बानो प्रखंड में दो दिवसीय कार्यशाला: पेसा कानून के तहत जनप्रतिनिधियों को मिला विशेष प्रशिक्षण

बानो प्रखंड में दो दिवसीय कार्यशाला: पेसा कानून के तहत जनप्रतिनिधियों को मिला विशेष प्रशिक्षण

author Shivnandan Baraik
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#बानो #पंचायतीराज : ग्राम सभा के अधिकार और जिम्मेदारियों पर गहन चर्चा
  • पंचायती राज विभाग के तत्वावधान में प्रखंड स्तरीय कार्यशाला आयोजित।
  • पेसा कानून के तहत जनप्रतिनिधियों को मिला दो दिवसीय प्रशिक्षण।
  • प्रशिक्षण कार्यक्रम में बीडीओ नयूमुद्दीन अंसारी और प्रमुख सिधार डांग रहे मौजूद।
  • ट्रेनर विश्वनाथ बड़ाइक ने बताया पेसा कानून से ग्राम सभा के अधिकार होंगे मजबूत।
  • कार्यक्रम में उप प्रमुख, पंचायत समिति, मुखिया, ग्राम प्रधान और पंचायत सहायक रहे उपस्थित।

बानो। पंचायती राज विभाग के तत्वावधान में मंगलवार से प्रखंड स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों को पेसा कानून के प्रावधानों और उनके महत्व से अवगत कराना था। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय ग्रामीण स्वराज अभियान के अंतर्गत किया गया।

पेसा कानून से बदलेंगे ग्राम सभा के अधिकार

प्रशिक्षण के दौरान ट्रेनर विश्वनाथ बड़ाइक ने विस्तार से समझाया कि पेसा कानून लागू होने के बाद अनुसूचित क्षेत्रों की ग्राम सभाओं को और अधिक अधिकार प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कई प्रक्रियाओं में बदलाव होगा और ग्राम सभा की भूमिका विकास कार्यों, निर्णय लेने और संसाधनों के उपयोग में और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी।

अधिकारियों और प्रतिनिधियों की भागीदारी

इस कार्यशाला में बीडीओ नयूमुद्दीन अंसारी और प्रमुख सिधार डांग विशेष रूप से मौजूद रहे। साथ ही उप प्रमुख, पंचायत समिति के सदस्य, पंचायत मुखिया, ग्राम प्रधान, ग्राम सभा मोबिलाइजर और पंचायत सहायकों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। सभी प्रतिनिधियों ने प्रशिक्षण के दौरान पेसा कानून की विभिन्न धाराओं और उनके व्यावहारिक असर पर गहन चर्चा की।

जनप्रतिनिधियों में उत्साह

प्रशिक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों ने सवाल-जवाब के माध्यम से कई बिंदुओं पर स्पष्टता हासिल की। उपस्थित लोगों ने माना कि इस प्रकार की कार्यशालाएँ उनके लिए उपयोगी हैं और भविष्य में उनके काम को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाएंगी।

न्यूज़ देखो: पेसा कानून से मजबूत होगी स्थानीय लोकतंत्र की नींव

यह प्रशिक्षण केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं था बल्कि स्थानीय लोकतंत्र को सशक्त करने की दिशा में एक ठोस कदम था। जब ग्राम सभा मजबूत होगी तो विकास की दिशा भी तेजी से बदलेगी। आने वाले समय में इस कानून के सफल क्रियान्वयन से गांवों की तस्वीर बदल सकती है।

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अब जागरूक प्रतिनिधि बनाएंगे सशक्त पंचायत

अब समय है कि पंचायत प्रतिनिधि पेसा कानून से मिले अधिकारों का सही उपयोग करें और गांव के संसाधनों व निर्णय प्रक्रिया को पारदर्शी बनाएं। आप भी इस खबर को साझा करें ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक हों और स्थानीय शासन की ताकत बढ़े।

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Written by

बानो, सिमडेगा

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