
#खूंटी #रांची #कृषिनवाचार : बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में किसानों ने सीखी वैज्ञानिक खेती की तकनीकें।
ग्रामीण किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने के उद्देश्य से WCSF चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन द्वारा खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड के किसानों के लिए एक शैक्षणिक एक्सपोज़र विज़िट का आयोजन किया गया। 14 मार्च 2026 को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, कांके में आयोजित एग्रो टेक किसान मेला 2026 में 50 महिला और पुरुष किसानों ने भाग लेकर वैज्ञानिक खेती, उन्नत बीज और आधुनिक कृषि तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
- कर्रा प्रखंड के 50 महिला एवं पुरुष किसान एग्रो टेक किसान मेला 2026 में हुए शामिल।
- कार्यक्रम 14 मार्च 2026 को बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, कांके (रांची) में आयोजित।
- आयोजन कृषि विज्ञान केंद्र खूंटी द्वारा, पहल WCSF चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन की।
- किसानों ने उन्नत बीज, आधुनिक उपकरण, जैविक खेती और कीट प्रबंधन की तकनीकें सीखी।
- टीम का नेतृत्व एलेन गुड़िया ने किया, विभिन्न गांवों के किसानों ने लिया प्रशिक्षण।
ग्रामीण किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और उन्हें वैज्ञानिक खेती के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से डब्ल्यूसीएसएफ चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन (WCSF Foundation) द्वारा एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक एक्सपोज़र विज़िट का आयोजन किया गया। इस पहल के तहत खूंटी जिले के कर्रा प्रखंड के महिला एवं पुरुष किसानों को 14 मार्च 2026 को रांची के कांके स्थित बिरसा कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित “एग्रो टेक किसान मेला 2026” में भाग लेने का अवसर प्रदान किया गया।
यह कार्यक्रम अनुसूचित जनजाति उपयोजना के अंतर्गत आयोजित किया गया था, जिसका संचालन कृषि विज्ञान केंद्र, खूंटी द्वारा किया गया। इस पहल के माध्यम से WCSF फाउंडेशन ने किसानों को नई कृषि तकनीकों और उन्नत खेती के तरीकों से सीधे तौर पर जोड़ने का प्रयास किया।
50 किसानों ने लिया शैक्षणिक भ्रमण में हिस्सा
इस एक्सपोज़र विज़िट में WCSF चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन से जुड़े कर्रा प्रखंड के किसानों की एक टीम ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। किसानों के इस समूह का नेतृत्व एलेन गुड़िया ने किया।
उनके मार्गदर्शन में कर्रा प्रखंड के विभिन्न गांवों से आए कुल 50 महिला एवं पुरुष किसानों ने इस शैक्षणिक भ्रमण में भागीदारी की। फाउंडेशन का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों और कृषि आधारित आजीविका के नए अवसरों से परिचित कराना था।
कृषि वैज्ञानिकों से सीधा संवाद
एग्रो टेक किसान मेला 2026 के दौरान किसानों ने विश्वविद्यालय परिसर में लगे विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से सीधे संवाद करने का अवसर मिला।
किसानों को उन्नत बीज, आधुनिक कृषि उपकरण, जैविक खेती, कीट प्रबंधन, जल संरक्षण, सब्जी उत्पादन और फलोत्पादन से संबंधित नई तकनीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
विशेषज्ञों ने किसानों को बताया कि वैज्ञानिक और आधुनिक खेती की पद्धतियों को अपनाकर वे कम संसाधनों में भी अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं और अपनी आय में वृद्धि कर सकते हैं।
वैकल्पिक आजीविका के साधनों पर भी मिला मार्गदर्शन
कार्यक्रम के दौरान किसानों को कृषि से जुड़े कई वैकल्पिक आजीविका के साधनों के बारे में भी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने उन्हें बहुफसली खेती, पशुपालन, मधुमक्खी पालन और सब्जी उत्पादन जैसे विकल्पों को अपनाने की सलाह दी।
उन्होंने बताया कि यदि किसान इन गतिविधियों को अपनी खेती के साथ जोड़ते हैं तो वे अपनी आय के अतिरिक्त स्रोत विकसित कर सकते हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।
किसानों को प्रेरित करने का प्रयास
WCSF चैरिटीस्पिरिट फाउंडेशन का मानना है कि किसानों को नई तकनीकों और वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ना ग्रामीण विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। संस्था केवल किसानों को कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर ही नहीं देती, बल्कि उन्हें ज्ञान, प्रशिक्षण और प्रेरणा से भी जोड़ने का कार्य करती है।
फाउंडेशन का उद्देश्य है कि किसान आधुनिक खेती की तकनीकों को अपनाकर अपनी खेती को अधिक लाभकारी बनाएं और अपने गांवों में अन्य किसानों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनें।
कृषि विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार के शैक्षणिक भ्रमण किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होते हैं। इससे उन्हें नई तकनीकों को नजदीक से देखने और समझने का अवसर मिलता है।
ऐसे कार्यक्रमों से किसानों को अपने खेतों में नई तकनीकों को लागू करने की प्रेरणा मिलती है, जिससे भविष्य में क्षेत्र में आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी कृषि प्रणाली को बढ़ावा मिल सकता है।

न्यूज़ देखो: आधुनिक खेती से बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था
ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देना बेहद जरूरी है। जब किसान नई तकनीकों को अपनाते हैं तो न केवल उनकी उत्पादन क्षमता बढ़ती है, बल्कि उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होती है।
ऐसी पहलें किसानों को ज्ञान और संसाधनों से जोड़कर ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
हर खबर पर रहेगी हमारी नजर।
नई तकनीक और प्रशिक्षण से मजबूत होगा किसान
आज के समय में खेती केवल परंपरागत तरीकों तक सीमित नहीं रह गई है। आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और जागरूकता के माध्यम से किसान अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं।
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