव द्वारा बुधनी अहीरिन की जमीन पर बनाए गए मकान के बदले या तो जमीन की अदला-बदली की जाएगी या आर्थिक मुआवजा देकर विधिवत रजिस्ट्री कराई जाएगी।
वहीं कमल महतो के पुत्र द्वारा 1.75 डिसमिल जमीन दशरथ यादव के नाम रजिस्ट्री करने पर भी सहमति बनी।
निर्णय उल्लंघन पर सख्त चेतावनी
महासभा की ओर से स्पष्ट कहा गया कि यदि कोई व्यक्ति बैठक में लिए गए निर्णयों का उल्लंघन करेगा, तो उस पर समाज की ओर से एक लाख रुपये का दंड लगाया जाएगा। साथ ही सामाजिक और शारीरिक दंड की भी चेतावनी दी गई।
बैठक में उपस्थित लोगों ने कहा कि समाज के स्तर पर आपसी समझौते से विवाद सुलझाना सभी के हित में होता है और इससे अदालतों के लंबे विवादों से बचा जा सकता है।
बड़ी संख्या में ग्रामीण रहे मौजूद
बैठक में जिला कोषाध्यक्ष मनोज यादव, राजनीतिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष मनोज यादव, गोपाल चंद्र यादव, प्रदीप यादव, राजन कुमार यादव, दशरथ यादव, संदीप यादव, निर्मल यादव, चंद्रमोहन यादव, हरिहर यादव, महेंद्र यादव, भुनेश्वर यादव, मोहन यादव, वीरेंद्र यादव, रामजीत यादव, नन्कु यादव, नरेंद्र यादव, अजय यादव, बंधन यादव, महादेव यादव, चित्तमती यादव, लोचन यादव और प्रकाश यादव समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
न्यूज़ देखो: सामाजिक स्तर पर समाधान की सकारात्मक पहल
जमीन विवाद ग्रामीण क्षेत्रों में अक्सर तनाव और लंबे कानूनी विवाद का कारण बनते हैं। ऐसे में समाज और पंचायत स्तर पर आपसी सहमति से समाधान निकालना एक सकारात्मक पहल मानी जा सकती है। इससे सामाजिक सौहार्द भी बना रहता है और लोगों का समय व धन दोनों बचते हैं। हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
संवाद और समझौता ही सामाजिक एकता की पहचान
गांव और समाज की मजबूती आपसी विश्वास और संवाद से बढ़ती है।
विवादों का शांतिपूर्ण समाधान आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहतर माहौल बनाता है।
सकारात्मक पहल का समर्थन करें, सामाजिक एकता बनाए रखें और जागरूक नागरिक बनें। अपनी राय कमेंट करें और खबर साझा करें।

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